Kanpur Medicine Trader Murder Case – उत्तर प्रदेश में कानपुर के कल्याणपुर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) की हत्या के मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी की हत्या की साजिश में उनकी बहू शालू की भूमिका सामने आई है।

आरोप है कि शालू ने अपने घर के नौकर विशाल गौतम को हत्या के लिए पैसे देने की बात कही थी। पुलिस ने विशाल और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार करने के बाद बहू शालू को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है….

पुलिस के अनुसार शालू ने स्वीकार की भूमिका

पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में शालू ने घटना से अनजान होने का दावा किया, लेकिन नौकर के बयान और कॉल डिटेल रिकॉर्ड सामने आने के बाद उससे पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में शालू ने हत्या की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की है। हालांकि, पूरे मामले में उसकी भूमिका और अन्य तथ्यों की जांच अभी जारी है।

फ्लैट में अकेले थे कारोबारी

घटना कल्याणपुर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के C-104 फ्लैट की है। पुलिस के मुताबिक, वारदात वाली रात विनीत मिनोचा फ्लैट में अकेले थे। उनका बेटा सुब्रत, बहू शालू और उनका बच्चा बाहर पार्टी में गए थे। रविवार तड़के करीब 3 बजे जब बेटा-बहू वापस लौटे तो बेडरूम में विनीत मृत मिले। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और अपार्टमेंट में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।

CCTV में दिखे दो संदिग्ध, पुलिस ने किया गिरफ्तार

जांच के दौरान पुलिस को CCTV फुटेज में विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर की अपार्टमेंट में आने-जाने की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, दोनों संदिग्धों को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में विशाल ने पुलिस को बताया कि वह शालू के कहने पर विनीत की हत्या करने पहुंचा था। इसके बाद पुलिस का शक कारोबारी की बहू पर गहरा गया और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

गार्ड के बयान से भी बढ़ा पुलिस का शक

अपार्टमेंट के सिक्योरिटी इंचार्ज मदन ने पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन विशाल अपने साथी के साथ फ्लैट पर आया था। उसने अंदर जाने की अनुमति मांगी थी। गार्ड के मुताबिक, जब उसने अनुमति देने से इनकार किया तो विशाल ने शालू से फोन पर बात कराई। शालू ने गार्ड से दोनों को अंदर आने देने के लिए कहा और बताया कि वे दवाएं लेकर आए हैं।

इसके कुछ देर बाद शालू अपने पति और बच्चे के साथ बाहर चली गई। उस समय फ्लैट में विनीत अकेले थे। पुलिस अब गार्ड के बयान, CCTV फुटेज और एंट्री रजिस्टर को जांच का अहम हिस्सा मान रही है।

28 जुलाई के विवाद के बाद ससुर से नाराज थी बहू

पुलिस पूछताछ में शालू ने बताया कि 28 जुलाई को वह एक पार्टी से देर रात वापस लौटी थी। पुलिस के अनुसार, देर से घर लौटने को लेकर विनीत ने उसे डांटा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। पुलिस का दावा है कि इसी विवाद के बाद शालू ने ससुर की हत्या की योजना बनाने का फैसला किया। पूछताछ में उसने यह भी बताया कि बाद में उसने नौकर विशाल से संपर्क किया और हत्या की साजिश को आगे बढ़ाया।

पुलिस के मुताबिक, जन्माष्टमी के दिन भी विशाल को घर बुलाया गया था। इसी दौरान दोनों के बीच कारोबारी की हत्या की योजना को लेकर बातचीत हुई थी।

बहू और नौकर के बीच 14 बार बातचीत

पुलिस ने शालू और विशाल के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी खंगाली है। शुरुआती जांच में सामने आया कि 1 जुलाई से घटना वाले दिन तक दोनों के बीच करीब 35 से 40 बार बातचीत हुई थी। पुलिस के अनुसार, अधिकतर कॉल छोटी अवधि की थीं।

वहीं घटना वाले दिन दोनों के बीच 14 बार बातचीत हुई। सुबह करीब 9 बजे शालू ने विशाल को फोन किया था और इसके बाद देर रात तक दोनों के बीच संपर्क बना रहा।

पुलिस के मुताबिक, कॉल डिटेल मामले में शालू की भूमिका की जांच के लिए अहम सुराग साबित हुई है।

‘हत्या को सामान्य मौत दिखाने की भी थी योजना’

कानपुर वेस्ट के DCP एसएम कासिम आब्दी के मुताबिक, पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि हत्या को सामान्य मौत या हार्ट अटैक जैसा दिखाने की योजना बनाई गई थी। पुलिस के अनुसार, शालू ने विशाल को कारोबारी के सोने के बाद वारदात करने के लिए कहा था। आरोप है कि शालू ने उसे फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी भी उपलब्ध कराई थी।

पुलिस का कहना है कि घटना से पहले विशाल को मैसेज किया गया था कि घर खाली है और वह अंदर आ सकता है। इसके बाद दोनों आरोपी फ्लैट में पहुंचे और अंदर छिप गए।

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Kanpur Medicine Trader Murder Case
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कारोबारी ने कमरों की जांच की तो सामने आए आरोपी

पुलिस के मुताबिक, रात में विनीत जब फ्लैट के कमरों को देखने और लॉक करने पहुंचे तो उन्हें घर के एक कमरे में विशाल और राजकिशोर के मौजूद होने का पता चला। इसके बाद दोनों ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कारोबारी के शरीर पर कई चोटों की पुष्टि हुई है। पुलिस इसी आधार पर हत्या की पूरी परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

