Viral Car Accident In Noida – नाबालिग बेटे को कार चलाने देने और हादसे के बाद उसके बचाव में मां के कथित तौर पर ‘चलता है’ कहने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है….
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वीडियो में एक 15 वर्षीय किशोर दुर्घटनाग्रस्त कार के पास खड़ा नजर आ रहा है। घटना नोएडा की बताई जा रही है, हालांकि स्थान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वीडियो में क्या दिख रहा है?
वीडियो के मुताबिक, किशोर कार लेकर निकला था और रास्ते में उसकी टक्कर एक अन्य वाहन से हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि टक्कर के बाद किशोर ने वहां से निकलने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने उसे रोक लिया। इसके बाद आसपास के लोग उससे सवाल-जवाब करने लगे।
इसी दौरान किशोर की मां भी मौके पर पहुंचीं। लोगों ने जब बेटे की उम्र और ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में पूछा तो वीडियो में मां और किशोर दोनों के पास लाइसेंस नहीं होने की बात सामने आती है।
मां कथित तौर पर बताती हैं कि उनका नियमित ड्राइवर छुट्टी पर था, इसलिए उन्होंने बेटे को कार लेकर बाहर जाने के लिए कहा था।
छुट्टी पर था ड्राइवर, मां के पास नहीं था लाइसेंस
वीडियो में मां कहती हुई सुनाई दे रही हैं कि उनका ड्राइवर छुट्टी पर था और उन्हें किसी को पिक करने के लिए जाना था, इसलिए उन्होंने बेटे से कार चलवाने का फैसला किया।
जब भीड़ ने मां से पूछा कि क्या उनके बेटे के पास ड्राइविंग लाइसेंस है, तो दोनों ने स्वीकार किया कि उनके पास लाइसेंस नहीं है। मां ने यह भी कहा कि उनका बेटा तेजी से नहीं चला रहा था और वह सावधानी से ड्राइव कर रहा था।
हादसे के बाद मां के कथित ‘चलता है’ वाले रवैये पर लोगों की नाराजगी
हादसे के बाद मां के कथित ‘चलता है’ वाले रवैये पर इंटरनेट मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देना गंभीर लापरवाही है।
वीडियो के कमेंट सेक्शन में मां की इस बात पर काफी आलोचना हो रही है कि उन्होंने नाबालिग बेटे को कार चलाने दिया और हादसे के बाद भी उन्हें अपनी गलती का अहसास नहीं हुआ।
कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि हादसे के समय कार में एक बच्चा मौजूद था, हालांकि वीडियो से इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
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वीडियो के अंत में पुलिस को सूचना देने की बात
वीडियो के अंत में कुछ लोग मामले की सूचना पुलिस को देने की बात करते सुनाई देते हैं। हालांकि, घटना को लेकर पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
क्या कहता है नियम?
नियमों के अनुसार, सामान्य मोटर वाहन चलाने के लिए न्यूनतम उम्र 18 वर्ष है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199ए में नाबालिग के वाहन चलाने पर अभिभावक या वाहन मालिक की जिम्मेदारी तय करने का प्रावधान है।
दोष साबित होने पर अभिभावक या वाहन मालिक को जेल और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। वाहन का पंजीकरण रद्द होने और नाबालिग के 25 वर्ष की उम्र तक लाइसेंस पाने से रोकने का भी प्रावधान है।
Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 199A
भारत में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 199A के तहत नाबालिग द्वारा वाहन चलाने की स्थिति में वाहन के मालिक या अभिभावक को जिम्मेदार ठहराया जाता है।
इसके तहत निम्नलिखित सजा का प्रावधान है:
- 3 साल तक की जेल
- 25,000 रुपये तक का जुर्माना
- वाहन का पंजीकरण रद्द होना
- नाबालिग को 25 वर्ष की उम्र तक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिलना
निष्कर्ष
नोएडा में 15 साल के नाबालिग को कार चलाने देने और हादसे के बाद मां के ‘चलता है’ कहने का वीडियो वायरल हुआ है। मां की लापरवाही पर लोगों ने नाराजगी जताई है, क्योंकि बेटे और मां दोनों के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था।
कानून के अनुसार, नाबालिग को वाहन चलाने देना गंभीर अपराध है और इसके लिए अभिभावक को जेल और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
यह मामला इस बात की ओर इशारा करता है कि सड़क सुरक्षा के प्रति माता-पिता में जागरूकता की कमी है और नाबालिगों को वाहन चलाने देना कितना खतरनाक हो सकता है।

