Live-In Partner Murder Case – गुजरात के भावनगर में लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोपी की पुलिस पिटाई का वीडियो सामने आने के बाद कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। घटना उस समय की है, जब पुलिस हत्या की वारदात का घटनास्थल पर पुनर्निर्माण करा रही थी। इसी दौरान आरोपी फैजल लखानी को रस्सियों से बांधकर घसीटते और डंडे से पीटते हुए देखा गया…
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नीलमबाग थाने के पुलिस निरीक्षक का बचाव
नीलमबाग थाने के पुलिस निरीक्षक डीपी उनाडकट ने कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि हत्या की क्रूरता और पुलिस की छवि को हुए नुकसान को देखते हुए इस मामले में पुलिस को एक कदम आगे जाना पड़ा। उन्होंने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा कि घटना के बाद लोगों का पुलिस और कानून-व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित हुआ था।
“जब आप ऐसा करते हैं (फ्लॉगिंग), तो बदमाश पुलिस से डरते रहते हैं,” नीलमबाग पुलिस स्टेशन के SHO पुलिस निरीक्षक डीपी उनाडकट ने कहा।
क्या घटनास्थल पर ही आरोपी की पिटाई की गई?
शनिवार को सामने आए वीडियो में फैजल लखानी को रस्सियों से बांधा गया था और उसे घटनास्थल के आसपास घसीटते हुए पुलिसकर्मी डंडे से मारते दिखाई दे रहे हैं। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब पुलिस मामले की जांच के तहत वारदात का पुनर्निर्माण करा रही थी। पुलिस निरीक्षक डीपी उनाडकट ने कहा कि आरोपी ने महिला पर सार्वजनिक जगह पर हमला किया था और इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे थे।
वायरल वीडियो में आरोपी को पुलिस की जीप से रस्सी से बांधकर डंडे मारते देखा जा सकता है। इसके बाद पुलिस उसे नीचे बिठाकर ताबड़तोड़ डंडे से मारती है।
पुलिस ने पिटाई को सही ठहराते हुए क्या कहा?
निरीक्षक उनाडकट के मुताबिक, लोगों में यह धारणा बन रही थी कि बदमाश महिलाओं और लड़कियों की हत्या कर रहे हैं और पुलिस असहाय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसे बेहद गंभीर मामलों में अपराधियों को कड़ा संदेश देना जरूरी हो जाता है। पुलिस अधिकारी ने यह भी दावा किया कि घटना से पुलिस की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा था और इसी वजह से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। [
उनाडकट ने फैजल को एक “कुख्यात व्यक्ति” बताया और कहा कि आरोपी ने जेल से रिहा होने के बाद भी अपने आपराधिक गतिविधियों को जारी रखा था। उन्होंने दावा किया कि पिटाई का उद्देश्य यह संदेश देना था कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को गंभीरता से लिया जाएगा।
काजल बरैया की हत्या का मामला क्या है?
काजल बरैया और फैजल लखानी करीब सात साल से भावनगर में एक फुटपाथ पर साथ रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक, फैजल के खिलाफ पहले भी लूट समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। जेल से बाहर आने के बाद फैजल को कथित तौर पर पता चला कि काजल उसके परिचित रवि के साथ रिश्ते में थी। इसके बाद गुरुवार को दोनों के बीच विवाद हुआ।
आरोप है कि फैजल ने काजल और रवि पर हमला किया। गंभीर रूप से घायल काजल को सरकारी सर टी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने शुक्रवार को फैजल को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया।
25 वर्षीय फैजल उर्फ खटकी लखानी को शुक्रवार को नीलमबाग पुलिस ने काजल बारिया की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया था।
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क्या गुजरात में पुलिस की ऐसी कार्रवाई पर पहले भी रोक लगाई गई है?
इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट में चल रही एक स्वत: संज्ञान वाली जनहित याचिका का भी उल्लेख सामने आया है। यह याचिका सूरत में पुलिस अधिकारी द्वारा कुछ आरोपियों की सार्वजनिक रूप से पिटाई से जुड़ी है। मामले में एमिकस क्यूरी ने बताया था कि राज्य के गृह विभाग ने 7 मई को एक सर्कुलर जारी कर पुलिस द्वारा इस तरह की सार्वजनिक कार्रवाई पर रोक लगाई थी।
पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई हो सकती है?
सर्कुलर के मुताबिक, आरोपियों को सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक करवाना, घुटनों के बल चलाना, लात मारना या डंडे से पीटना अनुशासनात्मक कार्रवाई का कारण बन सकता है। इसमें संबंधित क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात भी कही गई है। ऐसे में भावनगर में हत्या के आरोपी की सार्वजनिक पिटाई का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और राज्य के पहले से जारी दिशा-निर्देशों के बीच सवाल खड़े हो गए हैं।
गृह विभाग के 7 मई के सर्कुलर के अनुसार, इस तरह की सार्वजनिक कार्रवाई पर रोक लगाई गई थी।
वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?
वायरल वीडियो में आरोपी फैजल लखानी को रस्सियों से बांधकर एसटी बस स्टैंड पर घुमाया जा रहा है और उसे 105 बार डंडे से मारा गया। वीडियो में पुलिसकर्मी उसे पेट्रोल वैन, खंभों और दीवारों से टकराते हुए डंडे से मारते दिखाई दे रहे हैं।
निष्कर्ष
गुजरात के भावनगर में लाइव-इन पार्टनर काजल बरैया की हत्या के आरोपी फैजल लखानी को पुलिस ने सार्वजनिक रूप से पीटा। पुलिस ने आरोपी को रस्सियों से बांधकर घटनास्थल पर घसीटा और डंडे से 105 बार मारा।
नीलमबाग थाने के पुलिस निरीक्षक डीपी उनाडकट ने कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि यह अपराधियों को कड़ा संदेश देने के लिए जरूरी था। गुजरात गृह विभाग ने 7 मई को एक सर्कुलर जारी कर पुलिस द्वारा इस तरह की सार्वजनिक कार्रवाई पर रोक लगाई थी।
सर्कुलर के अनुसार, आरोपियों को सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक करवाना, घुटनों के बल चलाना, लात मारना या डंडे से पीटना अनुशासनात्मक कार्रवाई का कारण बन सकता है। 25 वर्षीय फैजल लखानी को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था और शनिवार को क्राइम सीन रीकन्स्ट्रक्शन के दौरान उसे पीटा गया।