‘CCTV लगाने से नाराज थी बहू’

पुलिस के मुताबिक, विनीत ने घटना से कुछ समय पहले ही अपने 3 BHK फ्लैट में CCTV कैमरे लगवाए थे। एक कैमरा मुख्य गेट की तरफ था, जबकि दूसरा बालकनी और कमरों के आने-जाने वाले हिस्से को कवर करता था।

जांच अधिकारियों का कहना है कि CCTV की वजह से शालू को अपनी गतिविधियों पर निगरानी महसूस होती थी। पुलिस इसे हत्या की साजिश के पीछे बताई जा रही वजहों में से एक मान रही है।

चोरी के आरोप में नौकरी से निकाला गया था विशाल

पुलिस के अनुसार, विशाल गौतम लंबे समय से विनीत की दवा फर्म से जुड़ा था। वह वर्ष 2010 से बिरहाना रोड स्थित उनकी दुकान पर काम करता था।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 2022 में दुकान से चोरी के आरोप में विनीत ने विशाल को नौकरी से निकाल दिया था। इसके बाद वह कारोबारी के बेटे सुब्रत के कहने पर छोटे-मोटे काम के लिए घर आता-जाता था।

जांच में अब यह भी देखा जा रहा है कि पुराने विवाद का हत्या की साजिश से कोई संबंध था या नहीं।

पुलिस को इन तीन वजहों से बहू पर हुआ शक

पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान तीन अहम बिंदुओं ने शालू की भूमिका पर शक बढ़ाया:

  1. आरोपी घर से कोई सामान लेकर नहीं गए थे। इससे पुलिस को लगा कि उनका मकसद चोरी नहीं, बल्कि किसी खास व्यक्ति को निशाना बनाना था।
  2. CCTV और सुरक्षा गार्ड के बयान से पता चला कि दोनों संदिग्धों को फ्लैट में प्रवेश की अनुमति मिली थी।
  3. घटना वाले दिन शालू और विशाल के बीच 14 बार फोन पर बातचीत हुई थी।

इन तथ्यों को जोड़कर पुलिस ने शालू से पूछताछ की।

पति सुब्रत की भूमिका अभी सामने नहीं आई

पुलिस की शुरुआती जांच में कारोबारी के बेटे सुब्रत की हत्याकांड में कोई भूमिका सामने नहीं आई है। हालांकि, पुलिस ने उससे भी पूछताछ की है और मामले से जुड़े तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

पुलिस यह भी जांच रही है कि वारदात की जानकारी परिवार के किसी अन्य सदस्य को थी या नहीं।

50 करोड़ रुपये से ज्यादा का था दवा कारोबार

विनीत मिनोचा कानपुर के प्रमुख दवा कारोबारियों में शामिल बताए जा रहे थे। वह बिरहाना रोड पर ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम से दवा की फर्म चलाते थे।

पुलिस और उपलब्ध कारोबारी जानकारी के मुताबिक, फर्म का सालाना कारोबार कई दर्जन करोड़ रुपये का था। विनीत अपने बेटे सुब्रत के साथ कारोबार संभालते थे।

परिवार में उनकी पत्नी पुनीता, बेटा सुब्रत, बहू शालू और पोता शामिल हैं। शालू के पिता लखनऊ में कपड़ा कारोबारी बताए जाते हैं।

45 गार्ड और 650 CCTV के बावजूद वारदात

रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में सुरक्षा व्यवस्था भी पुलिस जांच के दायरे में है। परिसर में 1056 फ्लैट और 27 बंगले बताए जा रहे हैं। सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी इंचार्ज समेत करीब 45 गार्ड तैनात हैं।

पूरे परिसर में करीब 650 CCTV कैमरे लगे होने की बात सामने आई है। इसके अलावा कई फ्लैटों के अंदर भी निवासियों ने अपने स्तर पर कैमरे लगा रखे हैं।

पुलिस के मुताबिक, घटना वाली रात मुख्य गेट पर सामान्य दिनों की तुलना में एक गार्ड कम था। गेट के रजिस्टर में भी रात 8:28 बजे के बाद सीधे करीब 10 बजे एक दूधवाले की एंट्री दर्ज मिली। पुलिस अब CCTV फुटेज, एंट्री रजिस्टर और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

निष्कर्ष

कानपुर के कल्याणपुर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) की हत्या के मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है।

पुलिस के मुताबिक, कारोबारी की बहू शालू ने नौकर विशाल गौतम से हत्या करवाई। विशाल और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि शालू को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

28 जुलाई को देर रात घर लौटने को लेकर ससुर से हुए विवाद के बाद शालू ने हत्या की साजिश रची। घटना वाले दिन शालू और विशाल के बीच 14 बार फोन पर बातचीत हुई, जो कॉल डिटेल से सामने आई।

हत्या को सामान्य मौत या हार्ट अटैक जैसा दिखाने की भी योजना बनाई गई थी। CCTV कैमरे लगवाने से भी शालू नाराज थी, क्योंकि उसे अपनी गतिविधियों पर निगरानी महसूस होती थी।

विशाल को 2022 में चोरी के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया था, लेकिन वह बाद में छोटे-मोटे काम के लिए घर आता-जाता रहा।

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