ये सिर्फ बीजेपी में संभव – बीजेपी कब किस कार्यकर्ता को क्या जिम्मेदारी दे दे, कोई नहीं जानता। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम के लिए जो मंथन चला, उस समय भी पार्टी ने मोहन यादव जो तीसरी पंक्ति में बैठे थे, उनको यह जिम्मेदारी दी….
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कमोबेश ऐसा ही हाल राजस्थान में हुआ। अभी राज्यसभा चुनाव के लिए भी बीजेपी ने ऐसे ही नाम चुने हैं। तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल के बाद बीजेपी ने तीसरे उम्मीदवार के तौर पर महेश केवट को उतारा है।
राजनीति का पहिया कितनी बेरहमी और अतरंगे ढंग से घूमता है, इसकी जीती-जागती मिसाल हैं महेश केवट।
2022 में किए थे पार्टी से बाहर
साल 2022 में निवाड़ी नगर परिषद चुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार को वोट देने के आरोप में बीजेपी ने जिन 11 नेताओं को 6 साल के लिए बाहर किया था, उनमें महेश केवट का नाम सबसे ऊपर था।
लेकिन आज वक्त बदल चुका है। बीजेपी ने न सिर्फ उनका निष्कासन रद्द किया, बल्कि उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा देकर अब सीधे राज्यसभा के दंगल में झोंक दिया है। दिलचस्प बात यह है कि कभी पार्टी से बाहर कराने वाला यह ’11’ का आंकड़ा ही अब उन्हें संसद की दहलीज तक ले जा सकता है।
क्रॉस वोटिंग के आरोप में महेश केवट 2022 में बीजेपी से निकाले गए
क्रॉस वोटिंग के आरोप में महेश केवट 2022 में बीजेपी से निकाले गए थे, वही 11 नंबर अब उन्हें राज्यसभा पहुंचा सकता है।
बीजेपी के गणित:
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| बीजेपी के पास सरप्लस वोट | 47 |
| तीसरी सीट के लिए जरूरी | 11 वोट |
| जीत के आंकड़े | 58 |
बीजेपी को अपनी दो सुरक्षित सीटों को जिताने के बाद भी तरकश में करीब 47 सरप्लस वोट बचते हैं। राज्यसभा की तीसरी सीट पर कब्जा करने के लिए जादुई आंकड़ा 58 का है। यानी बीजेपी को अपनी इस तीसरी सीट को निकालने के लिए ठीक 11 अतिरिक्त वोटों की दरकार है।
कांग्रेस का खौफ:
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| कांग्रेस उम्मीदवार के वोट | 61 |
| जीत के आंकड़े | 58 |
| सरप्लस | +3 वोट |
कांग्रेस उम्मीदवार के पास कुल 61 वोट हैं, जो जीत के आंकड़े (58) से सिर्फ 3 ज्यादा हैं। जरा सी सेंधमारी भी खेल बिगाड़ देगी।
विधानसभा के गणित ने उड़ाए कांग्रेस के होश
विधानसभा के गणित ने उड़ाए कांग्रेस के होश। गणित में ग्रैजुएट महेश केवट इस समय अपनी जिंदगी के सबसे बड़े सियासी जोड़-घटाव में लगे हैं। विधानसभा के समीकरणों को देखें तो बीजेपी अपनी दो सीटें बेहद आसानी से जीत रही है।
जीत के लिए जरूरी आंकड़ा: 58
11 अतिरिक्त वोटों की दरकार है।
यही वजह है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और दिग्गज नेता कैलाश विजयवर्गीय के वो दावे अब केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि कांग्रेस के भीतर बड़ी सेंधमारी की पुख्ता रणनीति का हिस्सा नजर आ रहे हैं।
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दल / उम्मीदवार वोट गणित टेबल
| दल / उम्मीदवार | उपलब्ध पक्के वोट | जीत के लिए जरूरी आंकड़ा | जीत का अंतर | संभावित रणनीति |
|---|---|---|---|---|
| BJP (2 सुरक्षित सीटें) | 116 (दो सीटों के लिए) | 116 | 0 | दो उम्मीदवारों की जीत पूरी तरह तय है |
| महेश केवट (BJP – तीसरी सीट) | 47 | 58 | -11 वोट की कमी | कांग्रेस खेमे से 11 विधायकों की क्रॉस वोटिंग या पाला बदलवाने |
| मीनाक्षी नटराजन (Congress) | 61 | 58 | +3 वोट सरप्लस | सिर्फ 3 वोटों की पतली सुरक्षा, रिसॉर्ट पॉलिटिक्स |
कांग्रेस में खौफ का माहौल
दूसरी तरफ, कागज पर मजबूत दिखने वाली कांग्रेस के भीतर इस ‘नंबर 11’ के भूत ने गहरी दहशत पैदा कर दी है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के पास फिलहाल 61 प्रभावी वोट हैं, जो जीत के आंकड़े (58) से सिर्फ 3 वोट ज्यादा हैं।
अगर बीजेपी की रणनीति के तहत जरा सी भी क्रॉस वोटिंग या चूक हुई, तो कांग्रेस का गेम ओवर होना तय है। इसी टूट के डर से कांग्रेस आलाकमान ने अपने विधायकों को तेलंगाना या कर्नाटक के रिसॉर्ट्स में शिफ्ट करने की तैयारी शुरू कर दी है।
विधायकों के टूटने और क्रॉस वोटिंग के डर से कांग्रेस अपने कुनबे को बचाने के लिए उन्हें तेलंगाना या कर्नाटक भेजने की तैयारी में है।
मुख्यमंत्री और कैलाश विजयवर्गीय के बयान
मुख्यमंत्री और कैलाश विजयवर्गीय के बयानों से साफ है कि बीजेपी तीसरी सीट पर महज दिखावे के लिए नहीं, बल्कि पूरे गुणा-भाग के साथ उतरी है।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश के महेश केवट की राजनीति कहानी 6 साल निष्कासन से राज्यसभा उम्मीदवार तक का सफर है।
मुख्य तथ्य
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| 2022 निष्कासन | क्रॉस वोटिंग, 6 साल |
| वही 11 नंबर | अब राज्यसभा पहुंचा सकता |
| BJP सरप्लस | 47 वोट |
| तीसरी सीट जरूरी | 11 वोट |
| जीत आंकड़ा | 58 |
| कांग्रेस वोट | 61, +3 सरप्लस |
| कांग्रेस strategy | तेलंगाना/कर्नाटक रिसॉर्ट |
47 सरप्लस वोट के साथ बीजेपी 11 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है तीसरी सीट के लिए। कांग्रेस के पास सिर्फ 3 वोट की पतली सुरक्षा, रिसॉर्ट पॉलिटिक्स शुरू। महेश केवट ने 2022 में पार्टी से बाहर हुआ, आज राज्यमंत्री दर्जा और राज्यसभा उम्मीदवार।
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