MPSC Paper Leak Controversy – MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हुआ, जिसके बाद भर्ती प्रक्रिया रोक दी गई और प्रोविजनल मेरिट लिस्ट में शामिल 488 उम्मीदवारों का भविष्य अधर में पड़ गया…

आरोप किसने लगाए

यह मामला तब सुर्खियों में आया जब एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार और कुछ उम्मीदवारों ने अनियमितताओं का आरोप लगाया। दावा किया गया कि 22 मार्च की परीक्षा के सवाल 20 मार्च को ही WhatsApp पर घूम रहे थे।

कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि लगभग 78 से 90 प्रश्नों के लीक होने का दावा किया गया, लेकिन अब तक इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

Also Read – CJP Protest And PM Narendra Modi – ‘अपमानजनक कंटेंट’ पोस्ट करने वालों पर कसेगा शिकंजा! दिल्ली पुलिस ने X से मांगा नाम, पता, ई-मेल आईडी…

MPSC Paper Leak Controversy
MPSC Paper Leak Controversy

आयोग ने क्या कहा

MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार के मुताबिक, आयोग को पहले अस्पष्ट शिकायत मिली थी, फिर व्हाट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट भेजे गए। आयोग ने शिकायतकर्ताओं से सबूत देने और कार्यालय आकर अपना पक्ष रखने को कहा, लेकिन कोई भी उपस्थित नहीं हुआ।

आयोग का कहना है कि अभी तक पेपर लीक का ठोस सबूत नहीं मिला है, लेकिन वह मामले को हल्के में नहीं ले रहा। इसी वजह से MPSC अब प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया में है ताकि पुलिस जांच से सच्चाई सामने आ सके।

परीक्षा और मेरिट लिस्ट

आयोग के अनुसार, 22 मार्च को करीब 31,000 अभ्यर्थियों के लिए औषधि निरीक्षक भर्ती परीक्षा हुई थी। इसके नतीजे 12 जून को आए, 1 से 12 जुलाई के बीच इंटरव्यू हुए, और फिर अनंतिम मेरिट लिस्ट जारी की गई।

यही वह सूची थी जिसमें 488 उम्मीदवारों के नाम आए थे, और अब परीक्षा रद्द होने की आशंका या जांच के चलते उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है।

विपक्ष की भूमिका

रोहित पवार और अन्य विपक्षी नेताओं ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर प्रश्नपत्र सच में पहले लीक हुआ, तो यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं बल्कि भर्ती प्रणाली पर बड़ा सवाल है।

विपक्ष ने यह भी कहा है कि छात्रों के भविष्य के साथ समझौता नहीं किया जा सकता, इसलिए आयोग को पारदर्शी जांच करनी चाहिए।

CET 2026 पर भी सवाल

इसी बीच महाराष्ट्र CET 2026 को लेकर भी नया विवाद सामने आया है। विपक्ष का आरोप है कि कुछ छात्रों ने 12वीं में सामान्य अंक पाने के बावजूद CET में असामान्य रूप से 90 से 100 पर्सेंटाइल हासिल कर ली।

कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने मेरिट लिस्ट में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि 35 से 40 प्रतिशत अंकों से पास हुए छात्रों का इतनी ऊंची रैंक लाना संदेह पैदा करता है।

CET क्या है

CET एक राज्य स्तरीय कॉमन एंट्रेंस टेस्ट है, जिसके जरिए इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट, फार्मेसी, लॉ और कृषि जैसे कोर्सों में दाखिला दिया जाता है। इसी परीक्षा के आधार पर मेरिट लिस्ट बनती है और फिर काउंसलिंग के जरिए कॉलेज आवंटित होते हैं। यानी अगर CET पर सवाल उठते हैं, तो असर सीधे छात्रों के प्रवेश और भविष्य पर पड़ता है।

अभी तस्वीर क्या है

फिलहाल न तो MPSC ने पेपर लीक की पुष्टि की है, न ही आरोप पूरी तरह खारिज किए गए हैं। जांच, सबूत और पुलिस रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा कि यह सच में पेपर लीक था या सिर्फ गंभीर अनियमितता का आरोप। यही कारण है कि पूरा मामला अब परीक्षा विवाद से आगे बढ़कर प्रशासनिक विश्वसनीयता का मुद्दा बन गया है।

निष्कर्ष

संक्षेप में, MPSC ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पर पेपर लीक के आरोप लगे हैं, जिनके चलते भर्ती प्रक्रिया रोक दी गई है और 488 उम्मीदवारों का भविष्य अधर में है। आयोग सबूत मांग रहा है, विपक्ष जांच चाहता है, और छात्रों के लिए यह पूरा विवाद सीधे करियर से जुड़ गया है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *