The Furious Form of Ganga In Bhagalpur – भागलपुर जिले के शंकरपुर में गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज कटाव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंगलवार (01 सितंबर, 2026) को रेलवे लाइन के पास स्थित चैती दुर्गा मंदिर और बजरंगबली मंदिर गंगा की तेज धारा में समा गए….
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धार्मिक स्थलों के नदी में विलीन होने के बाद इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल है।
100 साल पुराने मंदिर गंगा में विलीन
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले कई दिनों से गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ शंकरपुर में कटाव तेज हो रहा था। जमीन लगातार नदी की ओर खिसक रही थी। इसी दौरान रेलवे लाइन के समीप स्थित दोनों मंदिर भी कटाव की चपेट में आ गए और लोगों की आंखों के सामने गंगा में विलीन हो गए।
गंगा की तेज धारा में मंगलवार को 10 मिनट के अंदर सौ साल पुराने दो मंदिर गंगा में समा गए। राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध का सौ मीटर का हिस्सा पानी में बह गया। दोनों मंदिर राघोपुर की पुरानी रेलवे लाइन तटबंध पर स्थित थे।
मंदिर के नदी में समाने का खौफनाक वीडियो वायरल होते ही ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
सुरक्षित ठिकानों की ओर भाग रहे लोग
मंदिरों के गंगा में समाने के बाद ग्रामीणों में अपने घरों को लेकर भी डर बढ़ गया है। कई परिवार घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं।
लोग ट्रैक्टर, ऑटो, टोटो और ई-रिक्शा के जरिए बर्तन, कपड़े, अनाज और अन्य सामान सुरक्षित जगह पहुंचाने में जुटे हैं। महिलाओं और बच्चों को पहले सुरक्षित स्थानों पर भेजने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीणों को आशंका है कि अगर कटाव की रफ्तार कम नहीं हुई तो कई और घर इसकी चपेट में आ सकते हैं।
कटाव बढ़ने से रेलवे लाइन पर भी चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा की धारा लगातार अपना रुख बदल रही है और कटाव का दायरा बढ़ता जा रहा है। रेलवे लाइन के आसपास बढ़ते कटाव ने भी चिंता बढ़ा दी है।
पुरानी रेलवे लाइन की ओर मात्र सौ मीटर तटबंध ही बचा है। जबकि फ्लड फाइटिंग का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। पुरानी रेलवे लाइन से गंगा की धार अब सीधे टकरा रही है।
अगर रेलवे लाइन कटी तो अलालपुर, बहत्तरा, नागरटोला, ध्रुवगंज, मीरजाफरी, उस्मानपुर समेत कई गांव जलमग्न हो जाएंगे।
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प्रशासन ने इलाका खाली कराने का दिया आदेश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र को जल्द खाली कराने का आदेश दिया है। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
प्रभावित इलाके की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और राहत-बचाव व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सक्रिय है। फिलहाल शंकरपुर में ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चिंता अपने घर और सामान को बचाने की है। गंगा के लगातार बढ़ते कटाव के बीच आने वाले घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
डिप्टी CM विजय कुमार चौधरी दिल्ली से लौटे
बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और जल संसाधन विभाग के वरीय अधिकारी नई दिल्ली में आयोजित बैठक को बीच में ही छोड़कर पटना लौट गए। विभागीय सचिव शाम को भागलपुर पहुंचकर कटाव स्थल का दौरा भी करेंगे।
विजय कुमार चौधरी ने कहा कि गंगा की अप्रत्याशित धारा बदलने के कारण कटाव तेज हुआ है। कटाव को रोकने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं और स्थिति की बारीकी से निगरानी की जा रही है।
जल संसाधन विभाग की टीमें युद्ध स्तर पर कटाव नियंत्रण के लिए काम कर रही हैं। वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर मौके पर मौजूद हैं और लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
निष्कर्ष
भागलपुर के शंकरपुर और राघोपुर में गंगा के भीषण कटाव से 100 साल पुराने चैती दुर्गा मंदिर और बजरंगबली मंदिर नदी में विलीन हो गए। ग्रामीण दहशत में अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं। रेलवे लाइन भी खतरे में है और केवल 100 मीटर तटबंध बचा है। डिप्टी CM विजय कुमार चौधरी ने दिल्ली से लौटकर स्थिति का जायजा लिया और युद्ध स्तर पर बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों को खाली कराने का आदेश दिया है और राहत-बचाव कार्य जारी है।
