Delhi EV Policy Approved – दिल्ली सरकार ने राजधानी में प्रदूषण कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई EV पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक यह नीति 1 जुलाई 2026 से लागू होगी और आने वाले चार सालों में सरकार लगभग 15,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी…

कब से बंद होगा पेट्रोल बाइक का रजिस्ट्रेशन?

नई पॉलिसी का सबसे बड़ा बदलाव टू-व्हीलर से जुड़ा है। सरकार ने साफ किया है कि 1 अप्रैल 2028 के बाद दिल्ली में नए पेट्रोल और CNG से चलने वाले बाइक और स्कूटर का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। इसका मतलब यह नहीं है कि मौजूदा पेट्रोल बाइक तुरंत बंद हो जाएंगी, बल्कि भविष्य में नई खरीद के लिए इलेक्ट्रिक विकल्प को प्राथमिकता मिलेगी।

किस तरह के टू-व्हीलर को मिलेगी एंट्री?

नई नीति के तहत दिल्ली में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को बढ़ावा दिया जाएगा। यानी आने वाले समय में नई खरीद के लिए EV बाइक और स्कूटर ही मुख्य विकल्प बनेंगे। सरकार का मकसद है कि लोगों को साफ-सुथरे और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की ओर शिफ्ट किया जाए।

ऑटो और थ्री-व्हीलर पर भी असर

सरकार ने सिर्फ बाइक और स्कूटर ही नहीं, बल्कि तीन पहिया वाहनों को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में सिर्फ इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा का नया रजिस्ट्रेशन होगा। इससे सार्वजनिक परिवहन को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक मॉडल में बदला जाएगा।

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Delhi EV Policy Approved
Delhi EV Policy Approved

कितनी मिलेगी सब्सिडी?

नई EV नीति में खरीदारी को आसान बनाने के लिए आर्थिक मदद भी दी जा रही है। पहले साल में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने वालों को 30,000 रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के लिए यह सहायता 50,000 रुपये तक होगी। इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति BS-4 या उससे पुराने चार पहिया वाहन को स्क्रैप करके इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है, तो उसे 1 लाख रुपये तक का इंसेंटिव मिल सकता है। सरकार ने यह भी साफ किया है कि हाइब्रिड वाहनों को इस नीति के तहत कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी।

क्या मौजूदा पेट्रोल बाइक बंद हो जाएगी?

बहुत से लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या जिनके पास पहले से पेट्रोल बाइक है, उनकी गाड़ी पर असर पड़ेगा। सरकार ने इस पर स्पष्ट किया है कि मौजूदा पेट्रोल या CNG टू-व्हीलर बंद नहीं होंगे। यह नियम केवल नई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर लागू होगा।

यानी अगर आपके पास अभी पेट्रोल बाइक है, तो आप उसे पहले की तरह चला सकते हैं। अभी किसी पुराने वाहन को स्क्रैप करने या जबरन बंद करने का कोई फैसला नहीं लिया गया है।

क्यों अहम है यह फैसला?

दिल्ली लंबे समय से प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है। ऐसे में EV नीति का मकसद शहर में पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करना, सार्वजनिक परिवहन को साफ बनाना और लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ लाना है।

सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में अगर लोग बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर अपनाते हैं, तो हवा की गुणवत्ता में सुधार देखा जा सकता है। साथ ही ईंधन खर्च भी कम होगा।

आगे क्या होगा?

अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि लोग इस नई नीति को किस तरह अपनाते हैं और बाजार में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की मांग कितनी तेजी से बढ़ती है। सब्सिडी, रजिस्ट्रेशन नियम और आने वाले वर्षों की समयसीमा मिलाकर यह साफ है कि दिल्ली अपने परिवहन ढांचे को इलेक्ट्रिक दिशा में ले जाने की तैयारी कर रही है।

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