Typhoon Bavi Viral Video – टाइफून बावी ने चीन, ताइवान और ताजिकिस्तान में ऐसी तबाही मचाई है कि लाखों लोग घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर भागने को मजबूर हो गए हैं। भारी बारिश, तेज हवाएं और बाढ़ के कारण हालात बेकाबू हैं, जबकि कई इलाकों में राहत और बचाव कार्य भी मुश्किल हो गया है…
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चीन में सबसे ज्यादा तबाही
इस तूफान और बाढ़ का सबसे ज्यादा असर चीन पर पड़ा है। कई प्रांतों में आपातकाल जैसे हालात बन गए हैं और खासतौर पर गुआंक्सी प्रांत जलमग्न हो चुका है। घरों की छतों पर लोगों ने शरण ली है, लेकिन तेज बहाव और उफनती लहरें उनके लिए भी खतरा बनी हुई हैं।
बाढ़ का वेग इतना अधिक है कि मजबूत माने जाने वाले बांध भी कई जगह टिक नहीं पाए। सड़कें, वाहन, मकान और खेत सब पानी में डूबते चले गए। कई शहरों में सामान्य जनजीवन पूरी तरह ठप पड़ गया है।
पानी में तैर रहे सांप
गुआंक्सी में हालात सिर्फ पानी तक सीमित नहीं रहे। बाढ़ के कारण एक ब्रीडिंग फार्म से करीब 900 सांप बहकर बाहर निकल गए। अब शहरों में जगह-जगह सांप तैरते नजर आ रहे हैं, जिससे लोगों में डर और बढ़ गया है।
यह स्थिति बेहद खतरनाक है, क्योंकि बाढ़ के पानी में पहले से ही गंदगी, मलबा और करंट जैसे खतरे मौजूद हैं। ऊपर से सांपों की मौजूदगी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। स्थानीय प्रशासन के सामने अब सिर्फ बचाव ही नहीं, बल्कि जीव-जंतु से जुड़ी नई चुनौती भी खड़ी हो गई है।
कई शहरों पर सैलाब का असर
चीन के सुचिआन और लेसहन जैसे शहर भी भयावह बाढ़ की गिरफ्त में हैं। गाड़ियां पानी में तिनकों की तरह बहती दिखीं। जहां तक नजर जा रही थी, वहां सिर्फ पानी और मलबा नजर आ रहा था। कई जगहों पर सैलाब ने सब कुछ अपने साथ बहा लिया।
इसी बीच जेजियांग प्रांत में टाइफून बावी ने और तबाही मचाई। तेज हवाओं और भारी बारिश ने सड़क नेटवर्क, बिजली सप्लाई और संचार व्यवस्था पर भी असर डाला है। निचले इलाकों में पानी तेजी से भर गया, जिससे लोगों को घरों से बाहर निकलना पड़ा।
ताइवान भी चपेट में
ताइवान में भी टाइफून बावी ने भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज तूफान के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में जलभराव और भूस्खलन की स्थिति पैदा हो गई। सड़कों पर पेड़ गिर गए, यातायात ठप हो गया और कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बाधित हुई।
ताइवान में बाढ़ और तूफान का असर इतना गंभीर रहा कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए स्थानीय प्रशासन को तुरंत कदम उठाने पड़े। समुद्र तटीय इलाकों में भी खतरा बढ़ गया है और ऊंची लहरों ने लोगों की परेशानी कई गुना कर दी है।
ताजिकिस्तान में भी कहर
तूफान और बारिश ने सिर्फ पूर्वी एशिया ही नहीं, बल्कि ताजिकिस्तान को भी प्रभावित किया है। वहां भारी बारिश के बाद बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। दुकानें, मकान और गाड़ियां बह गईं, जबकि कई इलाकों में मलबा जमा हो गया है।
भूस्खलन की वजह से कई रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे राहत दलों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में दिक्कत आ रही है। ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में हालात और ज्यादा कठिन हैं, जहां संचार साधन भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
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लाखों लोग बेघर
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कुदरती कहर के चलते करीब 18 लाख लोग बेघर हुए हैं। इनमें से कई लोग पहले ही सुरक्षित जगहों पर पहुंच चुके हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अभी भी राहत और बचाव की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
जो लोग समय रहते नहीं निकल पाए, वे अब पानी की भंवर में फंसे हुए हैं और उनकी जिंदगी खतरे में है। कई जगहों पर प्रशासन सिर्फ सीमित स्तर पर मदद पहुंचा पा रहा है, क्योंकि मौसम और बाढ़ की वजह से रास्ते बंद हैं।
राहत कार्य में मुश्किलें
चीन, ताइवान और ताजिकिस्तान तीनों जगहों पर प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है, लेकिन हालात इतने गंभीर हैं कि कोशिशें भी कम पड़ रही हैं। तेज बहाव, लगातार बारिश और मलबे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन धीमा हो गया है।
जहां पानी का स्तर कम नहीं हो रहा, वहां खाने-पीने की चीजों, दवाइयों और साफ पानी की कमी भी महसूस की जा रही है। प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती लोगों को सुरक्षित निकालने और बीमारियों को फैलने से रोकने की है।
निष्कर्ष
टाइफून बावी ने चीन, ताइवान और ताजिकिस्तान में कुदरत के कहर की एक भयावह तस्वीर पेश की है। कहीं शहर जलमग्न हैं, कहीं सड़कों पर सांप तैर रहे हैं, तो कहीं लोग घर छोड़कर भागने को मजबूर हैं।
लाखों लोग बेघर हो चुके हैं और राहत कार्य अभी भी चुनौती बना हुआ है। यह तबाही दिखाती है कि प्राकृतिक आपदाएं कितनी तेजी से सामान्य जिंदगी को अस्त-व्यस्त कर सकती हैं।
