MPSC Paper Leak Case – महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है…
Contents
पुलिस ने परीक्षा में 7वीं रैंक हासिल करने वाली उम्मीदवार ऋतुजा पाटिल को नंदुरबार से गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या सात हो गई है।
शक से बचने के लिए 10 सवाल गलत करने की सलाह
मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल के अनुसार, ऋतुजा पाटिल को परीक्षा शुरू होने से पहले ही लीक हुआ प्रश्न पत्र मिल गया था। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने पाटिल को हिदायत दी थी कि वह जानबूझकर 10 सवालों के गलत जवाब दे, ताकि किसी को उसकी अचानक आई टॉप रैंक पर शक न हो।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी उम्मीदवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे क्राइम ब्रांच की कस्टडी में भेज दिया गया है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि ऋतुजा पाटिल को परीक्षा से दो दिन पहले, यानी 20 मार्च को लीक प्रश्न पत्र मिल गया था। 22 मार्च को परीक्षा हुई और उसने 7वीं रैंक हासिल की।
Also Raed – Who is Priya Adhikari – नेपाल में इस महिला पायलट ने एक हफ्ते में सैकड़ों जानें बचाईं…
अधिकारियों समेत कोचिंग संचालक गिरफ्तार
इससे पहले क्राइम ब्रांच ने 22 मार्च को आयोजित परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक मामले में MPSC के तीन अधिकारियों सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों में एमपीएससी के असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर विश्वेश्वर दत्तात्रेय नकाते और गोपाल भट्टू मराठे, तथा अंडर सेक्रेटरी अभिजीत गणपतराव लेंदवे शामिल हैं।
वहीं कौटिल्य एकेडमी के डायरेक्टर प्रवीण दिलीप पाटिल, और साजिशकर्ता अमृत नामदेव पाटिल व लोकेश उर्फ गौरव राजेंद्र पाटिल को भी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने परीक्षा से पहले ही सवालों को अनधिकृत रूप से हासिल कर एक अलग सेट तैयार किया और पैसों के एवज में अभ्यर्थियों में बांट दिया।
ब्रेकअप के बाद खुलासा हुआ घोटाला
इस मामले में एक दिलचस्प पहलू यह सामने आया है कि यह घोटाला एक ब्रेकअप के बाद उजागर हुआ। ऋतुजा का पूर्व प्रेमी गौरव पाटिल ही वह व्यक्ति था जिसने पेपर लीक की शिकायत MPSC को की थी।
पुलिस के मुताबिक, गौरव ने ही ऋतुजा को लीक पेपर दिया था, लेकिन परीक्षा के बाद दोनों का रिश्ता टूट गया। इसके बाद गौरव ने नाराज होकर MPSC को ईमेल लिखकर पेपर लीक की जानकारी दी।
MPSC ने पूरी भर्ती प्रक्रिया की रद्द
स्क्रीनिंग परीक्षा 22 मार्च को राज्य के 6 डिविजनल हेडक्वार्टर में आयोजित की गई थी, जिसके परिणाम 12 जून को आए थे। 1 से 22 जुलाई के बीच 488 उम्मीदवारों के इंटरव्यू के बाद प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी की गई थी।
हालांकि, 22 से 26 जुलाई के बीच अभ्यर्थियों और जनप्रतिनिधियों ने शिकायत दर्ज कराई कि प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के जरिए फैलाया गया था।
शुरुआती जांच में गोपनीयता भंग होने की पुष्टि के बाद MPSC ने परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया है। आयोग ने जल्द ही नई परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की है।
कानूनी धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), महाराष्ट्र प्रतियोगी परीक्षा कदाचार निवारण अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किया है।
आरोपियों पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात और सरकारी कर्मचारियों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।
निष्कर्ष
MPSC ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक मामले में 7वीं रैंक लाने वाली ऋतुजा पाटिल को मुंबई क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। उसे शक से बचने के लिए 10 सवाल जानबूझकर गलत करने की सलाह दी गई थी।
कुल 7 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, जिनमें 3 MPSC अधिकारी, कोचिंग संचालक प्रवीण पाटिल, ऋतुजा के पिता अमृत पाटिल और उसके पूर्व प्रेमी गौरव पाटिल शामिल हैं। पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी गई है और MPSC जल्द नई परीक्षा आयोजित करेगा।
