CM थलपति विजय ने कर दिया बड़ा खेल – तमिलनाडु की नवगठित सरकार के प्रशासनिक गलियारों और देश की सियासत में उस समय एक अभूतपूर्व भूचाल आ गया, जब अभिनेता से पूर्णकालिक राजनेता बने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपनी सरकार के गठन के कुछ ही दिनों के भीतर राज्य मंत्रिमंडल में एक अत्यंत व्यापक, आक्रामक और ऐतिहासिक फेरबदल की आधिकारिक सिफारिश कर दी।


कैबिनेट में 23 नए चेहरे — राज्यपाल ने भी दी तुरंत मंजूरी

इस बड़े फेरबदल के तहत जहां कई मौजूदा वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों को पूरी तरह से रीस्ट्रक्चर किया गया है, वहीं मंत्रिपरिषद में एक साथ 23 नए चेहरों को शामिल कर उन्हें महत्वपूर्ण मंत्रालयों की कमान सौंपी गई है। इस नए और रणनीतिक कैबिनेट ब्लूप्रिंट को राजभवन में राज्यपाल की ओर से त्वरित और वैधानिक मंजूरी भी मिल गई है।


कांग्रेस की कैबिनेट में एंट्री — गठबंधन का फर्ज निभाया

मुख्यमंत्री विजय ने एक बड़ा राजनीतिक दांव चला — कांग्रेस को कैबिनेट में शामिल किया गया। कांग्रेस ने TVK को समर्थन इस शर्त पर दिया था कि न तो BJP और न ही AIADMK के साथ गठबंधन होगा, और कैबिनेट में दो पद मिलेंगे। विजय ने यह वादा निभाया।

Also Read – बंगाल में हारकर नहीं मान रहीं ममता — बड़ा प्लान, एक कल से सियासत का पारा नहीं ठंडा

CM थलपति विजय ने कर दिया बड़ा खेल
CM थलपति विजय ने कर दिया बड़ा खेल

पुलिस का ‘सिंघम’ अवतार — पहली ही रात 100 गुंडे गिरफ्तार

विजय के सीएम बनते ही पुलिस ने एक बड़ा ‘ऑपरेशन क्लीन’ चलाया। चेन्नई में हुई इस ताबड़तोड़ पुलिसिया कार्रवाई के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में यह चर्चा बेहद आम हो गई है कि थलपति विजय की नई सरकार आने वाले दिनों में अपराधियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन क्लीन’ अभियान को और ज्यादा तेज करने वाली है।

जोसेफ विजय ने विशेष तौर पर महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों और युवाओं को बर्बाद कर रहे नशीली दवाओं (ड्रग्स) के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है।

वर्ष 1997 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी मोदक के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीमों ने शहर में सक्रिय आपराधिक गिरोहों और बदमाशों की सूची तैयार की और एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी कर इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया।

विजय की फिल्मों में ‘सिंघम’ वाला पुलिस अवतार देखा जाता था — अब असल में पुलिस ने वैसा ही काम किया। अंतर यह है कि यह सिर्फ फिल्म नहीं, तमिलनाडु की असली सड़कें हैं।


शपथ के बाद पहले कदम — जो बदला भविष्य का नक्शा

तमिलनाडु में लंबे समय से राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन इस बार जनता ने बदलाव का संकेत दिया। TVK के पास 108 विधायक हैं और कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन के बाद वामपंथी दलों और VCK का समर्थन भी आया। पार्टी का आंकड़ा 118 के पार पहुंच गया।

शपथ के बाद पहले घंटों में ये हुए बड़े फैसले:

  • 200 यूनिट मुफ्त बिजली का आदेश
  • महिला सुरक्षा फोर्स का गठन
  • नशे के खिलाफ टास्क फोर्स
  • अब 23 नए मंत्रियों के साथ पूर्ण कैबिनेट

AIADMK में टूट — विजय सरकार और मजबूत

तमिलनाडु की सियासत में करीब छह दशक के बाद दो ध्रुवीय के बजाय त्रिकोणीय मुकाबला रहा। इस बार तमिलनाडु की राजनीतिक बिसात पर केवल विजय नहीं हैं, बल्कि छोटे दल बड़े धमाल करने की स्थिति में हैं।

AIADMK के CV शनमुगम गुट के 25 विधायकों ने विजय को समर्थन दिया — जिससे विजय सरकार 144 वोटों के साथ फ्लोर टेस्ट पास हुई। अब पूर्ण कैबिनेट के साथ तमिलनाडु में एक स्थिर सरकार है।


VCK की नाराजगी — अभी भी एक पेंच

तमिलनाडु में नई सरकार के शपथ ग्रहण होने के 24 घंटे के अंदर ही विजय सरकार में तकरार शुरू हो गई। नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में ‘वंदे मातरम’ को ‘तमिल थाई वलथु’ से पहले बजाने को लेकर सहयोगी पार्टी VCK नाराज हो गई। लेकिन इसके बाद VCK की नाराजगी शांत हुई और वे गठबंधन में बने रहे।


निष्कर्ष

CM विजय ने साबित किया है कि वे सिर्फ पर्दे के हीरो नहीं — असल राजनीति में भी मास्टर स्ट्रोक खेलना जानते हैं। 23 नए मंत्री, कांग्रेस की कैबिनेट में एंट्री, पहली रात 100 गुंडे गिरफ्तार — इन सबने एक साथ संदेश दिया कि विजय की सरकार सिर्फ वादों की नहीं, काम की सरकार होगी।

तमिलनाडु 70 साल बाद एक नई राजनीतिक यात्रा पर निकला है — और उस यात्रा का पहला पड़ाव बेहद रोमांचक रहा है।

Watch Viral Reels – https://www.instagram.com/factsmedia08

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *