Ankita Bhandari Murder Case – साल 2022 में उत्तराखंड के पौड़ी जिले में अंकिता हत्याकांड सामने आया था। जिसने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया था। अंकिता को न्याय दिलवाने के लिए पूरे राज्य में लोग सड़कों पर उतरे….

अंकिता हत्याकांड की पूरी कहानी

गंगाभोगपुर स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में कार्यरत रिसेप्शनिस्ट 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। 24 सितंबर को चीला नहर से उसका शव बरामद हुआ।

मामले में मुख्य आरोपित रिसार्ट मालिक पुलकित आर्य व उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया गया। निचली अदालत ने तीनों आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उच्च न्यायालय ने भी सजा को बरकरार रखा।

वीवीआईपी कौन?

मामले में ये बात भी सामने आई कि रिसॉर्ट में अंकिता पर वीवीआईपी को सेवाएं देने के लिए दबाव बनाया गया था। लेकिन आज तक यह सामने नहीं आया कि उक्त वीवीआईपी कौन था। उत्तराखंड सरकार ने अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी और माता सोनी देवी के अनुरोध पर हत्याकांड की जांच सीबीआइ को सौंप दी।

कब क्या हुआ?

  • अंकिता ऋषिकेश के पास मौजूद वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी।
  • 18 सितंबर 2022 को वह लापता हो गई थी।
  • 24 सितंबर को उसका शव चीला बैराज से बरामद हुआ था।
  • पुलिस ने शक के आधार पर मुख्य आरोपित भाजपा नेता के पुत्र और रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य सहित उसके दो साथियों पर मुकदमा दर्ज किया।
  • आरोपित तब से जेल में बंद है।
  • 30 मई 2025 को कोटद्वार की तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश रीना नेगी नें अभियुक्तों को अंकिता की हत्या करने और साक्ष्य मिटाने का दोषी करार देते हुए अजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
  • इसके बाद अभियुक्तों की ओर से नैनीताल हाईकोर्ट में विशेष अपील दायर की गई।
  • अभियुक्तों ने जमानत पर रिहाई की गुहार लगाई।
  • कोर्ट ने उनकी जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया।
  • कोर्ट ने अपील पर सुनवाई के लिए लंबित रखी है।

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Ankita Bhandari Murder Case
Ankita Bhandari Murder Case

क्यों धरने पर बैठे अंकिता के पिता?

अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी और माता सोनी देवी बुधवार शाम को इंडिया गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके साथ सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना भी समर्थन में बैठीं। रात में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी इंडिया गेट पहुंचे और अंकिता के माता-पिता का समर्थन किया।

अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने कहा कि अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने इस मामले में वीवीआईपी के नाम का दावा करते हुए दुष्यंत गौतम का उल्लेख किया था। उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की कि जब तक सीबीआइ जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक गौतम की नियुक्ति न की जाए। मांग पूरी होने तक वह धरना जारी रखेंगे।

निष्कर्ष

2022 में उत्तराखंड के पौड़ी जिले में अंकिता हत्याकांड सामने आया था, जिसने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया था।

अंकिता भंडारी की हत्या करने और साक्ष्य मिटाने का दोषी पुलकित आर्य समेत तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

मामले में वीवीआईपी की पहचान अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है, जिस पर अंकिता के परिवार ने सीबीआइ जांच की मांग की है।

अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी और माता सोनी देवी ने इंडिया गेट पर धरना दिया है और राष्ट्रपति से दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रोकने की मांग की है।

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने तीनों अभियुक्तों की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है और अपील पर सुनवाई लंबित है।

पुलिस का कहना है कि जांच में किसी वीआईपी की भूमिका नहीं पाई गई।

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