Nepal Viral Flash Flood – नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार (26 अगस्त 2026) को आई भीषण बाढ़ रसुवागढ़ी और चिलिमे समेत कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स बह गए। नेपाल विद्युत प्राधिकरण के अनुसार रसुवा और आसपास के इलाकों में लगभग 13 से 14 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स बाढ़ की चपेट में आए हैं, जिससे कुल 748 मेगावाट क्षमता पर असर पड़ा है।
इस भयंकर त्रासदी का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अचनाक आई पानी की रफ्तार से बचने के लिए लोग भागते नजर आ रहे हैं….
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भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़
भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुई तबाही के बाद नेपाल सरकार ने प्रभावित स्थानीय क्षेत्रों को अगले तीन महीनों के लिए आपदा-प्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिया है।
26 अगस्त को सिंह दरबार में हुई कैबिनेट बैठक के बाद सरकार ने राहत, बचाव और पुनर्वास के लिए आपातकालीन कदम उठाने के निर्देश जारी किए। कैबिनेट ने हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी और पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई।
सीसीटीवी फुटेज में दिखाया गया है कि कैसे रसुवागढ़ी सीमा क्षेत्र में बाढ़ का पानी अचानक आया और लोगों को भागने के लिए मजबूर कर दिया।
नेपाल ने भारत से मांगी मदद
नेपाल सरकार के प्रवक्ता और शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल ने घोषणा की है कि बाढ़ में घायलों का मुफ्त इलाज कराया जाएगा और पीड़ित परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
बालेन शाह की सरकार ने इस त्रासदी से उबरने के लिए भारत से मदद मांगी है। नेपाल के गृह और रक्षा मंत्रालयों को प्रभावितों के तत्काल बचाव और जोखिम वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का आदेश दिया गया है।
इसके लिए नेपाली सेना निजी हेलीकॉप्टर और अन्य संसाधनों का उपयोग कर रही है। नेपाल के मिनिस्ट्री ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर को क्षतिग्रस्त सड़कों और पेयजल आपूर्ति को तुरंत बहाल करने का जिम्मा सौंपा गया है।
291 विदेशी नागरिक लापता, 105 भारतीय शामिल
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, रसुवा इलाके में आई भीषण बाढ़ के बाद 291 विदेशी नागरिक लापता हैं, जिनमें कम से कम 105 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं।
नेपाल सेना मुताबिक, बुसी और तुसु जैसे प्रभावित इलाकों से 25 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। बचाव अभियान में 15 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं।
नेपाल टूरिज्म बोर्ड (NTB) के अनुसार, कुल 384 यात्री, जिनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं, रसुवा बाढ़ के कारण लापता हो गए हैं।
इन यात्रियों में 105 भारतीय पर्यटक, 37 एनआरआई और शेष पर्यटक अमेरिका, मलेशिया, यूके, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड से हैं।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान
नेपाल विद्युत प्राधिकरण (NEA) के अनुसार, बाढ़ में कम से कम छह प्रमुख हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन सुविधाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
प्रभावित साइटों में रसुवागढ़ी, चिलिमे, त्रिशूली 3A, त्रिशूली 3B हब 220 kV सबस्टेशन, त्रिशूली हाइड्रोपावर स्टेशन और देवीघाट हाइड्रोपावर स्टेशन शामिल हैं।
स्वतंत्र पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन नेपाल (IPPAN) के अनुसार, आठ संचालन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स, जिनकी संयुक्त क्षमता 354 मेगावाट है, और नुवाकोट और रसुवा में निर्माणाधीन पांच प्रोजेक्ट्स बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
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मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है
शुरुआती रिपोर्टों में कम से कम आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि बाद के अपडेट में मौत का आंकड़ा 22 तक पहुंच गया है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, 157 लोग मारे गए और 750 से अधिक लापता हैं, जिनमें 133 भारतीय नागरिक शामिल हैं।
लंगतांग खोला हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़े 60 लोग संपर्क से बाहर हैं, जिनमें 25 कर्मचारी और 35 मजदूर शामिल हैं, जो सुबह से एक सुरंग में फंसे हुए हैं।
निष्कर्ष
नेपाल के रसुवा जिले में 26 अगस्त 2026 को भीषण बाढ़ ने तबाही मचाई है, जिसमें कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स बह गए हैं। 291 विदेशी नागरिक लापता हैं, जिनमें 105 भारतीय पर्यटक शामिल हैं। मौत का आंकड़ा 22 से 157 तक बताया जा रहा है।
नेपाल सरकार ने भारत से मदद मांगी है और बचाव कार्य में 15 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं। सीसीटीवी फुटेज में लोग जान बचाने के लिए भागते हुए दिखाई दे रहे हैं, जो इस त्रासदी की भयावहता को दर्शाता है।

