रणवीर सिंह पर बैन – रणवीर सिंह पर FWICE के बैन से ‘डॉन 3’ के 300 कामगार बेरोजगार हो सकते हैं। फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने उठाए सवाल, निर्माताओं को 45 करोड़ का नुकसान। जानिए पूरा मामला…
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रणवीर सिंह पर बैन से 300 लोगों की रोजी-रोटी डूबने की नौबत, फिल्ममेकर ने उठाए बड़े सवाल
बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह इन दिनों फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं। दरअसल, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले फिल्म से खुद को अलग करने के चलते उन पर बैन लगा दिया। इस पर इंडस्ट्री में लगातार बहस छिड़ी हुई है।
इसी बीच फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने रणवीर सिंह पर लगाए गए बैन को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि किसी बड़े अभिनेता को बैन करने का असर सिर्फ उस कलाकार पर नहीं पड़ता, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सैकड़ों कामगारों की रोजी-रोटी पर भी पड़ता है।
FWICE ने जारी किया नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव, निर्माताओं को 45 करोड़ का नुकसान
दरअसल FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया है। यह फैसला तब लिया गया, जब फिल्म ‘डॉन 3’ के निर्माताओं फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने फेडरेशन से शिकायत की।
शिकायत में कहा गया :
- रणवीर सिंह के अचानक फिल्म छोड़ने की वजह से निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है
- निर्माताओं को लगभग 45 करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा
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संजय गुप्ता का बड़ा बयान: “300 लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी”
संजय गुप्ता ने इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर अपनी राय रखते हुए कहा :
“जब कोई ए-लिस्ट अभिनेता किसी फिल्म की शूटिंग करता है, तो सेट पर लगभग 300 लोग काम करते हैं। इनमें स्पॉट बॉय, लाइटमैन, कैमरा टीम, मेकअप आर्टिस्ट, कॉस्ट्यूम स्टाफ और कई दूसरे कर्मचारी शामिल होते हैं। अगर किसी अभिनेता को बैन कर दिया जाता है, तो सिर्फ अभिनेता का काम नहीं रुकता, बल्कि उन सैकड़ों लोगों की रोजी-रोटी भी प्रभावित होती है, जो फिल्म इंडस्ट्री पर निर्भर रहते हैं।”
संजय गुप्ता ने अपने पोस्ट में आगे लिखा :
“किसी बड़े कलाकार को रोकने से शायद वह पूरी तरह प्रभावित न हो, लेकिन उसके साथ काम करने वाले कर्मचारी बेरोजगार हो सकते हैं। आखिर ऐसे फैसलों का क्या मतलब है।” [टेक्स्ट स्रोत]
अशोक पंडित का बयान: शूटिंग से 3 हफ्ते पहले छोड़ी फिल्म, तैयारियां पूरी थीं
इस पूरे विवाद को लेकर FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने IANS से बात करते हुए बताया था कि:
- रणवीर सिंह ने शूटिंग शुरू होने से सिर्फ तीन हफ्ते पहले फिल्म छोड़ने का फैसला किया [टेक्स्ट स्रोत]
- उस समय तक फिल्म की लगभग सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं [टेक्स्ट स्रोत]
- शूटिंग की लोकेशन तय हो चुकी थी [टेक्स्ट स्रोत]
- होटल बुक किए जा चुके थे [टेक्स्ट स्रोत]
- शूटिंग की परमिशन भी ले ली गई थी
अशोक पंडित ने कहा :
