Criticized To E20 Petrol – ई-20 पेट्रोल की अनिवार्यता के खिलाफ आम आदमी पार्टी का आंदोलन तेज हो गया है। मंगलवार को अरविंद केजरीवाल 2.33 लाख से अधिक हस्ताक्षरित ज्ञापनों के साथ प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करने निकले, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया और सड़क पर ही धरना देना पड़ा…
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मार्च क्यों निकाला गया
AAP का कहना है कि केंद्र सरकार ने E20 पेट्रोल को जबरन थोपा है, जिससे करोड़ों वाहन मालिक परेशान हैं। पार्टी ने दावा किया कि इससे वाहनों का माइलेज कम हो रहा है, इंजन में खराबी आ रही है और सर्विसिंग का खर्च बढ़ गया है।
केजरीवाल के साथ मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और अन्य नेता मौजूद थे। उन्होंने कहा कि एक महीने पहले उन्होंने प्रधानमंत्री से समय मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
पुलिस ने क्यों रोका
दिल्ली पुलिस ने फिरोज शाह रोड पर बैरिकेडिंग कर दी और कहा कि पीएम आवास की ओर कोई मार्च नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी और BNSS की धारा 163 का हवाला देते हुए आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
इसके बाद केजरीवाल और अन्य AAP नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। देर शाम पुलिस द्वारा सभी पिटीशन को प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाने के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ।
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केजरीवाल के मुख्य आरोप
धरने के दौरान केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उनका कहना था कि सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में अमेरिका से मक्का और इथेनॉल खरीदकर भारत के लोगों पर थोप रही है।
उनका दावा था कि सरकार ने खुद संसद में स्वीकार किया है कि E20 से वाहनों का माइलेज कम होता है और इंजन के रबर वाले पार्ट्स खराब होते हैं। फिर भी इसे जबरन क्यों थोपा जा रहा है, यह सवाल उन्होंने उठाया।
संजय सिंह और सिसोदिया के बयान
संजय सिंह ने कहा कि अमेरिका के दबाव में केंद्र सरकार ने देश का स्वाभिमान और 30 करोड़ वाहनों का भविष्य संकट में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका से लगभग 22 हजार करोड़ रुपये का इथेनॉल खरीदने की तैयारी है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि E20 के कारण देश के करोड़ों वाहन चालक परेशान हैं। लोगों की गाड़ियों का माइलेज घट गया है, इंजन में खराबी आ रही है और सर्विसिंग का खर्च काफी बढ़ गया है।
जनता की दो प्रमुख मांगें
AAP द्वारा प्रधानमंत्री को भेजी गई 2,33,238 नागरिकों की याचिका में मुख्य रूप से दो मांगें रखी गई हैं। पहली मांग है कि सभी पेट्रोल पंपों पर E20 के साथ-साथ शुद्ध पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि लोग अपने वाहन के अनुसार ईंधन चुन सकें।
दूसरी मांग है कि E20 पेट्रोल की कम कैलोरीफिक वैल्यू और कम माइलेज को देखते हुए इसकी कीमतों में कमी की जाए, ताकि जनता से खराब ईंधन के लिए पूरा पैसा न वसूला जाए।
आगे का प्लान
केजरीवाल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने E20 की अनिवार्यता को वापस नहीं लिया, तो देश भर में बड़ा जनांदोलन खड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा में E20 को वापस लेने का प्रस्ताव पारित हो चुका है और गुजरात, गोवा और जम्मू-कश्मीर में भी आप के विधायक E20 के विरोध में प्रस्ताव लाएंगे।
निष्कर्ष
संक्षेप में, E20 पेट्रोल के विरोध में AAP का प्रदर्शन तेज हो गया है और केजरीवाल का पीएम आवास तक मार्च पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद सड़क पर ही धरना देना पड़ा।
