Who is Priya Adhikari – नेपाल बाढ़ में एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। हजारों लोग अब भी लापता हैं। रसुवा के तिमुरे गांव के ऊपर लगातार हेलीकॉप्टर बचाव अभियान के लिए उड़ रहे हैं। कई लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। इन सबके बीच नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट प्रिया अधिकारी का नाम काफी चर्चा में है…
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प्रिया ने नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ में फंसे सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला है। वह एक हफ्ते से भी कम समय में 100 से ज्यादा रेस्क्यू कर चुकी हैं। ऐसे ऑपरेशन में कई पायलट्स के साथ तालमेल बिठाना होता है। यह अपने आप में एक चुनौती है।
प्रिया अधिकारी ने CNN से बातचीत में बताई आपदा की भयावहता
प्रिया अधिकारी ने CNN से बात करते हुए बताया कि इस तबाही का मंजर ऐसा था, जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू करते हुए हेलीकॉप्टर को पूरी तरह से नीचे नहीं उतारा जा सकता। क्योंकि जमीन गीले सीमेंट जैसी रहती है।
उन्होंने बताया, “कुछ जगहों पर आपको सावधान रहना पड़ता है। क्योंकि वहां हेलीकॉप्टर धंस सकता है। आप वहां हेलीकॉप्टर नहीं खड़ा कर सकते। पूरे टाइम इंजन चालू रहता है।”
प्रिया अधिकारी ने बात करते हुए 2015 में नेपाल में आए भूकंप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “यह बाढ़ 2015 में काठमांडू में आए भूकंप से काफी ज्यादा खतरनाक थी। भूकंप का असर काठमांडू या नेपाल की अलग-अलग जगहों पर हुआ था। लेकिन यह एक छोटी सी घाटी है। कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है।”
रेस्क्यू के बाद खुशी का पल
उन्होंने यह भी बताया कि लोगों को रेस्क्यू करने के बाद उन्हें खुशी होती है। अधिकारी ने कहा, “जब मैं लोगों को रेस्क्यू करती हूं। उन्हें अपने हेलीकॉप्टर में लेटाती हूं। देखती हूं कि वह बच गए हैं, तो मेरे चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। क्योंकि वह इतने बड़े हादसे से बच गए हैं। मैं उन्हें वेव करते हुए कहती हूं कि आप बच गए हैं।”
प्रिया अधिकारी ने कहा कि जब वे बाढ़ के बाद तिमुरे के ऊपर से गुजर रही थीं, तो वहां जगह-जगह लाशें बिखरी पड़ी थीं। पहले दो दिनों में उस इलाके से 200 से ज्यादा बचे हुए लोगों को निकाला गया। इस ऑपरेशन में सेना के अगस्ता हेलीकॉप्टर समेत पांच या छह हेलीकॉप्टर शामिल थे। उन्होंने ये भी कहा कि इतनी उड़ानों के बाद वह थक गई हैं। लेकिन उन्हें इसके लिए ट्रेनिंग मिली है।
कौन हैं प्रिया अधिकारी?
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रिया अधिकारी ने एनवायर्नमेंटल साइंस की पढ़ाई की है। इसके बाद वह केबिन क्रू के तौर पर काम करने लगीं। बाद में वह हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग के लिए फिलीपींस गईं और कैप्टन बनने के लिए जरूरी फ्लाइंग घंटे पूरे किए। 2017 में वह फुल-टाइम हेलीकॉप्टर पायलट बन गईं।
अधिकारी ने ज्यादा ऊंचाई पर रेस्क्यू फ्लाइंग में महारत हासिल की। उन्होंने हिमालय में सर्च एंड रेस्क्यू के मिशन चलाए और माउंट एवरेस्ट से घायल पर्वतारोहियों को बचाया। उन्होंने लगभग 6200 मीटर की ऊंचाई तक रेस्क्यू मिशन पूरे किए हैं। वह नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर कैप्टन हैं।
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अनोखे रास्ते से पायलट बनीं प्रिया
प्रिया अधिकारी का विमानन करियर सीधे तौर पर शुरू नहीं हुआ था। उन्होंने पर्यावरण विज्ञान की पढ़ाई की और फिर केबिन क्रू के रूप में काम किया। एक हेलीकॉप्टर की सवारी के बाद उन्हें पायलट बनने का सपना आया।
उन्होंने फिलीपींस में प्रशिक्षण लिया और 2017 में फुल-टाइम हेलीकॉप्टर पायलट बन गईं। इस तरह उन्होंने नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर कैप्टन बनने का गौरव हासिल किया।
ऊंचाई वाले रेस्क्यू मिशन में महारत
40-41 वर्षीय प्रिया अधिकारी ऊंचाई वाले हेलीकॉप्टर पायलट हैं, जिन्होंने वर्षों से हिमालय में सर्च-एंड-रेस्क्यू संचालन किया है।
उनके मिशनों में चरम ऊंचाई पर घायल पर्वतारोहियों को बचाने के लिए उड़ानें शामिल हैं, जिनमें से कुछ उड़ानें उन्हें लगभग 6,200 मीटर तक ले गई हैं।
वह रसुवा जिले के बाढ़ प्रभावित तिमुरे इलाके में सबसे चुनौतीपूर्ण अभियान में जुटी हैं, जहां लगभग 20 हेलीकॉप्टर बचाव कार्यों में शामिल हैं।
निष्कर्ष
नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर कैप्टन प्रिया अधिकारी ने बाढ़ राहत अभियान में 6 दिनों में 100 से ज्यादा रेस्क्यू मिशन पूरे किए।
40-41 वर्षीय प्रिया ने पर्यावरण विज्ञान की पढ़ाई के बाद केबिन क्रू से पायलट बनने का सफर तय किया और 2017 में फुल-टाइम हेलीकॉप्टर पायलट बनीं।
उन्होंने 6,200 मीटर की ऊंचाई तक रेस्क्यू मिशन पूरे किए हैं और माउंट एवरेस्ट से घायल पर्वतारोहियों को बचाया है। प्रिया ने कहा कि यह बाढ़ 2015 के भूकंप से भी ज्यादा खतरनाक थी, लेकिन लोगों को बचाने के बाद उन्हें खुशी होती है।
