पश्चिम एशिया संकट का भारत पर 5 असर –
तेल और ऊर्ज –
- भारत 85% कच्चा तेल इम्पोर्ट करता है। इसमें से 60- 65% पश्चिम एशिया से आता है।
- होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का 20% तेल गुजरता है। यहां भारत के 22 जहाज फंसे ।
- तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों में 15-15 प्रति बैरल का इजाफा हो गया है।
भारतीयों की सुरक्षा –
- पश्चिम एशिया में 80-90 लाख भारतीय काम करते हैं।
- यहां से करीब 3.75 लाख लोग सुरक्षित भारत लौटे।
महंगाई और आम आदमी
- LPG सिलेंडर की कीमत बढ़ी। प्रीमियम पेट्रोल महंगा हुआ। शेयर बाजार में तेज गिरावट आई।
- सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। इससे रोजमर्रा के सामान महंगे हो जाएंगे।
रेमिटेंस (विदेश से आने वाला पैसा)
- भारत को सालाना ₹8 लाख करोड़ + रेमिटेंस आता है। इसका 50% गल्फ देशों से आता है।
- संकट बढ़ा तो भारतीयों की नौकरी और इनकम प्रभावित होगी। देश में कम पैसा आएगा।
व्यापार और शिपिंग
- भारत का $100 बिलियन व्यापार इस क्षेत्र से जुड़ा है, जो युद्ध के कारण प्रभावित हो रहा है।
- अगर रेड सी / सुएज रूट बाधित होता है तो शिपिंग लागत 2-3 गुना तक बढ़ सकती है।