Who Is The Most Popular Among Gen-Z – दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके की चर्चा देशभर में होने लगी है। शिक्षा सुधार, पेपरलीक और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं के बीच CJP अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रही है।
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अभिजीत दीपके की लोकप्रियता को लेकर C-Voter का एक सर्वे सामने आया है….
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युवाओं की पहली पसंद कौन?
सर्वे में युवाओं से पूछा गया कि वे किस नेता को सबसे ज्यादा लोकप्रिय मानते हैं। इसके जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे आगे रहे। 39.8 प्रतिशत युवाओं ने पीएम मोदी को अपनी पसंद बताया। राहुल गांधी को 27.9 प्रतिशत युवाओं का समर्थन मिला, जबकि CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को 12.6 प्रतिशत युवाओं ने लोकप्रिय नेता माना।
इन आंकड़ों के मुताबिक, पीएम मोदी राहुल गांधी से 11.9 प्रतिशत अंकों की बढ़त के साथ सबसे आगे हैं। वहीं अभिजीत दीपके का समर्थन दोनों बड़े नेताओं की तुलना में कम है, लेकिन एक नए युवा चेहरे के रूप में उनका 12.6 प्रतिशत समर्थन हासिल करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह आंकड़ा बताता है कि छात्र आंदोलन और शिक्षा से जुड़े मुद्दों के कारण उन्हें युवाओं के एक वर्ग में पहचान मिल रही है।
हालांकि, किसी भी सर्वे के नतीजे को पूरे देश के युवाओं की अंतिम राय नहीं माना जा सकता। सर्वे का नमूना, क्षेत्र, आयु वर्ग और सवाल पूछने का तरीका नतीजों पर असर डाल सकता है। इसलिए इन आंकड़ों को उस समय के राजनीतिक माहौल और युवाओं के मुद्दों से जोड़कर देखना जरूरी है।
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पीएम मोदी की लोकप्रियता का कारण
सर्वे में प्रधानमंत्री मोदी के सबसे आगे रहने के पीछे कई वजहें मानी जा रही हैं। पीएम मोदी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर युवाओं से सीधे संवाद करते हैं और सरकार की योजनाओं, रोजगार, स्टार्टअप, तकनीक और डिजिटल इंडिया जैसे विषयों को लगातार सामने रखते हैं।
23 जुलाई को पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया था। रिपोर्ट के अनुसार, इस वीडियो को 24 घंटे के भीतर 303 मिलियन यानी 30.3 करोड़ से अधिक बार देखा गया। इसे इंस्टाग्राम पर किसी वीडियो को मिले सबसे बड़े व्यूज में से एक और वर्ल्ड रिकॉर्ड बताया गया। इससे यह संकेत मिला कि प्रधानमंत्री की डिजिटल पहुंच और सोशल मीडिया प्रभाव अब भी काफी मजबूत है।
राहुल गांधी दूसरे स्थान पर
सर्वे में राहुल गांधी 27.9 प्रतिशत समर्थन के साथ दूसरे स्थान पर रहे। पेपरलीक, बेरोजगारी, परीक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी और कांग्रेस केंद्र सरकार पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
छात्र आंदोलनों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की सक्रियता के बावजूद सर्वे में राहुल गांधी पीएम मोदी से पीछे रहे। हालांकि, 27.9 प्रतिशत का आंकड़ा यह भी दिखाता है कि युवाओं के बीच उनका एक मजबूत समर्थन आधार मौजूद है।
अभिजीत दीपके की बढ़ती चर्चा
अभिजीत दीपके का नाम हाल के छात्र आंदोलन के बाद तेजी से सामने आया है। CJP शिक्षा सुधार, पेपरलीक रोकने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर काम करने का दावा कर रही है। जंतर-मंतर आंदोलन को मिली कामयाबी के बाद छात्रों और युवाओं के बीच संगठन की गतिविधियों पर ध्यान बढ़ा है।
C-Voter सर्वे में 12.6 प्रतिशत युवाओं का अभिजीत दीपके को लोकप्रिय नेता मानना इस बात का संकेत है कि गैर-पारंपरिक और आंदोलन से निकले चेहरों के लिए भी जगह बन रही है। हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर उनकी लोकप्रियता अभी पीएम मोदी और राहुल गांधी से काफी पीछे है।
पेपरलीक पर सरकार से नाराजगी
सर्वे में युवाओं से यह भी पूछा गया कि पेपरलीक रोकने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों से वे संतुष्ट हैं या नहीं। इस सवाल पर 50.7 प्रतिशत लोगों ने असंतुष्टि जताई। केवल 33.2 प्रतिशत लोगों ने सरकार के कदमों को संतोषजनक माना, जबकि 16.1 प्रतिशत ने कहा कि वे इस बारे में कुछ नहीं कह सकते।
यह आंकड़ा सरकार के लिए चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि पेपरलीक और भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी सीधे युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे हैं। लगातार परीक्षाएं रद्द होने, परिणामों में देरी और कथित अनियमितताओं से छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है।
संसद की चर्चा से भी संतुष्टि नहीं
पेपरलीक के मुद्दे पर संसद में हुई चर्चा को लेकर भी सर्वे में लोगों की राय बंटी हुई दिखी। 39 प्रतिशत लोगों ने कहा कि संसद में इस विषय पर संतोषजनक चर्चा नहीं हुई। वहीं 35.6 प्रतिशत लोगों ने चर्चा को पर्याप्त माना और 25.3 प्रतिशत ने ‘पता नहीं’ जवाब दिया।
विपक्ष की मांग है कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री सदन में पेपरलीक तथा छात्र आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई पर जवाब दें। दूसरी ओर, सरकार परीक्षा व्यवस्था में सुधार और दोषियों पर कार्रवाई की बात कहती रही है।
CJP की राष्ट्रीय कार्यसमिति
संगठन को मजबूत करने के लिए CJP ने 6 अगस्त 2026 को अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति का गठन किया। अभिजीत दीपके को राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है। संगठन के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका को सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।
CJP के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन को फिलहाल राजनीतिक दल में नहीं बदला जाएगा। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर काम करना और शिक्षा तथा भर्ती व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाना है।
निष्कर्ष
सर्वे के मुताबिक, युवाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे लोकप्रिय नेता हैं, राहुल गांधी दूसरे और अभिजीत दीपके तीसरे स्थान पर हैं। वहीं पेपरलीक रोकने के सरकारी प्रयासों और संसद में हुई चर्चा को लेकर युवाओं में असंतोष दिखाई दे रहा है। ऐसे में आने वाले समय में शिक्षा सुधार, रोजगार और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था युवा राजनीति के सबसे बड़े मुद्दे बन सकते हैं।

