Jaipur Murder Case – जयपुर से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों, लालच और साजिश की सारी हदें तोड़ दी हैं। 4 जुलाई को जिस घटना को पहले एक सड़क हादसा माना जा रहा था, अब पुलिस जांच में वह एक सुनियोजित हत्या निकली है। मृतका नीरज शर्मा की मौत दुर्घटना में नहीं, बल्कि साजिश के तहत कराई गई थी। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या की साजिश उनकी अपनी बेटी आयुषी, जेठ मोहन और जेठ के बेटे बलराम ने मिलकर रची थी…

क्या है पूरा मामला?

प्रताप नगर थाना क्षेत्र में 4 जुलाई को स्कॉर्पियो की टक्कर से नीरज शर्मा की मौत हो गई थी। शुरू में इसे एक सामान्य सड़क दुर्घटना माना गया, लेकिन पुलिस को इस घटना में कई बातें संदिग्ध लगीं। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या थी। जयपुर पुलिस ने इस मामले में बड़ा खुलासा करते हुए आयुषी, मोहन सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि बलराम अभी फरार बताया जा रहा है।

डीसीपी जयपुर ईस्ट रंजिता शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मृतका के पति पहले कोर्ट में LDC के पद पर कार्यरत थे। करीब एक साल पहले उनकी मौत हो गई थी, जिसके बाद नीरज शर्मा को उनकी जगह नौकरी मिली थी। यही नौकरी इस पूरे विवाद की जड़ बनी। पुलिस के मुताबिक बेटी आयुषी इसी नौकरी को अपने नाम कराना चाहती थी, और इसी लालच में उसने अपनी ही मां की हत्या की साजिश रच दी।

कैसे रची गई हत्या की साजिश?

पुलिस जांच में सामने आया कि आयुषी ने अपने ताऊ मोहन और ताऊ के बेटे बलराम के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। तीनों ने मिलकर अपने नजदीकी रिश्तेदार हेमंत को 7 लाख रुपये की सुपारी दी। इसके बाद हेमंत ने अपने साथियों आकाश, अरविंद, रोहित और मोहित के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया।

Also Read – 13 साल बड़ी गर्लफ्रेंड के लिए पति ने की पत्नी की हत्या, 3 महीने पहले हुई थी शादी…

Jaipur Murder Case
Jaipur Murder Case

हत्या के तरीके ने पुलिस को भी हैरान कर दिया। नीरज शर्मा को स्कॉर्पियो से कुचलवाया गया, ताकि यह मामला हादसे जैसा लगे। लेकिन जांच में यह साफ हो गया कि यह एक रची हुई साजिश थी, जिसमें हर आरोपी की भूमिका पहले से तय थी। पुलिस अब सभी आरोपियों की क्राइम कुंडली खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने पहले भी ऐसी वारदातें की हैं या नहीं।

भाई को हुआ शक, फिर खुला राज

इस पूरे मामले में सबसे पहले शक मृतका के भाई राकेश कुमार शर्मा को हुआ। उन्हें सड़क हादसे वाली कहानी हजम नहीं हुई। उन्होंने पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज कराई और अपनी बहन की मौत पर शक जताया। राकेश ने पुलिस को बताया कि उनकी भांजी आयुषी ने फोन करके हादसे में मौत की जानकारी दी थी, लेकिन उन्हें शुरू से ही यह बात संदिग्ध लगी।

राकेश ने पुलिस को यह भी बताया कि नीरज शर्मा लंबे समय से परेशान थीं और कई बार फोन पर उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी, जेठ और जेठ का बेटा संपत्ति को लेकर उन्हें परेशान करते हैं। इसी वजह से राकेश को लगा कि नीरज की मौत किसी हादसे में नहीं हुई, बल्कि उनकी हत्या कराई गई है। उन्होंने पुलिस से साफ तौर पर हत्या की आशंका जताई, जिसके बाद जांच की दिशा बदल गई।

मौके पर क्या मिला?

पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर स्थानीय लोगों से पूछताछ की। कई लोगों ने बताया कि एक तेज रफ्तार गाड़ी आई और उसने महिला को टक्कर मार दी। लेकिन जब पुलिस ने गाड़ी, उसके ड्राइवर और जुड़े लोगों की गहराई से जांच की, तो उनकी कहानी में कई विरोधाभास सामने आए। इसके बाद ड्राइवर से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने पूरा राज उगल दिया। उसी बयान के आधार पर पुलिस ने पूरी हत्या की साजिश का पर्दाफाश किया।

यह भी सामने आया कि आरोपी इस वारदात को दुर्घटना दिखाकर बच निकलना चाहते थे। यही वजह थी कि स्कॉर्पियो को हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया, ताकि किसी को शक न हो। लेकिन पुलिस की सूझबूझ और मृतका के भाई की सतर्कता ने इस पूरे खेल को बेनकाब कर दिया।

संपत्ति और नौकरी बना वजह

इस मामले में सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि हत्या की जड़ में एक बेटी की मां की नौकरी पाने की लालच और संपत्ति को लेकर विवाद था। पति की मौत के बाद नीरज को जो सरकारी नौकरी मिली थी, उसे लेकर परिवार के अंदर पहले से तनाव चल रहा था। आयुषी चाहती थी कि यह नौकरी उसे मिले, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो उसने साजिश रच डाली। पुलिस के मुताबिक यही लालच इस जघन्य अपराध की सबसे बड़ी वजह बनी।

रिश्तों का यह खून सिर्फ इसलिए बहा क्योंकि कुछ लोगों को संपत्ति और नौकरी पर कब्जा चाहिए था। जो बेटी अपनी मां के सहारे खड़ी होनी चाहिए थी, उसने ही मां की जान लेने की साजिश रच दी। यह घटना समाज के लिए भी एक कठोर संदेश है कि लालच इंसान को किस हद तक गिरा सकता है।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

फिलहाल पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और फरार बलराम की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि कहीं इस गिरोह ने पहले भी किसी हत्या या सुपारी किलिंग को अंजाम तो नहीं दिया। साथ ही सभी आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि भी खंगाली जा रही है।

जयपुर पुलिस के इस खुलासे ने पूरे शहर को हिला दिया है। जो मामला पहले सड़क हादसा लग रहा था, वह अब बेटी, ताऊ और सुपारी किलरों की मिलीभगत वाली सुनियोजित हत्या बनकर सामने आया है। यह केस सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि रिश्तों की उस कड़वी सच्चाई का चेहरा है, जिसमें लालच ने मां-बेटी के रिश्ते को भी नहीं बख्शा।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *