Nishu Azad Viral CJP Protester – कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन में शामिल होने पहुंची निशु आजाद के घर पथराव मामले में पुलिस को सीसीटीवी से कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। पुलिस का कहना है कि घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में पथराव संबंधी कोई गतिविधि नहीं पाई गई है और न ही आसपास के लोगों ने पथराव से संबंधित कुछ बयान दिया है। कॉलोनी वासियों ने निशु के पिता संजय आजाद से मकान खाली करवाने की बात कही है…
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पुलिस ने पथराव की घटना से किया इनकार
शालीमार गार्डन में रहने वाली निशु अपने पिता संजय आजाद के साथ सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने गई थीं। वहां पर संजय की पिटाई होने पर वीडियो वायरल होने के बाद निशु चर्चा में आई। शनिवार देर रात निशु ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करके घर पर दो बार पथराव किए जाने का आरोप लगाया था। इस मामले में रात में ही उन्होंने शालीमार गार्डन थाने पर शिकायत की थी। पुलिस ने जांच के बाद पथराव की घटना से इनकार किया है।
सीसीटीवी में नहीं मिला कोई सबूत
पुलिस का कहना है कि घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कोई भी पथराव करते हुए कैद नहीं हुआ है। पुलिस ने घर के आसपास कॉलोनी में लगे 20 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को खंगाले, लेकिन कोई जानकारी हाथ नहीं लगी। एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह का कहना है कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में पथराव की घटना नहीं मिली है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
“सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में पथराव की घटना नहीं मिली है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। सभी पहलुओं पर जांच जारी है,” एसीपी अतुल कुमार सिंह ने कहा।
पुलिस ने कहा कि न तो निशु और न ही उनके परिवार ने पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। जो भी सबूत होंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महिलाओं ने पथराव की बात झूठ बताई
शनिवार और रविवार को संजय आजाद के घर नेताओं का आना-जाना लगा रहा। इसकी वजह से कॉलोनी वासियों में दहशत का माहौल रहा। सोमवार सुबह कॉलोनी वासियों ने इस संबंध में बैठक भी की। कॉलोनी में रहने वाली महिलाओं ने पथराव की बात को झूठा बताते हुए निशु आजाद से मकान खाली करवाने की बात कही है। इस तरह के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं।
पड़ोसियों ने क्या कहा?
पड़ोसी सुमन ने कहा कि शनिवार को सोसायटी के मंदिर में एक कार्यक्रम था। हम लोग वहां रात 2 बजे तक रहे। पथराव या कोई गड़बड़ी नहीं हुई। पुलिस को तथ्यों के आधार पर मामले की जांच करनी चाहिए।
पड़ोसी छाय सोनी ने कहा, “नीशू एक महीने से यहां नहीं रह रही थीं। अब उन्होंने वीडियो बनाया और हमले का दावा किया है। सोसायटी में कोई बाहरी व्यक्ति सुरक्षा जांच के बिना नहीं आ सकता। सीसीटीवी कैमरों में भी कुछ असामान्य नहीं दिखा। न ही उनके घर की खिड़कियां टूटी हैं। वे हमारी देवी सरस्वती और हमारे धर्म को निशाना बना रहे हैं।”
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पड़ोसी नेहा मिश्रा ने कहा, “हम सभी रात को जाग रहे थे। हमने आज हमले के बारे में सुना। काफी समय से कई वाहनों में लोग उनसे मिलने आ रहे हैं। पुलिस को सुरक्षा गार्ड से लेकर उनके फ्लैट तक सब कुछ जांचना चाहिए। कैमरा फुटेज से पता चल जाएगा कि वास्तव में पथराव हुआ था या नहीं। लेकिन इस तरह वे पूरी सोसायटी और हमारी बदनामी कर रहे हैं।
हमें भी अपने बच्चों के बारे में सोचना होगा कि उन्हें घर से बाहर जाने दें या नहीं। यहां 15 साल में ऐसा कुछ नहीं हुआ।” प्रदीप सोनी ने कहा, “मेरा घर नीशु आजाद के घर के बिल्कुल बगल में है। ऐसा कोई पथराव नहीं हुआ। यह पूरी तरह से झूठी कहानी है।”
निष्कर्ष
गाजियाबाद के शालीमार गार्डन में सीजेपी कार्यकर्ता निशु आजाद ने अपने घर पर पथराव का आरोप लगाया था। पुलिस ने 20 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन पथराव का कोई सबूत नहीं मिला।
एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में पथराव की कोई घटना नहीं मिली है। पड़ोसी महिलाओं ने पथराव की बात को झूठा बताया और कहा कि उस रात सोसायटी के मंदिर में कार्यक्रम था और वे रात 2 बजे तक जाग रहे थे।
पड़ोसियों ने कहा कि निशु एक महीने से यहां नहीं रह रही थीं और सोसायटी में सुरक्षा जांच के बिना कोई बाहरी व्यक्ति नहीं आ सकता। कॉलोनी वासियों ने निशु के पिता संजय आजाद से मकान खाली करवाने की बात कही है। पुलिस ने कहा कि न तो निशु और न ही उनके परिवार ने पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