“इतनी बड़ी फिल्म के लिए पहले से काफी पैसा खर्च किया जा चुका था। ऐसे में रणवीर के अचानक पीछे हटने से मेकर्स को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इस नुकसान से मेकर्स के साथ-साथ पूरी टीम प्रभावित होती है।”
उन्होंने आगे बताया:
“फेडरेशन ने रणवीर सिंह से कई बार बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद यह फैसला लिया गया।”
रणवीर सिंह बैन केस: मुख्य बिंदुओं में पूरी घटना
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| फिल्म | डॉन 3 |
| एक्टर | रणवीर सिंह |
| बैन लगाया توسط | FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज) |
| बैन का कारण | शूटिंग शुरू होने से 3 हफ्ते पहले फिल्म छोड़ी |
| निर्माताओं का नुकसान | लगभग ₹45 करोड़ |
| प्रभावित कामगार | करीब 300 लोग |
| FWICE मुख्य सलाहकार | अशोक पंडित |
| फिल्ममेकर की राय | संजय गुप्ता ने बैन पर सवाल उठाए |
सेट पर कौन-कौन काम करता है? 300 लोगों की लिस्ट
संजय गुप्ता के बयान के मुताबिक, एक ए-लिस्ट फिल्म के सेट पर लगभग 300 लोग काम करते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- स्पॉट बॉय – सेट की तैयारी और सहायता
- लाइटमैन – लाइटिंग और ब्रॉडकास्ट
- कैमरा टीम – कैमरा ऑपरेटर, फोकस पलर, डीओपी
- मेकअप आर्टिस्ट – कलाकारों के मेकअप और हेयर स्टाइल
- कॉस्ट्यूम स्टाफ – कपड़े, डिज़ाइन और ट्रायल
- प्रोडक्शन कर्मचारी – स्क्रीनप्ले, शूटिंग स्कीम
- लॉजिस्टिक टीम – ट्रांसपोर्ट, होटल बुकिंग
- सेफ्टी ऑफिसर – सेट सुरक्षा
- एडिटिंग टीम – फुटेज एडिटिंग
- साउंड टीम – डायलॉब, बैकग्राउंड म्यूजिक
इनमें से हर व्यक्ति की रोजी-रोटी फिल्म इंडस्ट्री पर निर्भर है।
बैन का असर : एक्टर Vs कामगार, कौन ज्यादा प्रभावित?
संजय गुप्ता के बयान के मुताबिक, इस मामले में दो अलग-अलग पहलू हैं :
| पहलू | एक्टर (रणवीर सिंह) | कामगार (300 लोग) |
|---|---|---|
| आर्थिक प्रभाव | कम (बड़े एक्टर के पास alternativas हैं) [टेक्स्ट स्रोत] | ज्यादा (रोजगार तुरंत बंद) |
| बेरोजगारी | नहीं होगी | हो सकती है |
| भविष्य की चिंता | कम | ज्यादा |
| परिवार पर असर | सीमित | सीधे परिवार की रोजी-रोटी प्रभावित |
संजय गुप्ता ने कहा :
“किसी बड़े कलाकार को रोकने से शायद वह पूरी तरह प्रभावित न हो, लेकिन उसके साथ काम करने वाले कर्मचारी बेरोजगार हो सकते हैं।”
निष्कर्ष: बैन से एक्टर से ज्यादा कामगार प्रभावित, सवाल उठ रहे हैं
रणवीर सिंह पर FWICE का बैन लगाने से सिर्फ एक्टर नहीं, बल्कि 300 कामगारों की रोजी-रोटी पर गंभीर असर पड़ रहा है। फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़े कलाकार को रोकने से वह शाइद प्रभावित न हो, लेकिन उनके साथ काम करने वाले कर्मचारी बेरोजगार हो सकते हैं।
मुख्य तथ्य
- रणवीर सिंह ने शूटिंग से 3 हफ्ते पहले फिल्म छोड़ी
- निर्माताओं को ₹45 करोड़ का नुकसान
- FWICE ने कई बार बातचीत की, लेकिन जवाब नहीं मिला
- 300 कामगार प्रभावित, जिनमें स्पॉट बॉय, लाइटमैन, कैमरा टीम शामिल
- संजय गुप्ता ने सवाल उठाए: “ऐसे फैसलों का क्या मतलब है?”
यह मामला इंडस्ट्री में नैतिकता, जिम्मेदारी और कामगारों के अधिकारों पर बहस को जन्म दे रहा है। अगर एक्टर का व्यवहार इतना प्रभावित करता है, तो भविष्य में ऐसे फैसलों से पहले कामगारों के हित को भी ध्यान में रखना ज़रूरी होगा।
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