Sourav Joshi Controversy – यूट्यूबर सौरव जोशी इन दिनों अपने एक व्लॉग को लेकर काफी विवाद में घिर गए हैं। दरअसल, अपने हालिया व्लॉग में सौरव जोशी ने पत्नी अवंतिका भट्ट को अपने पालतू कुत्ते ओरियो के कटोरे से पानी पीने का डेयर दिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और यूजर्स ने इसे अपमानजनक बताते हुए सौरव जोशी की कड़ी आलोचना की।
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सौरव जोशी अक्सर अपने व्लॉग्स में परिवार के साथ मस्ती, गेम्स और चैलेंज दिखाते हैं। लेकिन इस बार उनका एक डेयर उनके लिए मुसीबत बन गया। लोगों का कहना है कि मनोरंजन के नाम पर किसी को असहज करना या उसकी बेइज्जती करना सही नहीं है।
क्या है पूरा विवाद?
यह विवाद सौरव जोशी के 13 अक्टूबर को पोस्ट किए गए व्लॉग ‘Truth and Dare Part 2’ से शुरू हुआ। व्लॉग में सौरव अपने परिवार के सदस्यों के साथ ट्रुथ एंड डेयर गेम खेल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने पत्नी अवंतिका भट्ट को अपने पेट डॉग ओरियो के पानी के कटोरे से पानी पीने का टास्क दिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अवंतिका ने शुरुआत में इस डेयर को करने से साफ इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि वे ऐसा नहीं करेंगी। लेकिन सौरव जोशी ने उन्हें बार-बार समझाया और आखिरकार अवंतिका ने कुत्ते के कटोरे से एक घूंट पानी पीकर डेयर पूरा कर दिया
वीडियो में दिखा कि सौरव जोशी ने दूसरों से भी पूछा कि इसमें कोई दिक्कत क्यों होगी। इसके बाद वे ओरियो का कटोरा लेकर अवंतिका के पास गए और उन्हें पानी पीने को कहा। यही दृश्य बाद में रेडिट और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया।
लोगों ने क्यों की आलोचना?
वीडियो वायरल होते ही यूजर्स ने सौरव जोशी को ट्रोल करना शुरू कर दिया। कई लोगों ने कहा कि यह डेयर सिर्फ अनहाइजीनिक नहीं, बल्कि पत्नी के साथ अपमानजनक रवैया भी है। रेडिट पर कई यूजर्स ने लिखा कि यह मजाक नहीं है और व्लॉग के लिए किसी पार्टनर को असहज करना गलत है।
कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि अगर अवंतिका बार-बार मना कर रही थीं, तो उन्हें दोबारा इस टास्क के लिए मनाना कितना उचित था। कई लोगों का मानना था कि जब कोई व्यक्ति साफ तौर पर असहज हो, तो उसे कंटेंट के लिए मजबूर करना मनोरंजन नहीं कहा जा सकता।
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने सौरव जोशी को ‘मिसोजिनिस्ट’ यानी महिला विरोधी भी बताया। यूपीएससी एजुकेटर और कंटेंट क्रिएटर अमित किल्होर ने भी इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरव जोशी की आलोचना की।
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सौरव जोशी ने दी क्या सफाई?
विवाद बढ़ने के बाद सौरव जोशी ने अपने अगले व्लॉग में इस मुद्दे पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अवंतिका को पानी पिलाने से पहले कटोरे को अच्छी तरह धोया गया था और पानी पूरी तरह साफ था। उनका कहना था कि उनके घर में ओरियो को भी अल्कलाइन पानी दिया जाता है, जो वे खुद भी पीते हैं।
सौरव जोशी ने यह भी कहा कि उनके लिए यह सिर्फ एक डेयर था और उन्होंने किसी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं की। लेकिन उनकी सफाई के बाद भी कई लोगों का कहना है कि मुद्दा सिर्फ सफाई का नहीं, बल्कि रिश्ते में सम्मान और सहमति का है।
फैमिली व्लॉगिंग पर उठे बड़े सवाल
यह विवाद सिर्फ सौरव जोशी तक सीमित नहीं है। इसने फैमिली व्लॉगिंग और कंटेंट क्रिएशन की सीमाओं पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आज कई यूट्यूबर्स अपने परिवार, जीवनसाथी और बच्चों को व्लॉग में दिखाकर व्यूज और एंगेजमेंट बढ़ाते हैं।
लेकिन सवाल यह है कि क्या हर चीज को कंटेंट बनाना ठीक है? खासकर जब किसी को असहज किया जा रहा हो या उसकी निजी पसंद-नापसंद को नजरअंदाज किया जा रहा हो। दर्शकों का कहना है कि क्रिएटर्स को व्यूज के लिए ऐसे डेयर से बचना चाहिए, जो किसी के सम्मान को चोट पहुंचा सकें।
सौरव जोशी और अवंतिका भट्ट कौन हैं?
सौरव जोशी भारत के सबसे लोकप्रिय यूट्यूबर्स में से एक हैं। वे अपने डेली व्लॉग्स, फैमिली कंटेंट और लाइफस्टाइल वीडियो के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में वे समय रैना के शो The Latent Show में जज के तौर पर भी नजर आए थे।
सौरव जोशी और अवंतिका भट्ट ने साल 2025 में ऋषिकेश में शादी की थी। शादी के बाद से अवंतिका भी अक्सर सौरव के व्लॉग्स में दिखती हैं और दोनों की जोड़ी यूट्यूबर्स के बीच काफी पॉपुलर है।
सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रिया
वीडियो के बाद रेडिट, इंस्टाग्राम और एक्स पर यूजर्स ने सौरव जोशी की आलोचना की। कुछ लोगों ने लिखा कि यह ‘बहुत ज्यादा’ है, तो किसी ने इसे ‘घटिया कंटेंट’ बताया। कई यूजर्स ने कहा कि चाहे वीडियो स्क्रिप्टेड हो या न हो, पार्टनर के साथ ऐसा व्यवहार स्क्रीन पर दिखाना सही संदेश नहीं देता।
वहीं, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अवंतिका ने डेयर पूरा किया था, इसलिए इसे इतना बड़ा मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। लेकिन ज्यादातर आलोचकों का कहना है कि असहजता और बार-बार इनकार के बाद डेयर को आगे बढ़ाना सहमति के सिद्धांत के खिलाफ जाता है।
क्या सीख मिलनी चाहिए कंटेंट क्रिएटर्स को?
इस पूरे विवाद से कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक जरूरी सबक निकलता है कि व्यूज और ट्रेंड के चक्कर में किसी की सहमति, गरिमा और असहजता को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। व्लॉग में परिवार दिखाना गलत नहीं है, लेकिन हर व्यक्ति की सहमति और सम्मान जरूरी है।
अच्छा कंटेंट वही होता है, जो मनोरंजन भी दे और दर्शकों के लिए सकारात्मक संदेश भी छोड़े। सौरव जोशी का यह विवाद बताता है कि दर्शक अब सिर्फ मस्ती नहीं, बल्कि क्रिएटर के व्यवहार और जिम्मेदारी को भी देखते हैं।
