Sensational Video of Bihar IAS Controversy – बिहार के मधुबनी जिले में पुलिस फायरिंग की घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों से बात करने पहुंचे जिलाधिकारी आनंद शर्मा को भी विरोध का सामना करना पड़ा। मंगलवार को मृतक के परिजनों से बातचीत के दौरान एक महिला ने उनका कॉलर पकड़ लिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में डीएम लोगों से हाथ जोड़कर शांत रहने और उनकी बात सुनने की अपील करते दिख रहे हैं। घटना के बाद सुरक्षाकर्मियों ने हस्तक्षेप कर डीएम और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार को वहां से सुरक्षित निकाला…
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ASI की फायरिंग के बाद तनाव
यह मामला मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ गांव का है। रिपोर्टों के मुताबिक, सोमवार, 2 नवंबर की रात पुलिस पिकेट पर तैनात सहायक अवर निरीक्षक (ASI) चंद्रमोहन सिंह ने अपनी सर्विस पिस्टल से गोली चलाई। गोलीबारी में चार लोगों को चोट लगी। इनमें अशोक यादव नाम के एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हुए। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और ग्रामीणों ने आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।
मंगलवार को लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। इसी दौरान डीएम आनंद शर्मा और एसपी योगेंद्र कुमार ग्रामीणों को समझाने तथा जाम खुलवाने के लिए मौके पर पहुंचे। लेकिन गोलीकांड से नाराज लोगों ने अधिकारियों के सामने अपनी शिकायतें रखीं और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
बातचीत के दौरान महिला ने पकड़ा कॉलर
रिपोर्टों के अनुसार, डीएम मृतक के परिजनों से बात कर रहे थे। इसी दौरान कुछ महिलाएं आक्रोशित हो गईं। एक महिला ने डीएम का कॉलर पकड़ लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की की। कुछ रिपोर्टों में महिला के हाथ में चप्पल होने और उससे हमला करने की कोशिश का भी जिक्र है। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव किया और अधिकारियों को भीड़ से अलग किया।
वायरल वीडियो में डीएम को लोगों से संयम रखने और उनकी बात सुनने की अपील करते देखा जा सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, परिजन परिवार की बेटी के भविष्य और शादी को लेकर चिंता जता रहे थे। डीएम ने उन्हें भरोसा दिलाने की कोशिश की कि प्रशासन उनकी मदद करेगा। हालांकि, वीडियो के कुछ हिस्से ही सामने आए हैं; इसलिए पूरे घटनाक्रम का आकलन केवल वायरल क्लिप के आधार पर करना उचित नहीं होगा।
ग्रामीणों की मांग : आरोपी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई
ग्रामीणों का गुस्सा फायरिंग की घटना और उसके बाद की कार्रवाई को लेकर था। प्रदर्शनकारी आरोपी ASI के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे थे। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और सड़क जाम समाप्त करने की अपील की। रिपोर्टों के अनुसार, प्रशासन ने आरोपी पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई और मृतक के परिवार को उचित सरकारी सहायता देने का आश्वासन भी दिया।
घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए जाने की खबर है। प्रशासन की प्राथमिकता तनाव कम करना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और पीड़ित परिवार की शिकायतों पर कार्रवाई करना है।
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कौन हैं डीएम आनंद शर्मा?
आनंद शर्मा 2013 बैच के बिहार कैडर के IAS अधिकारी हैं और मधुबनी के जिलाधिकारी के पद पर तैनात हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और दिल्ली से MBA किया। सिविल सेवा में आने से पहले वह जर्मनी में नौकरी कर चुके हैं। अपने प्रशासनिक करियर में वह बिहार के अन्य जिलों और विभागों में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
डीएम के साथ हुई बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। कुछ यूजर्स ने तनावपूर्ण स्थिति में उनके शांत रहने की तारीफ की जबकि घटना ने यह सवाल भी उठाया कि गोलीकांड के बाद पीड़ित परिवारों का गुस्सा किस स्तर तक पहुंच गया था।
जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर
फायरिंग की घटना और उसके बाद हुए विरोध-प्रदर्शन की जांच जारी है। आरोपी ASI के खिलाफ कार्रवाई, घायलों की स्थिति और मृतक के परिवार को सहायता दिए जाने से जुड़ी आधिकारिक जानकारी आगे स्पष्ट होगी। फिलहाल डीएम के साथ हुई घटना को गोलीकांड के बाद उपजे जनआक्रोश के संदर्भ में देखा जा रहा है।
निष्कर्ष
मधुबनी में पुलिस फायरिंग के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सड़क पर सामने आया और पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे डीएम आनंद शर्मा को भी विरोध झेलना पड़ा। वायरल वीडियो में उनका लोगों को समझाने का प्रयास दिखता है। अब मामले में पुलिस कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सहायता और इलाके में शांति बहाल करने के प्रशासनिक कदम अहम होंगे।
