JPSC-JSSC Exam Controversy Update – झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। पिछले करीब 20 दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र धरना और प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच बुधवार देर रात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम स्टेडियम पहुंची, जिससे आंदोलनकारियों के बीच हलचल बढ़ गई। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि टीम छात्रों को हटाने नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से निपटने की तैयारी का आकलन करने पहुंची थी…
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CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र, सरकार से पूछे तीखे सवाल
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार CBI जांच कराने से पीछे क्यों हट रही है? पासवान बोले कि ‘लड़ाई सिर्फ पेपर लीक तक सीमित नहीं’, लड़ाई पूरे सिस्टम में पनपे भ्रष्टाचार के खिलाफ है। रविंद्र पासवान ने कहा कि 15 अगस्त से पहले मुख्यमंत्री छात्रों से बातचीत करें।
रविंद्र ने कहा कि अगर स्वतंत्रता दिवस के दौरान भी छात्र आंदोलन करते रहे तो इससे पूरे झारखंड की बदनामी होगी, मुख्यमंत्री को इस पर सोच-विचार करना चाहिए। छात्रों का कहना है कि वे केवल एक परीक्षा की नहीं, बल्कि वर्ष 2019 से अब तक आयोजित सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि राज्य की जांच एजेंसियों ने कई मामलों में कार्रवाई जरूर की है, लेकिन अब तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आई है। इसलिए वे केवल एक परीक्षा की नहीं, बल्कि 2019 से 2026 तक की सभी विवादित JPSC और JSSC परीक्षाओं की CBI जांच की मांग कर रहे हैं।
16 अगस्त को CM आवास घेराव!
रविंद्र पासवान ने कहा कि 16 अगस्त का मुख्यमंत्री आवास घेराव कमेटी का लिया हुआ फैसला नहीं, बल्कि छात्रों की मांग है। छात्र नेता ने साफ किया कि 16 अगस्त को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
छात्रों ने पहले 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया था, लेकिन बाद में तारीख बदलकर 16 अगस्त कर दी गई। हालांकि, अभी तक इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
देर रात जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंची पुलिस टीम
भर्ती परीक्षा विवाद को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच बुधवार रात करीब 12 बजे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंची। यहीं पर पिछले कई दिनों से छात्र धरना दे रहे हैं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच तथा कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था, आंदोलन की स्थिति और वहां मौजूद छात्रों की गतिविधियों का जायजा लिया। अधिकारियों के अनुसार टीम का उद्देश्य छात्रों को हटाना नहीं था, बल्कि रात के समय सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना और किसी भी अप्रिय परिस्थिति से निपटने की तैयारियों का आकलन करना था।
घायल छात्रों से मिले रघुबर दास
इधर, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता रघुबर दास ने रांची के सदर अस्पताल पहुंचकर उन छात्रों से मुलाकात की, जो विधानसभा के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान घायल हो गए थे। छात्रों से मुलाकात के बाद रघुबर दास ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए।
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उन्होंने कहा, “हमारे बच्चों को विधानसभा के गेट के बाहर जिस बेरहमी से पीटा गया… चारो तरफ से पुलिस ने उनका घेराव किया। मुझे लगता है कि अंग्रेज शासनकाल के दौरान भी इस तरह की कार्रवाई नहीं की गई होगी जिस तरह हमारे बच्चों को पुलिस द्वारा घेरकर मारा गया। मैं निश्चित तौर पर इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं। मुख्यमंत्री और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, जिनके समर्थन से ये सरकार चल रही है, अविलंब लाठीचार्ज की उच्च स्तरीय जांच करवाएं। जो भी दोषी पदाधिकारी हैं, वे दंडित हों।”
रघुबर दास ने आगे कहा, “राहुल गांधी एक तरफ तो दिल्ली में छात्र के नाम पर छाती पीट रहे हैं, वहीं झारखंड में हमारे बच्चे पिछले 20 दिनों से अनशन और धरने पर बैठे हैं… जबकि उनके समर्थन से सरकार यहां चल रही है और उनके चार मंत्री इस सरकार के मंत्रिमंडल में हैं। दुख की बात है कि चार मंत्रियों ने पुलिस की इस कार्रवाई को वाजिब ठहरा रहे हैं, मुख्यमंत्री भी अपनी पुलिस की तारीफ कर रहे हैं…”
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से मांग करते हुए कहा, “(लोकसभा में) नेता प्रतिपक्ष से अनुरोध है कि वे अविलंब उनके जो चारों मंत्री हैं, जो अपनी सुरक्षा को लेकर DGP को पत्र लिखते हैं… वे चारों अविलंब त्यागपत्र दें…”
देवेंद्र महतो ने मांगी आंदोलन स्थल पर लौटने की अनुमति
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र महतो इन दिनों रांची के सदर अस्पताल में भर्ती हैं। विधानसभा मार्च में शामिल होने के बाद तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बुधवार रात उन्होंने रांची के सिविल सर्जन को पत्र लिखकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित आंदोलन स्थल पर लौटने की अनुमति मांगी। अपने पत्र में महतो ने लिखा कि हजारों छात्र अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और यह आंदोलन उनके लिए केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और उम्मीद का प्रतीक है।
सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा, “आज मैंने सिविल सर्जन को पत्र लिखकर विरोध स्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम जाने की अनुमति मांगी है। मेरे शरीर का तो अस्पताल के बिस्तर पर इलाज किया जा रहा है, लेकिन मेरी आत्मा सत्याग्रह स्थल पर है जहां छात्र और युवा अपने भविष्य के लिए न्यायपूर्ण संघर्ष कर रहे हैं।”
सरकार का रुख
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार गंभीर है और फैसला भी होगा। सरकार ने छात्रों से बातचीत के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी भी बनाई है, जिसमें चार मंत्री और एक सीनियर आईएएस शामिल हैं। हालांकि, छात्र अभी भी CBI जांच की मांग पर अड़े हैं।
सरकार ने 14वीं JPSC PT परीक्षा रद्द करने की मांग मान ली है, लेकिन छात्र अब भी 2019 से 2026 तक की सभी विवादित परीक्षाओं की CBI जांच की मांग पर अड़े हैं।
निष्कर्ष
झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 20वें दिन भी जारी है। छात्र CBI जांच की मांग पर अड़े हैं और सरकार से बातचीत के लिए 15 अगस्त तक का समय दिया है। अब देखना यह है कि सरकार छात्रों की मांगों को कैसे पूरा करती है और क्या 16 अगस्त को CM आवास घेराव होता है या नहीं।

