CJP’s New Warning – CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने साफ कहा है कि अगर सरकार ने छात्रों के साथ किए गए वादे पूरे नहीं किए और पुलिसिया कार्रवाई बंद नहीं हुई, तो संगठन फिर से देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने इसे “आर-पार की लड़ाई” जैसा रुख बताते हुए मोदी सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर भी सीधा हमला बोला।…

दिपके ने कहा कि छात्र अपने भविष्य और अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे थे, कोई मजे के लिए सड़क पर नहीं उतरा था। उनके मुताबिक 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन जैसी कार्रवाई हुई, जिसे वे बेहद गलत मानते हैं।

सरकार पर आरोप

ANI से बातचीत में दिपके ने आरोप लगाया कि सरकार को प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए था, मानो वे आतंकवादी हों। उन्होंने कहा कि अगर छात्रों को परेशान करना जारी रहा, तो CJP बहुत जल्द फिर सड़कों पर उतरेगी।

उनका कहना था कि जिन युवाओं ने अपनी शिक्षा और भविष्य को लेकर आवाज उठाई, उनके खिलाफ बल प्रयोग करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र को शर्म आनी चाहिए और उसने छात्रों के साथ गलत किया।

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CJP's New Warning
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क्या बोले दिपके

दिपके ने कहा, “हम बहुत जल्द ऐसा करेंगे,” यानी नया आंदोलन शुरू करने की तैयारी है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अभी वे रणनीति पर काम कर रहे हैं और जल्द ही अगला कदम सार्वजनिक करेंगे।

इससे पहले भी उन्होंने आंदोलन को “लंबी लड़ाई” बताया था और चेतावनी दी थी कि अगर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्र-मांगों पर गंभीर कदम नहीं उठे, तो आंदोलन तेज होगा।

पृष्ठभूमि क्या है

CJP ने जंतर-मंतर पर NEET-UG 2026 पेपर लीक, परीक्षा सुधार और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर लंबा प्रदर्शन किया था। बाद में सरकार की ओर से कुछ वादे और कदम सामने आए, जिसके बाद संगठन ने धरना खत्म किया था।

अब दिपके का नया बयान संकेत देता है कि संगठन सरकार की कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। अगर छात्रों के खिलाफ कथित दमन जारी रहा, तो मुद्दा फिर से सड़क पर लौट सकता है।

पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति

दिपके ने खास तौर पर पैलेट गन और लाठीचार्ज को मुद्दा बनाया। उनका कहना है कि प्रदर्शनकारियों को आतंकवादी की तरह ट्रीट करना अस्वीकार्य है।

दिल्ली पुलिस की तरफ से इस पर अलग दावा किया गया है कि पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया गया था, लेकिन विवाद के चलते यह मामला अभी भी संवेदनशील बना हुआ है।

अब CJP क्या कर सकती है

रिपोर्टों के मुताबिक, CJP अभी अपनी अगली रणनीति तैयार कर रही है। संगठन का फोकस एक तरफ छात्रों पर कार्रवाई रोकने पर है, तो दूसरी तरफ अगर जरूरत पड़ी तो बड़े स्तर पर नया आंदोलन शुरू करने पर भी है।

यानी संगठन फिलहाल पीछे हटने के मूड में नहीं दिखता। वह सरकार पर दबाव बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर फिर से सड़क पर उतरने की तैयारी में है।

राजनीतिक असर

दिपके का यह बयान सत्ता और आंदोलन के बीच टकराव को फिर से तेज कर सकता है। अगर CJP दोबारा देशव्यापी अभियान शुरू करती है, तो शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई—तीनों मुद्दे फिर से सुर्खियों में आ जाएंगे।

यह भी साफ है कि CJP अब खुद को सिर्फ छात्र संगठन की तरह नहीं, बल्कि एक दबाव बनाने वाली राजनीतिक ताकत की तरह पेश कर रही है।

निष्कर्ष

संक्षेप में, अभिजीत दिपके ने सरकार को खुली चेतावनी दी है कि अगर वादे पूरे नहीं हुए और छात्रों पर कार्रवाई जारी रही, तो CJP फिर से सड़क पर उतरेगी। फिलहाल संगठन अगली रणनीति पर काम कर रहा है, लेकिन संकेत साफ हैं कि यह लड़ाई खत्म नहीं हुई है।

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