65 साल के दरिंदे ने 4 साल की मासूम का रेप किया – महाराष्ट्र के पुणे जिले के नासरापुर गाँव में 1 मई 2026 को एक ऐसी घटना हुई जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया। 4 साल की एक मासूम बच्ची — जो गर्मी की छुट्टियों में अपनी नानी के पास आई थी — उसके साथ 65 वर्षीय भीमराव प्रभाकर कांबले ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं।
मुख्य तथ्य — एक नज़र में
- पीड़ित: 4 वर्षीय मासूम बच्ची, गर्मी की छुट्टियों में नानी के पास नासरापुर आई थी
- आरोपी: भीमराव प्रभाकर कांबले, उम्र 65 साल, उसी गाँव का निवासी
- घटना स्थल: नासरापुर गाँव, भोर तालुका, पुणे जिला
- घटना की तारीख: 1 मई 2026
- सबसे बड़ा सवाल: आरोपी पहले से POCSO केस में आरोपी था और जमानत पर बाहर था
- वर्तमान स्थिति: आरोपी गिरफ्तार, Forensic जाँच जारी
घटना क्या हुई
बच्ची की माँ एक प्राइवेट कंपनी में काम करती हैं और पिता पुजारी हैं। दोनों ने बच्ची को गर्मी की छुट्टियों में नानी के पास गाँव भेजा था। उसी गाँव में रहने वाले 65 वर्षीय भीमराव कांबले ने उसे बहला-फुसलाकर पास की गौशाले में ले गया।
वहाँ उसने पहले बच्ची के साथ बलात्कार किया — और फिर सबूत मिटाने के लिए पत्थरों से कुचलकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को गोबर के नीचे छुपा दिया।
Also Read – राजा के कातिल सोनम के बॉयफ्रेंड राज कुशवाहा की जमानत याचिका पर सुनवाई जारी — क्या रहा कोर्ट का फैसला
घटनाक्रम — Step by Step
सुबह, 1 मई 2026 बच्ची गाँव में खेल रही थी। आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर पास की गौशाले में ले गया।
घटना बच्ची के साथ बलात्कार किया गया। सबूत मिटाने के लिए पत्थरों से कुचलकर हत्या की। शव को गोबर के नीचे छुपाया।
दोपहर — बच्ची गायब जब बच्ची घर नहीं लौटी तो परिवार और गाँव वालों ने तलाशी शुरू की।
CCTV से खुलासा आसपास के घरों के CCTV फुटेज में आरोपी भीमराव कांबले बच्ची को ले जाते हुए स्पष्ट दिखा — यहीं से उसकी पहचान हुई।
गिरफ्तारी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। Forensic टीम मौके पर पहुँची।
2–3 मई 2026 — आक्रोश पुणे के Navale Bridge समेत कई इलाकों में भारी विरोध प्रदर्शन। पुणे-सतारा हाईवे जाम। पुलिस को भीड़ हटाने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
आरोपी — सिस्टम की सबसे बड़ी विफलता
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि भीमराव प्रभाकर कांबले कोई नया अपराधी नहीं था।
- वह पहले से POCSO Act (बच्चों के यौन शोषण के खिलाफ कानून) के तहत एक केस में आरोपी था
- वह उस केस में जमानत पर बाहर था
- बिना किसी निगरानी के गाँव में स्वतंत्र रूप से घूम रहा था
- गाँव वालों का सवाल: “जिस पर पहले से बच्चों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप हो, उसे बिना निगरानी के क्यों छोड़ा गया?”
यह सिर्फ एक अपराध नहीं — यह उस सिस्टम की विफलता है जहाँ एक ज्ञात यौन अपराधी को जमानत मिल जाती है और वो फिर एक मासूम की जान ले लेता है।
विरोध प्रदर्शन — पुणे सड़क पर उतरा
पीड़ित के परिजन शव को एम्बुलेंस में लेकर सड़क पर उतर आए। पुणे के Navale Bridge पर घंटों जाम लगा रहा।
प्रदर्शनकारियों की माँगें :
- आरोपी को फाँसी की सज़ा दी जाए
- मुख्यमंत्री खुद आकर न्याय का आश्वासन दें
- POCSO आरोपियों की कड़ी निगरानी हो
- शक्ति कानून तुरंत लागू किया जाए
- नासरापुर और आसपास के गाँवों में पूर्ण बंद रहा
पुणे पुलिस कमिश्नर ने भीड़ को आश्वासन दिया कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाई जाएगी। बच्ची का अंतिम संस्कार पुलिस सुरक्षा में वैकुंठ श्मशान घाट, पुणे में किया गया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों ने देवेंद्र फड़णवीस सरकार को घेरा। आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध बढ़े हैं। इस घटना ने 2024 के बदलापुर रेप-मर्डर केस की दर्दनाक यादें ताज़ा कर दीं।
कानूनी स्थिति
आरोपी के खिलाफ हत्या, बलात्कार और POCSO Act के तहत मामला दर्ज किया गया है। Forensic जाँच और सबूत संग्रह जारी है। आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में है।
Watch Viral Reels – https://www.instagram.com/factsmedia08
