Viral Story About Wedding of 3 Sisters – अमरोहा की वायरल “तीन बहनों की शादी” वाली कहानी का सच अब सामने आ गया है कि यह असली शादी नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के लिए बनाया गया प्रैंक वीडियो था। बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश होने पर तीनों लड़कियों ने खुद यह बात स्वीकार की कि उन्होंने यह वीडियो फॉलोअर्स बढ़ाने और वायरल होने के लिए बनाया था….
Contents
क्या था पूरा मामला
कुछ दिन पहले अमरोहा से एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें तीन लड़कियां एक ही युवक के साथ शादी करती दिख रही थीं। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया, अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आईं और प्रशासन तक को मामले में दखल देना पड़ा।
शुरुआत में इसे असली शादी बताकर चर्चा हुई, लेकिन जांच और CWC की पूछताछ के बाद लड़कियों ने कहा कि यह सिर्फ एक रील/प्रैंक था।
लड़कियों ने क्या कहा
रिपोर्टों के मुताबिक, तीनों में से एक लड़की ने बताया कि इस प्रैंक को पहले से प्लान किया गया था और उनका इरादा एक-दो दिन बाद सच्चाई बताने का था। लेकिन जब वीडियो वायरल हुआ और लोगों ने तरह-तरह के कमेंट करने शुरू किए, तो मामला उनके नियंत्रण से बाहर चला गया।
कहा जा रहा है कि दबाव बढ़ने पर उन्होंने पहले इसे असली शादी बताने की कोशिश की, लेकिन CWC के सामने बयान बदल दिया।
नाबालिग लड़की का सवाल
इस पूरे विवाद का सबसे गंभीर पहलू यह है कि वीडियो में दिखाई दे रही एक लड़की नाबालिग बताई जा रही है, जिसकी उम्र करीब 15 साल है। यही वजह है कि मामला सिर्फ वायरल कंटेंट का नहीं, बल्कि बाल संरक्षण से जुड़ी संवेदनशील जांच का भी बन गया है।
अगर यह तथ्य पुष्टि होता है, तो प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर सवाल और बढ़ेंगे। इसलिए CWC ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी और जांच तेज की।
CWC ने क्या कहा
अमरोहा की बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष के अनुसार, हसनपुर थाने के धौरीया गांव से जुड़ा यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उन्होंने बताया कि थाने से जांच रिपोर्ट आ चुकी है, लेकिन जिला प्रोबेशन विभाग की रिपोर्ट अभी नहीं मिली है।
Also Read – मेरी आंखों पर पट्टी बांधी, गाड़ी में डाला और ले गए, जंतर-मंतर पर खाना बांटने वाले जुनैद…
CWC के सामने बच्चियों ने बयान दिया कि उन्होंने शादी नहीं की थी, बल्कि यह केवल एक प्रैंक वीडियो था जिसे फॉलोवर्स बढ़ाने के लिए बनाया गया था।
क्यों मचा था बवाल
वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने इसे सामाजिक मर्यादा और परिवारिक परंपराओं से जोड़कर देखा। खासकर एक युवक से तीन लड़कियों की शादी जैसी बात ने लोगों को चौंका दिया, इसलिए मामला तुरंत धार्मिक और सामाजिक बहस में बदल गया।
इसके बाद हिंदू संगठनों और स्थानीय प्रशासन की सक्रियता बढ़ी, और इसी दबाव में लड़कियों ने शुरू में इसे असली शादी बताने की कोशिश की।
सोशल मीडिया की भूमिका
इस प्रकरण ने एक बार फिर दिखाया कि सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ कितनी जल्दी समस्या बन सकती है। रील, प्रैंक और व्यूज़ के लिए बनाया गया कंटेंट कभी-कभी समाज, परिवार और प्रशासन—तीनों को उलझा देता है।
लड़कियों ने भी यही माना कि मकसद बस फॉलोअर्स बढ़ाना था, लेकिन वायरल होते ही वीडियो ने ऐसा रूप ले लिया जिसकी शायद उन्होंने उम्मीद नहीं की थी।
आगे क्या
अब जांच का अगला चरण यह तय करेगा कि नाबालिग लड़की की भूमिका क्या थी, वीडियो किसने शूट किया, और क्या इसमें किसी नियम या कानून का उल्लंघन हुआ। CWC और पुलिस की रिपोर्टें इसी वजह से अहम हो गई हैं।
संक्षेप में, अमरोहा की यह “शादी” असल में एक फर्जी प्रैंक निकली, लेकिन इसमें नाबालिग की मौजूदगी और सोशल मीडिया स्टंट की वजह से मामला अभी खत्म नहीं हुआ है।

