US-Iran Conflict Has Ended – अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि ईरान के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। यह वही समझौता है जिसे लेकर पिछले कई दिनों से अटकलें लगाई जा रही थीं। समझौते के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि 110 दिनों से जारी संघर्ष को रोकने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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वर्साय में हुआ समझौता, Trump ने खुद किया ऐलान
फ्रांस के वर्साय से रवाना होते समय ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि समझौते पर साइन हो चुके हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि दस्तावेज पर उन्होंने वर्साय में हस्ताक्षर किए हैं।
इससे पहले खबर आई थी कि जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ डिनर के दौरान इस समझौते को अंतिम रूप दिया गया। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने भी हस्ताक्षर की पुष्टि की और कहा कि ट्रंप ने समझौते की कॉपी पर व्यक्तिगत रूप से साइन किए।
साइन करते शेयर किया वीडियो
फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने वर्साय में ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। मैक्रों के मुताबिक यह समझौता पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।
साथ ही, इससे रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोले जाने का रास्ता साफ होगा, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस समझौते का फायदा आम लोगों को भी मिलेगा, क्योंकि आने वाले समय में ऊर्जा और ईंधन की कीमतों में राहत देखने को मिल सकती है।
ईरान ने भी कहा- अब लागू करने की बारी
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी समझौते की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का टेक्स्ट राष्ट्रपति स्तर पर मंजूर हो चुका है और अब असली चुनौती इसे लागू करने की है।
बघाई के अनुसार समझौता इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भी साइन किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाला प्रस्तावित हस्ताक्षर समारोह रद्द कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद समझौता प्रभावी माना जा रहा है।
पहले ही हो चुके थे डिजिटल साइन
व्हाइट हाउस के अनुसार यह प्रक्रिया सिर्फ वर्साय में हुई साइनिंग तक सीमित नहीं थी। जानकारी के मुताबिक अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने पहले ही डिजिटल तरीके से दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर दिए थे। बताया गया कि यह प्रक्रिया ट्रंप की मौजूदगी में पूरी हुई थी।
आखिर इस डील में क्या-क्या तय हुआ
यही वह हिस्सा है जिस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है। TheGuardian की एक रिपोर्ट के अनुसार, समझौते में सिर्फ युद्धविराम की बात नहीं है, बल्कि तेल, परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंध और समुद्री व्यापार जैसे बड़े मुद्दे भी शामिल हैं।
1. जंग पर तुरंत ब्रेक, सभी मोर्चों पर लड़ाई रोकने की सहमति
समझौते की सबसे बड़ी शर्त यही है कि अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी सभी सैन्य गतिविधियां रोकेंगे।
दस्तावेज में साफ कहा गया है कि हस्ताक्षर होते ही सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई खत्म मानी जाएगी।
इसमें लेबनान का भी जिक्र किया गया है, जिसका मतलब है कि क्षेत्रीय स्तर पर भी तनाव कम करने की कोशिश होगी।
2. परमाणु कार्यक्रम पर बड़ा कदम
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम भंडार को कम करने के लिए तैयार हुआ है।
यह काम अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA की निगरानी में किया जाएगा।
हालांकि परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कई अहम मुद्दे अभी भी खुले हुए हैं और उन पर अगले 60 दिनों में बातचीत होगी।
3. प्रतिबंध हटेंगे, लेकिन एक शर्त के साथ
कई लोग मान रहे थे कि समझौते के साथ ही ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हट जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं है। समझौते में साफ किया गया है कि व्यापक प्रतिबंधों में राहत तभी मिलेगी जब परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर अंतिम समझौता हो जाएगा। यानी ईरान को पहले अपनी जिम्मेदारियां पूरी करनी होंगी।
4. तेल कारोबार को मिली बड़ी राहत
समझौते का सबसे बड़ा आर्थिक असर तेल बाजार पर पड़ सकता है। डील के मुताबिक अमेरिका ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और उनसे जुड़ी बैंकिंग तथा ट्रांसपोर्ट सेवाओं के लिए छूट देगा।
इस फैसले से ईरान के तेल निर्यात को राहत मिल सकती है। हालांकि आलोचकों का कहना है कि इससे ईरान को बातचीत पूरी होने से पहले ही आर्थिक फायदा मिलने लगेगा।
5. होर्मुज जलडमरूमध्य फिर खुलेगा
पिछले कई महीनों से होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावटों की वजह से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित रहा।
समझौते के तहत इस रास्ते को तेजी से दोबारा खोलने की योजना बनाई गई है।
ईरान को 30 दिनों के भीतर सामान्य समुद्री यातायात बहाल करना होगा।
साथ ही कम से कम 60 दिनों तक व्यापारिक जहाजों को बिना शुल्क गुजरने देना होगा।
हालांकि बाद में ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने संकेत दिया कि 60 दिन की अवधि के बाद जहाजों से शुल्क लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य युद्ध से पहले जैसी स्थिति में नहीं लौटेगा।
6. 300 अरब डॉलर के फंड का रास्ता खुल सकता है
समझौते का एक और बड़ा हिस्सा 300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण फंड से जुड़ा है। दस्तावेज के मुताबिक अगर ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंतिम समझौता हो जाता है तो अमेरिका क्षेत्रीय देशों के सहयोग से बनने वाले इस फंड को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
7. जमे हुए अरबों डॉलर के फंड का क्या होगा?
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका द्वारा वर्षों से फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों को भविष्य में जारी किया जा सकता है।
अमेरिका-ईरान शांति समझौता
| शर्त | विवरण |
|---|---|
| 1. जंग ब्रेक | सभी मोर्चे, सैन्य गतिविधि खत्म, लेबनान |
| 2. परमाणु | यूरेनियम भंडार कम, IAEA निगरानी, 60 दिन बातचीत |
| 3. प्रतिबंध | शर्त: परमाणु अंतिम समझौता, जिम्मेदारी पूरी |
| 4. तेल | छूट: कच्चा तेल, पेट्रोलियम, बैंकिंग, ट्रांसपोर्ट, निर्यात राहत |
| 5. होर्मुज | 30 दिन: यातायात बहाल, 60 दिन: बिना शुल्क, बाद में शुल्क |
| 6. 300 अरब | पुनर्निर्माण फंड, परमाणु अंतिम, अमेरिका मदद |
| 7. जमे फंड | फ्रीज ईरानी संपत्ति, भविष्य जारी |
निष्कर्ष
अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म:
- पेरिस में गुरुवार सुबह 5 बजे ट्रंप चिल्लाकर बोले “डील साइन”।
- ईरानी राष्ट्रपति पजशकियान ने डिजिटल हस्ताक्षर किए।
- 110 दिनों से जारी संघर्ष रोकने ठोस कदम।
मुख्य तथ्य:
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| स्थान | वर्साय, फ्रांस |
| ट्रंप | व्यक्तिगत साइन |
| मैक्रों | वीडियो, स्थायी शांति |
| होर्मुज | खोल, तेल सप्लाई सामान्य |
| ईरान | लागू, इलेक्ट्रॉनिक साइन |
| वेंस+गालिबाफ | डिजिटल, ट्रंप मौजूदगी |
| 7 शर्त | युद्धविराम, परमाणु, प्रतिबंध, तेल, होर्मुज, 300 अरब, जमे फंड |
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