Wife Killed Husband In Jamnagar – गुजरात के जामनगर से सामने आई यह वारदात किसी थ्रिलर फिल्म जैसी लगती है, लेकिन यह हकीकत है। पुलिस जांच के मुताबिक, अवैध संबंधों में बाधा बन रहे पति जिग्नेश धर्मेशभाई मावदिया की पत्नी पृथ्वी ने अपने प्रेमी नीलेश मनसुखभाई कचेटिया के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और फिर शव को एक फैक्ट्री में 12 से 15 फीट गहरे गड्ढे में दबा दिया…
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कैसे रची गई साजिश
रिपोर्टों के अनुसार, जिग्नेश को शराब में साइनाइड मिलाकर पिलाया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद दोनों ने दरेड GIDC इलाके में किराए की एक फैक्ट्री में गड्ढा खोदकर शव को छिपा दिया, ताकि पहचान और सबूत दोनों मिटाए जा सकें।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरी साजिश में एक तीसरा व्यक्ति भी शामिल बताया जा रहा है। कुछ रिपोर्टों में बलवीर वर्मा का नाम सामने आया है, जिसे कथित तौर पर सबूत छिपाने या शव दफनाने में मददगार बताया जा रहा है।
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दो साल का झूठ
हत्या के बाद पृथ्वी ने परिवार को बताया कि जिग्नेश ऑस्ट्रेलिया में नौकरी कर रहा है। जब परिवार ने उसका नंबर या कंपनी का पता पूछा, तो वह बहाने बनाती रही और कहती रही कि विदेश में काम के कारण उससे संपर्क नहीं हो सकता।
यही झूठ करीब दो साल तक चलता रहा। परिवार को शक तो था, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं था, इसलिए मामला लंबे समय तक लापता व्यक्ति की तरह ही बना रहा।
सच कैसे सामने आया
मामले का असली खुलासा तब हुआ जब जिग्नेश के भाई अशोक ने ऑस्ट्रेलिया जाने का जिक्र किया और पृथ्वी से कंपनी का पता मांगा। पृथ्वी ने टालमटोल शुरू की, जिससे अशोक का शक गहरा गया।
जब अशोक ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही, तो पृथ्वी घबरा गई और कथित तौर पर उसने कबूल कर लिया कि उसने दो साल पहले ही जिग्नेश की हत्या कर दी थी।
फैक्ट्री में मिला कंकाल
स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दरेड इलाके की फैक्ट्री में खुदाई कराई। फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में 12 से 15 फीट गहरे गड्ढे से मानव अवशेष, यानी कंकाल, बरामद किए गए।
पुलिस ने हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अब फॉरेंसिक जांच यह तय करेगी कि शव कितने समय से वहां दबा था और हत्या की प्रक्रिया में कौन-कौन शामिल था।
रिश्ते ने बदला रूप
रिपोर्टों के मुताबिक, पृथ्वी और नीलेश के बीच प्रेम संबंध जिग्नेश की शादी से पहले से थे और बाद में भी चलते रहे। जिग्नेश उनके रिश्ते में बाधा था, इसलिए उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई।
यही वजह है कि यह मामला सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि विश्वासघात, अवैध संबंध और लंबी साजिश का खतरनाक उदाहरण बन गया है।
पुलिस की जांच
पुलिस अब तीनों आरोपियों की भूमिका, हत्या के समय की परिस्थितियों और शव को ठिकाने लगाने की प्रक्रिया की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि साइनाइड कहां से लाया गया और शव को दफनाने में और कौन मददगार था।
कई रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि जिग्नेश की गुमशुदगी को लंबे समय तक अनदेखा किया गया, क्योंकि परिवार को भरोसा दिलाया गया था कि वह विदेश में है।
क्यों है यह मामला अलग
यह वारदात इसलिए भी चौंकाती है क्योंकि इसमें हत्या के बाद झूठ की एक पूरी कहानी गढ़ी गई। दो साल तक परिवार को अंधेरे में रखा गया और जब सच सामने आया, तो फैक्ट्री के भीतर दफन एक जिंदगी की कहानी भी उजागर हुई।
कई रिपोर्टों ने इस केस की तुलना “दृश्यम” जैसी कहानी से की है, लेकिन फर्क इतना है कि यहां जो हुआ, वह फिल्मी सस्पेंस नहीं बल्कि वास्तविक अपराध था।
निष्कर्ष
संक्षेप में, जामनगर में पत्नी पृथ्वी, उसके प्रेमी नीलेश और एक सहयोगी पर पति जिग्नेश की साइनाइड देकर हत्या करने और फिर शव को फैक्ट्री में दफनाने का आरोप है। परिवार को दो साल तक ऑस्ट्रेलिया वाली झूठी कहानी सुनाई गई, लेकिन देवर की शकभरी पूछताछ ने पूरा राज खोल दिया।

