FIR Against Janmoni Das – केरल के कोझिकोड में साइबर पुलिस ने सेलिब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जानमोनी दास के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में FIR दर्ज की है। शिकायत भाजपा महिला मोर्चा की केरल अध्यक्ष नव्या हरिदास ने दी थी…
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पुलिस के अनुसार, यह मामला सोशल मीडिया पर दिए गए उस बयान से जुड़ा है जिसमें प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। FIR में आरोप है कि इस कंटेंट का मकसद अशांति फैलाना और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना था।
विवाद किस बयान से शुरू हुआ
विवाद तब बढ़ा जब जानमोनी दास का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर उन्होंने कहा कि “मोदी पता करें उनके असली पिता कौन?” और पीएम की मां को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर उनकी तीखी आलोचना हुई।
बाद में उन्होंने इंस्टाग्राम पर माफी मांगते हुए कहा कि उनकी बात का मकसद किसी की भावनाएं आहत करना नहीं था। उन्होंने यह भी माना कि बयान देने से पहले उन्हें तथ्यों की पुष्टि करनी चाहिए थी।
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पुलिस ने कौन-सी धाराएं लगाईं
कोझिकोड साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 192 और 356(2) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ केरल पुलिस अधिनियम की धारा 120(ओ) भी लगाई गई है, जो बार-बार या अवांछित संचार के जरिए उपद्रव फैलाने से संबंधित है।
पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ आपत्तिजनक भाषा का नहीं, बल्कि सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव पर असर डालने वाले कंटेंट से जुड़ा है।
माफी के बावजूद कार्रवाई
जानमोनी दास ने वीडियो में कहा था कि यदि उनकी टिप्पणी से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे माफी मांगती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे मलयालम में अपनी बात सही तरीके से नहीं रख पाईं, इसलिए गलतफहमी पैदा हुई।
लेकिन माफी के बावजूद पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध डिजिटल सबूतों के आधार पर कार्रवाई की। भाजपा महिला मोर्चा की शिकायत के बाद मामला आगे बढ़ा।
धमकियों का दावा
जानमोनी दास का कहना है कि वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें केरल, भारत के अन्य हिस्सों और विदेश से धमकी भरे कॉल और संदेश मिले। उन्होंने यह भी कहा कि इसी वजह से उन्होंने सार्वजनिक माफी में देरी की।
उनका दावा है कि बयान उन्होंने एक वीडियो देखकर और मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए दिया था। बाद में उन्हें समझ आया कि उनकी टिप्पणी गलत थी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस मामले में भाजपा ने पूरे राज्य में शिकायतें दर्ज कराने की अपील की और इसे प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी बताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में इस तरह की भाषा स्वीकार्य नहीं है।
रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि जानमोनी के खिलाफ कार्रवाई उस समय हुई जब अन्य कुछ लोगों के खिलाफ इसी तरह की टिप्पणियों पर अलग-अलग स्तर पर बहस चल रही है।
मुद्दा सिर्फ बयान नहीं
यह मामला अब केवल एक विवादित टिप्पणी तक सीमित नहीं रहा। इसमें सोशल मीडिया, सार्वजनिक शालीनता, राजनीतिक संवेदनशीलता और अभिव्यक्ति की सीमाएं—सभी मुद्दे शामिल हो गए हैं।
एक तरफ जानमोनी इसे गलतफहमी और जल्दबाजी में दिया गया बयान बता रही हैं, दूसरी तरफ पुलिस इसे संभावित रूप से उकसाने और मानहानि से जोड़ रही है।
निष्कर्ष
संक्षेप में, जानमोनी दास के खिलाफ केरल में FIR इसलिए दर्ज हुई क्योंकि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। माफी मांगने के बावजूद पुलिस ने डिजिटल कंटेंट और शिकायत के आधार पर मामला आगे बढ़ाया है।
