टीएमसी के 20 सांसद हुए बागी – पश्चिम बंगाल में विधायक दल में बिखराव के बाद टीएमसी संसदीय दल में टूट कन्फर्म हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में अलग व्यवस्था देने की मांग की है। सांसदों ने अपने पत्र में बताया है कि वह एनडीए में शामिल होना चाहते हैं…
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20 बागी सांसदों की सूची
हस्ताक्षर करने वालों में अरुप चक्रवर्ती, पार्थ भौमिक, शताब्दी राॅय, जगदीश वसुनिया, काकोली घोष दस्तीदार, प्रसून बनर्जी, कालीपदा सोरेन, शर्मिला सरकार, जून मालिया, वापी हलदर, असित मल, सुवेंदु शेखर रॉय समेत 20 सांसद बताए जा रहे हैं।
बागी गुट की नेता के तौर काकोली घोष दस्तीदार को मान्यता देने की मांग की गई है।
टीएमसी के लोकसभा में सदस्य की सूची (28 सांसद)
| सांसद |
|---|
| अभिषेक बनर्जी |
| शताब्दी रॉय |
| डॉ. काकोली घोष दस्तीदार |
| देव अधिकारी |
| सजदा अहमद |
| रचना बनर्जी |
| प्रतिमा मोंडल |
| महुआ माेइत्रा |
| जगदीश बसुनिया |
| सायोनी घोष |
| माला रॉय |
| सुदीप बंधोपाध्याय |
| बापी हल्दर |
| प्रो. सौगत राय |
| अरूप चक्रवर्ती |
| जून मालियाह |
| कल्पित दा सरेन खेरवाल |
| मिताली बेग |
| कल्याण बनर्जी |
| पार्थ भौमिक |
| असित कुमार मल |
| शत्रुघ्न सिन्हा |
| कीर्ति आजाद |
| डॉ. शर्मिला सरकार |
| यूसुफ पठान |
| अबु तहेर खान |
| खर्लीलुर रहमान |
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बागियों की मीटिंग
सांसदों ने मीटिंग के बाद बनाया गुट। लोकसभा अध्यक्ष को अलग गुट की मान्यता देने की चिट्ठी लिखने से पहले सोमवार को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर बागियों की मीटिंग हुई।
- मीटिंग में राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय भी शामिल थे
बाद में सुखेंदु शेखर रॉय ने सभापति सी. पी. राधाकृष्णन से मुलाकात कर राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया और टीएमसी छोड़ने की घोषणा की।
उन्होंने बताया कि मैंने पार्टी से इस्तीफा देने के अपने फैसले से ममता बनर्जी को व्हाट्सऐप और ईमेल के जरिये अवगत करा दिया है। विधानसभा में विधायक दल में टूट पर हो रहे दावों पर सुखेंदु रॉय ने कहा:
“क्या कोई यह बता सकता है कि राज्यसभा या लोकसभा में वैसी ही स्थिति पैदा नहीं होगी?”
ममता बनर्जी की घट गई ताकत
बता दें कि तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल में बगावत उस समय हुई है, जब ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी इंडिया गठबंधन की मीटिंग में बीजेपी के खिलाफ एकजुटता दिखा रहे थे। टीएमसी सांसदों में संभावित बगावत को रोकने के लिए पहले अभिषेक बनर्जी दिल्ली पहुंचे थे।
उसके बाद शनिवार शाम को ममता बनर्जी दिल्ली पहुंची थी, लेकिन टीएमसी सांसदों की टूट को नेतृत्व नहीं रोक पाया। विधायकाें के बाद सांसदों के अलग गुट बना लेने से ममता बनर्जी की टीएमसी को तगड़ा झटका लगा है। वे महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे वाली स्थिति में आ गई हैं।
टीएमसी टूट : मुख्य तथ्य सारांश
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| बागी सांसद | 20 |
| लोकसभा स्पीकर | ओम बिरला |
| मांग | संसद में अलग व्यवस्था |
| एनडीए शामिल | चाहते हैं |
| नेता | काकोली घोष दस्तीदार |
| मीटिंग स्थान | भूपेंद्र यादव के आवास |
| इस्तीफा | सुखेंदु शेखर राय (राज्यसभा) |
| ममता की स्थिति | उद्धव ठाकरे वाली |
निष्कर्ष
पश्चिम बंगाल में टीएमसी के 20 सांसद बागी हुए और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर अलग व्यवस्था मांगी।
मुख्य तथ्य:
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| बागी गुट | 20 सांसद |
| नेता | काकोली घोष दस्तीदार |
| एनडीए | शामिल होना चाहते हैं |
| मीटिंग | भूपेंद्र यादव के आवास |
| इस्तीफा | सुखेंدु शेखर राय |
| ममता बनर्जी | उद्धव ठाकरे वाली स्थिति |
20 बागी सांसदों में अरुप चक्रवर्ती, पार्थ भौमिक, शताब्दी रॉय, काकोली घोष दस्तीदार, प्रसून बनर्जी समेत महत्वपूर्ण नाम हैं। सुखेंदु शेखर राय ने राज्यसभा से इस्तीफा देकर टीएमसी छोड़ दी और ममता बनर्जी को व्हाट्सऐप/ईमेल से अवगत कराया। ममता बनर्जी की ताकत घटी है, वे उद्धव ठाकरे वाली स्थिति में आ गई हैं।
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