JPSC-JSSC Scam – झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा घोटाले की जांच कर रही सीआईडी ने एक और बड़ी गिरफ्तारी की है। लखनऊ से रक्षक सिंह को गिरफ्तार किया गया है, जो चौदहवीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल में अकाउंटेंट था और खुद भी उसी पीटी परीक्षा में सफल हुआ था…
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गिरफ्तारी का महत्व
रक्षक सिंह की गिरफ्तारी को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि वह सीधे परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी में काम करता था। जांच एजेंसी के लिए यह सवाल बड़ा है कि क्या उसकी सफलता सिर्फ संयोग थी या इसके पीछे सुनियोजित गड़बड़ी थी।
सीआईडी अब यह पता लगा रही है कि रक्षक सिंह की भूमिका केवल एजेंसी कर्मचारी तक सीमित थी या वह कथित परीक्षा सिंडिकेट का सक्रिय हिस्सा था। उसकी पहुंच परीक्षा डेटा, अभ्यर्थियों की सूची, OMR शीट और परिणाम प्रक्रिया तक कितनी थी, इस पर गहन पूछताछ की जा रही है।
लखनऊ से रांची तक
सीआईडी ने रक्षक सिंह को लखनऊ से गिरफ्तार कर रांची लाया है। वहां उससे पूछताछ की जा रही है कि उसने अपनी स्थिति का फायदा उठाकर परीक्षा में सफलता कैसे हासिल की।
इसी कार्रवाई के साथ मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 20 तक पहुंच गई है। इससे पहले भी सीआईडी परीक्षा अनियमितता मामले में कई बिचौलियों, एजेंसी से जुड़े लोगों और संदिग्धों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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पांच और गिरफ्तार
बुधवार को रक्षक सिंह समेत पांच और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारों में एजेंट के रूप में काम करने वाले कुछ अभ्यर्थी उमाकांत उरांव, रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार और सरकारी कर्मी धर्मेंद्र कुमार के नाम भी सामने आए हैं।
सीआईडी की जांच में अब तक सामने आया है कि सिंडिकेट के संपर्क में करीब 25 से 30 अभ्यर्थी थे, जिनसे 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा पास कराने के नाम पर लाखों रुपए की डील की गई थी।
OMR हेरफेर और सेटिंग नेटवर्क
सीआईडी की जांच का मुख्य फोकस OMR शीट में कथित हेरफेर, चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी और अभ्यर्थियों से अवैध वसूली के नेटवर्क पर है। जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि परीक्षा पास कराने के नाम पर किन-किन अभ्यर्थियों से संपर्क किया गया, कितनी रकम तय हुई और पैसों का लेनदेन किन लोगों के बीच हुआ।
सूत्रों के अनुसार कुछ आरोपियों के जरिए अभ्यर्थियों के दस्तावेज, ब्लैंक चेक और अन्य सामग्री जमा कराने की बात भी सामने आई है।
छात्रों का विरोध
रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर अभ्यर्थी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदर्शनकारी छात्रों से मिला।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि JPSC-JSSC ने जो परीक्षा ली है उसमें गड़बड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि यह गड़बड़ी नहीं बल्कि झारखंड के लोगों का हक था जिसे JPSC-JSSC ने बेचा है।
CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग
मरांडी ने सर्वदलीय बैठक में सरकार से मांग की है कि JPSC-JSSC परीक्षाओं को बिना बहस के रद्द किया जाए और पूरे मामले की CBI जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कल बैठक होगी और तब फैसला होगा।
उनका कहना था कि युवा की मांग सही है और यह मांग संपूर्ण झारखंडवासी की है। उनकी पार्टी इस भ्रष्टाचार के विरोध में है और संघर्ष के लिए तैयार है।
निष्कर्ष
संक्षेप में, JPSC-JSSC घोटाले में सीआईडी की कार्रवाई तेज हो गई है और रक्षक सिंह जैसी महत्वपूर्ण गिरफ्तारी से जांच में नए आयाम खुलने की उम्मीद है।

