TVK किसके साथ करेगी गठबंधन – तमिलनाडु की राजनीति में 4 मई 2026 को ऐतिहासिक उलटफेर आया। अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर सबको चौंका दिया। लेकिन सवाल यह है — क्या विजय सरकार बना पाएंगे? और अगर हां, तो किसके साथ..?
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तमिलनाडु के ताजा नतीजे — किसे कितनी सीटें?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के अनुसार TVK ने सबसे बड़े दल के रूप में 108 सीटें हासिल कीं। इसके बाद DMK को 59 सीटें, AIADMK को 47 सीटें, INC को 5 सीटें और PMK को 4 सीटें मिलीं। IUML, CPI, VCK और CPI(M) को 2-2 सीटें और BJP, DMDK और AMMK को 1-1 सीट मिली।
234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 सीटों का है। इस बार मुकाबला त्रिकोणीय होने के कारण किसी भी पार्टी के लिए स्पष्ट बहुमत हासिल करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
TVK के शानदार प्रदर्शन पर विजय के घर जश्न का माहौल है। मुख्यमंत्री MK स्टालिन कोलाथुर से पीछे चल रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल — बहुमत से 10 दूर, सरकार कैसे बनेगी?
234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 सीटों का है। यदि TVK इस आंकड़े से पीछे रह जाती है तो तमिलनाडु में गठबंधन सरकार बनने की संभावना बढ़ सकती है।
TVK के पास 108 सीटें हैं — बहुमत के लिए 10 और सीटें चाहिए। अब देखते हैं किस-किस रास्ते से यह गणित बन सकता है।
रास्ता 1 — कांग्रेस + वामपंथी दल
यह सबसे आसान और सबसे संभावित रास्ता है।
DMK गठबंधन के सहयोगियों से समर्थन मिल सकता है — कांग्रेस के 5 विधायक, CPI के 2, CPI(M) के 2 और VCK के 2 विधायक। इस तरह TVK के 108 और सहयोगियों के 11 विधायक कुल 119 विधायक हो जाएंगे और प्रदेश में विजय की पार्टी की सरकार बन जाएगी।
कांग्रेस यदि 5-8 सीटें जीत लेती है तो दोनों मिलकर बहुमत हासिल कर सकते हैं। दोनों दलों के बीच वैचारिक दूरी भी अपेक्षाकृत कम मानी जा रही है क्योंकि कांग्रेस पहले से ही दक्षिण भारत में नए राजनीतिक सहयोग की तलाश में रही है।
क्या कांग्रेस तैयार है?
चुनावी रुझानों पर कांग्रेस नेता का बयान आया कि TVK का समर्थन किया जा सकता है।
विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने कांग्रेस को TVK के साथ गठबंधन पर विचार करने के लिए आमंत्रित किया है। उनका दावा है कि विजय सत्ता में हिस्सेदारी के इच्छुक हैं।
कांग्रेस बिना सरकार में शामिल हुए बाहरी समर्थन भी दे सकती है। इस संभावित व्यवस्था में VCK, CPI, CPI(M) और IUML जैसे छोटे दल भी शामिल हो सकते हैं।
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रास्ता 2 — AIADMK के साथ चुनाव बाद समझौता
विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद AIADMK के रुख में नरमी आती नजर आ रही है। माना जा रहा है कि यदि TVK की तरफ से AIADMK को गठबंधन का ऑफर आता है तो वह उसे ठुकराएगी नहीं।
एक अन्य संभावना AIADMK के साथ चुनाव बाद समझौते की है, लेकिन यह आसान नहीं है। विजय ने खुद को द्रविड़ राजनीति के दोनों प्रमुख दलों के विकल्प के रूप में पेश किया है, ऐसे में AIADMK से गठबंधन उनकी ‘एंटी-एस्टैब्लिशमेंट’ छवि को कमजोर कर सकता है।
AIADMK के पास 47 सीटें हैं — अगर वे साथ आए तो TVK + AIADMK = 155 सीटें, जो बहुमत से बहुत आगे होगा। लेकिन राजनीतिक विश्वसनीयता का सवाल है।
रास्ता 3 — PMK और छोटे दल
PMK के पास 4 सीटें हैं। VCK (2), CPI (2), CPI(M) (2), IUML (2) — इन सबका समर्थन मिला तो आसानी से बहुमत बनता है।
क्षेत्रीय दल जैसे PMK, VCK और DMDK, साथ ही वामपंथी दल जैसे CPI(M) अहम भूमिका निभा सकते हैं।
रास्ता 4 — BJP के साथ?
BJP के साथ गठबंधन की संभावना फिलहाल बेहद कम मानी जा रही है। विजय लगातार BJP को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में पेश करते रहे हैं, जिससे चुनाव बाद किसी समझौते की संभावना कमजोर दिखती है।
रास्ता 5 — अल्पमत सरकार
विजय अल्पमत सरकार बनाने का विकल्प भी चुन सकते हैं जो कि लगभग दो दशक पहले देखा गया था। 2006 में भी ऐसी व्यवस्था हुई थी।
DMK का क्या होगा — बड़ा सवाल
इस स्थिति से DMK गठबंधन में टूट-फूट की संभावना भी बन सकती है। कांग्रेस DMK से अलग हो सकती है। दरअसल विधानसभा चुनाव से पहले TVK के साथ कांग्रेस की गठबंधन की भी अटकलें लगाई जाने लगी थीं, लेकिन दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन नहीं हो पाया।
अब जब नतीजे आ गए हैं, कांग्रेस के सामने विकल्प है — हारी हुई DMK के साथ रहें या जीतती TVK के साथ जाएं?
विजय के लिए सबसे बड़ी चुनौती — किसे क्या देंगे
सरकार बनाना एक बात है, लेकिन इसे चलाना दूसरी बात। गठबंधन में हर पार्टी की अपनी मांगें होंगी:
- कांग्रेस: मंत्रिमंडल में पद और राष्ट्रीय स्तर पर TVK का समर्थन
- AIADMK: अपने नेताओं पर चल रहे मामले वापस लेने की मांग (संभावित)
- PMK और वामपंथी: अपने एजेंडे पर नीतिगत समझौते
तमिलनाडु के लिए क्या मायने रखता है यह बदलाव
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर TVK और कांग्रेस साथ आते हैं तो यह गठबंधन तमिलनाडु की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है। दशकों से राज्य की राजनीति द्रविड़ दलों के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन इस बार तस्वीर बदलती नजर आ रही है।
केरल में कांग्रेस पहले से मजबूत स्थिति में है और यदि तमिलनाडु में भी वह सत्ता का हिस्सा बनती है, तो पार्टी को दक्षिण भारत में नई राजनीतिक ऊर्जा मिल सकती है।
निष्कर्ष
तमिलनाडु में TVK का उभरना भारतीय राजनीति की सबसे चौंकाने वाली घटनाओं में से एक है। एक अभिनेता ने महज 2 साल में पार्टी बनाई और पहले ही चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बन गई — यह खुद में अभूतपूर्व है।
अब असली परीक्षा शुरू होती है। 108 सीटों के साथ बहुमत से 10 दूर विजय के लिए कांग्रेस + वामपंथी दल सबसे स्वाभाविक रास्ता है। अगले 24-48 घंटे तय करेंगे कि तमिलनाडु में कौन सा गठबंधन बनेगा और थलपति विजय की राजनीतिक पारी का पहला अध्याय कैसे लिखा जाएगा।
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