CJP Activist Nishu Azad – PM मोदी को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान पर निशु आजाद ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि जो बातें उनके नाम से सामने आईं, वे उनकी अपनी सोच या निजी राय नहीं थी। निशु आजाद का दावा है कि उन्होंने वह बयान अपने मन से नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि मैं बस वही पढ़ रही थी जो बोर्ड पर लिखा था….
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निशु आजाद ने सफाई में क्या कहा?
CJP एक्टिविस्ट निशु आजाद ने अपनी पिछली टिप्पणी पर कहा कि मेरा एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें मैंने कहा था, ‘मोदी जी की तेरहवीं।’ अगर आप बैकग्राउंड में ध्यान से देखें, तो आपको एक बोर्ड दिखाई देगा। मैंने बस वही कहा जो वहां लिखा था और वीडियो रिकॉर्ड किया। मैंने यह अपनी सोच या राय के आधार पर नहीं कहा था। मैं बस वही पढ़ रही थी जो बोर्ड पर लिखा था। हालांकि, लोगों ने इसे लेकर एक नकारात्मक नैरेटिव बना दिया।
वह हमारे देश के प्रधानमंत्री हैं उन्हें एक महान व्यक्ति भी कहा जा सकता है, क्योंकि वह देश का नेतृत्व कर रहे हैं। हम उन्हें अपशब्द नहीं कह सकते। लेकिन अगर हम उनके व्यवहार या काम के कुछ पहलुओं से नाखुश हैं, तो हम उनसे सवाल पूछ सकते हैं। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। संविधान हमें यह अधिकार देता है। इसलिए, अपशब्द कहने के बजाय, उन बातों को सामने लाएं जिनसे आप सहमत नहीं हैं और उनसे सवाल पूछें। यही सही तरीका है।
“एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें मैंने कहा था, ‘मोदी जी की तेरहवीं।’ अगर आप बैकग्राउंड में ध्यान से देखें, तो आपको एक बोर्ड दिखाई देगा। मैंने बस वही कहा जो वहां लिखा था और वीडियो रिकॉर्ड किया,” निशु आजाद ने ANI से बातचीत में कहा।
पिता पर हमले का मामला और पुलिस की कार्रवाई
इधर, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता पर हमला करने के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि दलित छात्रा निशु आजाद के पिता के साथ कथित मारपीट के मामले में स्वयंभू ‘हिंदुत्ववादी इनंफ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाए। पार्टी के महिला प्रकोष्ठ ‘अखिल भारतीय महिला कांग्रेस’ की अध्यक्ष अल्का लांबा ने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस को भाजपा के हाथों की कठपुतली नहीं बनना चाहिए।
स्वतंत्र भारद्वाज का क्या कहना है?
स्वतंत्र भारद्वाज ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि निशु के पिता पर मैंने हमला नहीं किया। ये सिर्फ सेल्फ डिफेंस था। अगर मैं सेल्फ डिफेंस नहीं करता तो मेरी मॉब लिंचिंग हो जाती है।
भारद्वाज ने कहा कि मुझे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। जिसे हमले के रूप दिया जा रहा वो हमला नहीं सेल्फ डिफेंस था। स्वतंत्र भारद्वाज ने बताया कि जंतर मंतर प्रोटेस्ट के दौरान मेरा वीडियो निशु और उसके पिता बना रहे थे। मैं उन दोनों को नहीं जानता था। उस समय वो लोग विवादित बयान भी दे रहे थे।
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जब मैंने देखा कि मेरा वीडियो बना रहे तो मैंने उनसे कहा कि कैमरा नीचे करो। जैसे ही मैं ये बोला वहां कई लोग आते हैं और मुझ पर हमला कर देते हैं। मुझे कोई स्टिच नहीं आता लेकिन इसी दौरान अचानक सेल्फ डिफेंस में हम हाथ चलाए तो मेरे हाथ में कड़ा था जो निशु के पिता को लग गया।
दिल्ली पुलिस ने किया हिरासत में
राइट-विंग इंफ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया। वह कथित तौर पर जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान एक छात्र कार्यकर्ता के पिता पर हमला करने का आरोपी है।
एक वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया, जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज, जो खुद को ‘कट्टर हिंदू’ बताता है, ने दावा किया था कि उसने निशु के पिता का सिर फोड़ दिया था।
निष्कर्ष
निशु आजाद ने ‘मोदी जी की तेरहवीं’ वाले विवादित बयान पर सफाई दी है और कहा है कि वह बस बोर्ड पर लिखा हुआ पढ़ रही थी।उन्होंने कहा कि यह उनकी निजी राय नहीं थी और उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति अपशब्दों का उपयोग नहीं करना चाहिए। दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में ले लिया है और CJP को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।
स्वतंत्र भारद्वाज का दावा है कि उसने आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी, न कि हमला किया था। कांग्रेस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की मांग की है और दिल्ली पुलिस पर भाजपा का एजेंट होने का आरोप लगाया है।

