Shah Rukh’s Statement Goes Viral – शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर इन तीनों स्टार्स को नोटिस जारी किया है। एफडीए का आरोप है कि विमल इलायची के विज्ञापन के जरिए राज्य में प्रतिबंधित विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष तौर पर प्रचार किया जा रहा है। ऐसे में नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर इनसे जवाब मांगा गया है। अब ऐसे में शाहरुख का एक पुराना बयान वायरल हो रहा है….
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शाहरुख का पुराना बयान वायरल
शाहरुख पहले भी कह चुके हैं कि अगर किसी तरह का कोई प्रोडक्ट लोगों के लिए स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है तो सरकार को वह तुरंत बैन कर देना चाहिए। कुछ साल पहले एक इंटरव्यू के दौरान जब शाहरुख से यह पूछा गया था कि सरकार ने सेलिब्रिटीज को ऐसे किसी प्रोडक्ट का विज्ञापन नहीं करने की सलाह दी है जो स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है और बच्चों को प्रभावित करता है।
ऐसे में इसके जवाब में शाहरुख ने कहा था कि अगर सरकार किसी उत्पाद को नुकसानदेह मानती है तो उसे बाजार में बेचने की अनुमति ही नहीं देनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि अगर सिगरेट खराब है तो उसका उत्पादन बंद करो, अगर सॉफ्ट ड्रिंक खराब है तो उसे बनने मत दो।
सरकार ऐसे उत्पादों को इसलिए नहीं रोकती क्योंकि उनसे उसे रेवेन्यू मिलता है। ऐसे में एक्टर की कमाई रोकने की बात क्यों होती है? शाहरुख ने साफतौर पर कहा था कि वह एक्टर हैं और उनका मकसद काम कर उससे कमाई करना है। अगर किसी चीज को गलत माना जाता है तो उसे बनाने और बेचने पर ही रोक लगनी चाहिए। लेकिन बता दें कि यह बयान शाहरुख ने सॉफ्ट ड्रिंक के विज्ञापन पर मचे विवाद के बाद दिया था।
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नोटिस में क्या कहा गया है?
एफडीए ने नोटिस में तीनों स्टार्स से सबूत पेश करने को कहा है कि विमल इलायची वाकई में एक अलग प्रोडक्ट है, जो मार्केट में बिकता है या फिर यह बैन हुए विमल पान मसाला और तंबाकू उत्पादों को प्रमोट करने के लिए बनाया गया महज एक सरोगेट या ब्रांड-एक्सटेंशन एड है।
एफडीए ने उन सभी टीवी चैनलों, डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जानकारी मांगी है, जहां यह एड टेलीकास्ट या पब्लिश हुआ। साथ ही इसके एयरटाइम की समयावधि भी बताने को कहा गया है। इसके अलावा, नोटिस में एक्टर्स से यह साफ करने को कहा गया है कि उनके और ब्रांड ऑनर के बीच किस तरह का कमर्शियल या लीगल एग्रीमेंट हुआ है।
तीनों एक्टर्स को नोटिस मिलने की तारीख से 15 दिनों के अंदर अपना लिखित जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में उन्हें तुरंत इस अभियान में अपनी भागीदारी बंद करने और अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से संबंधित प्रचार सामग्री को हटाने का भी निर्देश दिया गया है।
सरोगेट एडवर्टाइजिंग का आरोप
महाराष्ट्र के फूड सेफ्टी कमिश्नर तुकाराम मुंडे द्वारा जारी किए गए नौ पेज के नोटिस में कहा गया है कि विमल इलायची का विज्ञापन “प्राइमा फेसी” उस ब्रांड को प्रमोट करता प्रतीत होता है, जो मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा है। यह उत्पाद महाराष्ट्र में 13 जुलाई 2026 को जारी प्रतिबंध आदेश के तहत एक साल के लिए प्रतिबंधित है।
नोटिस में कहा गया है, “उक्त विज्ञापन की जांच करने पर प्राथमिक दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि विज्ञापन विमल ब्रांड को प्रमोट करता है, जो मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा है, एक ऐसा उत्पाद जिसका निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री महाराष्ट्र राज्य में एक साल के लिए प्रतिबंधित है।”
कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का खतरा
तीनों एक्टर्स को चेतावनी दी गई है कि यदि वे निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत उल्लंघन पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
एफडीए ने सभी तीन अभिनेताओं को शो-कॉज नोटिस भेजा है। उन्हें 15 दिनों का समय दिया गया है कि वे जवाब दें और अनुबंध, अभियान विवरण और उचित जांच के रिकॉर्ड प्रदान करें।
अजय देवगन का बचाव
अजय देवगन ने अपनी इस विज्ञापन से जुड़ाव का बचाव करते हुए इसे “व्यक्तिगत पसंद” कहा और कहा कि वे इलायची का समर्थन कर रहे हैं, न कि तंबाकू का। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि सेलिब्रिटीज को अपनी पहुंच और प्रभाव को समझना चाहिए और ऐसे ब्रांड्स का समर्थन करने से बचना चाहिए जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों से जुड़े हैं।
निष्कर्ष
विमल इलायची विज्ञापन विवाद ने सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट और सरोगेट एडवर्टाइजिंग के मुद्दे को फिर से गर्मा दिया है। शाहरुख खान का पुराना बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर कोई उत्पाद हानिकारक है तो उसे बेचने पर ही रोक लगनी चाहिए, न कि एक्टर्स की कमाई रोकनी चाहिए।
अब देखना यह है कि तीनों एक्टर्स 15 दिनों के भीतर क्या जवाब देते हैं और एफडीए इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है।
