Bihar Flood Update – बिहार में गंगा, कोसी, गंडक और नारायणी समेत तकरीबन सभी नदियां इस वक्त उफान पर हैं। नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से प्रदेश के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है, जिससे हालात काफी खराब होते जा रहे हैं। बाढ़ से पटना, भोजपुर, भागलपुर और वैशाली समेत कई जिलों की लाखों आबादी प्रभावित है….
पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश के चलते कटिहार में रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पूर्व रेलवे के न्यू फरक्का रेलवे ब्रिज के पास जलस्तर में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके कारण संरक्षा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने कई ट्रेनों का मार्ग बदला है। वहीं, कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।
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कटिहार मंडल की आज भी कई ट्रेनें रद्द रहेंगी
कटिहार रेल मंडल के सीनियर डीसीएम अनूप कुमार सिंह ने बताया कि स्थिति की समीक्षा के आधार पर ट्रेनों के कैंसिलेशन और रूट डायवर्जन का फैसला लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 03 सितंबर को पूर्व रेलवे की कुल 6 ट्रेनें रद्द, 04 सितंबर को 32 ट्रेनें रहीं। इसी तरह से आज यानी 05 तारीख को कुल 15 ट्रेनें रद्द की गई हैं। वहीं, दूसरी ओर कटिहार रेल मंडल में 03 सितंबर को 3 ट्रेनें रद्द व 04 सितंबर को 18 ट्रेनें रद्द रहीं। आज यानी 05 सितंबर को अब तक 7 ट्रेनें रद्द की गई हैं।
उन्होंने कहा कि रेल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जलस्तर सामान्य होने के बाद ही ट्रेनों का परिचालन सुचारु रूप से बहाल किया जाएगा।
नालंदा सांसद लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे
नालंदा जिले का भी बड़ा इलाका बाढ़ से प्रभावित हो रखा है। नालंदा से जेडीयू सांसद कौशलेंद्र खुद एडीएम और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर मोटरबोट के सहारे जलमग्न इलाके का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार (4 सितंबर) को अस्थावां के ओंदा और उतरथू पंचायत के कई गांवों का निरीक्षण किया। यहां करीब 1200 एकड़ धान की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। [
नेरूत में जीराइन नदी का तटबंध टूटने से सैकड़ों एकड़ खेत पानी में डूब गए हैं, जबकि उतरथू गांव के पास तटबंध में आई दरार को बांध दिया गया है। नेरूत में टूटे हुए तटबंध की मरम्मति का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। जीराइन नदी का जलस्तर बढ़ने से तटबंध टूटने के कारण गोंगचक, नेरूत खंधा जबकि गोविंदपुर खाजे अहमदपुर के खेत प्रभावित हो रहे हैं। राहत की बात है यह कि जिले की कई नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं।
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पटना में गंगा के अलावा छोटी नदियां भी उफान पर
पटना के मसौढ़ी इलाके में दरघा और पुनपुन में नदियां जबरदस्त उफान पर हैं। नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। पुनपुन नदी खतरे के निशान को पार कर 53.16 मीटर तक पहुंच चुकी है। वहीं, दरघा नदी भी खतरे के निशान को पार कर 56.12 मीटर तक पहुंच चुकी है। नदी में लगातार वृद्धि 1976 में आई बाढ़ की याद दिलाने लगी है।
पुनपुन नदी का पानी अब रेलवे ब्रिज को छूने लगा है। नदी का उफान लोगों को डराने लगा है। नदी के बढ़ते दबाब के कारण नदी से सटे तटबंधों से पानी ओवरफ्लो करता हुआ खेतों से होकर गांव में प्रवेश कर चुका है। देवधा के पास ग्रामीण सड़क का 100 फीट से ऊपर का हिस्सा पानी में बह गया, जिससे दो गांव का संपर्क टूट गया। बरावा पंचायत के भी कई गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। उनका संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। हालांकि, जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखने के दावे कर रहा है।
गंगा नदी गांधी घाट पर खतरे के निशान से 1.67 मीटर ऊपर, डिघा घाट पर 1.17 मीटर ऊपर और हथिदाह पर 1.32 मीटर ऊपर बह रही है।
मनेर में एक मकान ढहने से 4 लोग दबे
पटना के दानापुर के मनेर स्थित हल्दी छपरा के नयका टोला गांव में बड़ा हादसा हुआ है। यहां एक सीमेंटेड मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के वक्त मकान में परिवार के चार लोग सो रहे थे, जो मलबे में दब गए। ग्रामीणों की सूचना मिलते ही बाढ़ राहत के लिए तैनात SDRF की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने मलबे में दबे तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिन्हें मामूली चोटें आई हैं। वहीं, मनोज सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है। SDRF की टीम और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से उन्हें मलबे से निकालकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
बेगूसराय में पलायन करने को मजबूर हुए ग्रामीण
इसी तरह से बेगूसराय में बाढ़ का पानी काफी तबाही मचा रहा है। अब बाढ़ का पानी गांव और घरों में प्रवेश कर जाने से गांव छोड़कर लोग पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। घर और मुख्य सड़क पर भी बाढ़ का पानी पूरी तरह से फैल गया है और सड़क पर कमर के ऊपर तक पानी लगा हुआ है।
साथ ही साथ तकरीबन 2 हजार से अधिक घरों में पानी प्रवेश कर जाने के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। बता दें कि मटिहानी विधानसभा क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जिससे लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। बताया जा रहा है कि मटिहानी विधानसभा क्षेत्र के खोरामपुर और छितरौर पंचायत में पिछले पांच दिनों से बाढ़ का पानी गांव में प्रवेश कर चुका है। हालात ऐसे हैं कि करीब दो हजार घरों में पानी घुस गया है, जबकि 50 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। लोग अब अपना घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
निष्कर्ष
बिहार में गंगा, कोसी, गंडक और नारायणी समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कटिहार में बाढ़ के कारण 05 सितंबर को 15 ट्रेनें रद्द की गई हैं और कई ट्रेनों का मार्ग बदला गया है।
नालंदा में 1200 एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है और जीराइन नदी का तटबंध टूट गया है। पटना में पुनपुन और दरघा नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं।
मनेर में मकान ढहने से 4 लोग दब गए, जिनमें से 3 को बचा लिया गया और एक की हालत गंभीर है। बेगूसराय के मटिहानी क्षेत्र में 2 हजार घरों में पानी घुस गया है और 50 हजार लोग प्रभावित हैं।
