Indian Abroad Experience With Indian : अमेरिका रहने वाले इंडियन ने एक दूसरे इंडियन के साथ अपना अनुभव शेयर किया है। उसका कहना है कि अमेरिका में रहने वाले इंडियन ही इंडियन को पसंद नहीं करते। बल्कि पाकिस्तानी इस मामले में बेहतर है कि वो मिलने पर कम से कम अपनी भाषा में बात तो करते हैं…
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हिंदुस्तानी ने भारतीयों के बारे में बात की
NRI अभी बताते हैं कि अमेरिका में रहने वाले भारतीय ही भारतीय से जलन रखते हैं। वह एक दूसरे को पसंद नहीं करते, वो अपना स्टैंडर्ड दिखाते हैं। आप USA में इंडिया के लोगों से मिलोगे तो वो भले ही उत्तर भारत के हो, लेकिन वो आप से अंग्रेजी में ही बात करेंगे। वहीं पाकिस्तानी आपस में जब मिलते हैं, तो वे उर्दू में बात करते हैं।
पाकिस्तानी हमसे बेहतर है! अभी बताते हैं कि हमारे यहां वालों को हिंदी आती भी होगी, तब भी वो ‘हैलो, मैं नेम इज’ से बात शुरू करेंगे। वहीं एक पाकिस्तानी, जब दूसरे पाकिस्तानी से मिलता है, तो वह उर्दू में बात करता है। उनकी शुरुआती बातचीत उर्दू में ही होती। लेकिन हमारे वाले अंग्रेजी ही बोलेंगे, उनके हमारी तरह चोचले नहीं है। बंदा बोलता है कि हम भारतीयों की फर्स्ट लैंग्वेज तो हिंदी है ना, हम अंग्रेजी में क्यों बात शुरू करें, जब हमें हिंदी आती है तो?
कुछ भी कर लो अंग्रेज उड़ाएंगे मजाक ही!
अमेरिका रह रहे इंडियन का कहना होता है कि ‘आप कितना भी अंग्रेजी बोल लो, यहां पर आकर गोरे आपका मजाक ही उड़ाएंगे। स्पेन के लोग गर्व करते हैं कि उनकी मातृभाषा स्पैनिश है। ऐसे ही अगर हम इंडियन है, तो हमें भी अपनी मातृभाषा पर गर्व होना चाहिए।’ वह उन फिल्मी कलाकारों की भी बात करते हैं, जो वैसे तो अपने स्टैंडर्ड्स की बात करतें है, मगर पैसे कमाने के लिए हिंदी में ही फिल्में बनाते हैं।
अमेरिकी विश्वविद्यालयों और टेक हब में भारतीय समुदाय मंदिरों और गुरुद्वारों के आसपास विकसित हुआ है, लेकिन जब भारतीय और पाकिस्तानी अमेरिका में मिलते हैं, तो अक्सर कोई उर्दू और हिंदी के बीच आराम से स्विच करता है।
ऐसा नहीं है स्पोर्टिव भी है!
जाहिर-सी बात है कि एक भारतीय ने किसी चीज को लेकर पाकिस्तान की तारीफ की है, तो पोस्ट पर ज्यादातर कमेंट्स पाकिस्तानियों की ओर से आए है। लेकिन कुछ इंडियंस भी कमेंट्स में बंदे को यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि वो यहां बड़ी संख्या में रहते हैं और जरूरत पड़ने पर अपने समुदाय के साथ खड़े होते हैं। यहां तक कि एक पाकिस्तानी ने भी खुद लिखा है कि कहने की बात है, पाकिस्तानी भी एक-दूसरे से जलते हैं।
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अरे, हिंदी में बात करो भाई
अभी इस वीडियो को पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखते हैं कि ‘इस मामले में पाकिस्तानी बेहतर है कि वो अपनी भाषा में बात करते हैं।’ हालांकि, यह सिर्फ उनका अपना नजरिया हो सकता है। क्योंकि अमेरिका में इंडियन कम्यूनिटी भारी संख्या में रहती है और सब एक जैसे हो। ऐसा बिल्कुल भी जरूरी नहीं है। बताते चलें कि क्रिएचर अभी ने अमेरिकी गर्ल टीना से शादी की है और वो US में ही रहते हैं।
प्यू रिसर्च का सर्वे: भारत-पाक के लोग एक-दूसरे को कैसे देखते हैं?
प्यू रिसर्च सेंटर के ग्लोबल एटिट्यूड सर्वे के अनुसार, 91% पाकिस्तानियों की भारत के प्रति नकारात्मक राय है, जबकि 78% भारतीयों की पाकिस्तान के प्रति नकारात्मक राय है।
73% पाकिस्तानियों की भारत के प्रति बेहद खराब राय है, जबकि 65% भारतीयों की पाकिस्तान के प्रति बेहद खराब राय है।
अमेरिका में बढ़ रहा है एंटी-इंडियन सेंटीमेंट
Stop AAPI Hate की सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, 2023 से 2025 के बीच ऑनलाइन एंटी-साउथ एशियन स्लर्स में 109% की वृद्धि हुई है। [
2025 में लगभग आधे (48%) साउथ एशियन वयस्कों ने कहा कि उन्हें उनकी रेस, एथनिसिटी या नेशनलिटी की वजह से हेट एक्ट का सामना करना पड़ा।
गणेश चतुर्थी 2026 के मौके पर भारतीय-अमेरिकी एक-दूसरे को निजी तौर पर जश्न मनाने की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि MAGA इंफ्लुएंसर्स द्वारा बढ़ाए जा रहे एंटी-इंडियन हेट और रेटोरिक की चिंता है।
निष्कर्ष
अमेरिका में रहने वाले एक भारतीय ने दावा किया है कि अमेरिका में भारतीय एक-दूसरे से जलन रखते हैं और अंग्रेजी में बात करना पसंद करते हैं, जबकि पाकिस्तानी उर्दू में बात करते हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय अपनी मातृभाषा हिंदी होने के बावजूद अंग्रेजी में बात शुरू करते हैं, जबकि पाकिस्तानी अपनी भाषा में बात करना पसंद करते हैं। प्यू रिसर्च के सर्वे के अनुसार, 91% पाकिस्तानियों की भारत के प्रति नकारात्मक राय है और 78% भारतीयों की पाकिस्तान के प्रति नकारात्मक राय है।
Stop AAPI Hate की रिपोर्ट के मुताबिक, 2023-2025 के बीच ऑनलाइन एंटी-साउथ एशियन स्लर्स में 109% की वृद्धि हुई और 48% साउथ एशियन वयस्कों ने हेट एक्ट का सामना किया।
अमेरिका में भारतीय समुदाय की बढ़ती सफलता और दृश्यता के साथ नस्लीय दुश्मनी और ऑनलाइन उत्पीड़न में वृद्धि देखी जा रही है। हालांकि, यह नोट करना जरूरी है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का नजरिया है और सभी भारतीय-अमेरिकी ऐसे नहीं हैं।
