Complaints Related To Toll Plazas – पिछले तीन सालों में टोल प्लाजा से जुड़ी शिकायतों का सबसे बड़ा बोझ दिल्ली पर रहा, जहां 19,461 शिकायतें दर्ज हुईं। उसके बाद गुजरात (11,026), राजस्थान (8,837) और उत्तर प्रदेश (8,697) का नंबर आता है….

सबसे ज्यादा मारपीट कहां?

आपके सवाल का सीधा जवाब यह है कि उपलब्ध सरकारी आंकड़ों में राज्य-स्तर पर दिल्ली सबसे ऊपर है, लेकिन एक-एक टोल प्लाजा के स्तर पर सबसे ज्यादा मारपीट का नाम इस खबर में साफ नहीं दिया गया है।

जो उदाहरण सामने आए हैं, उनमें अलग-अलग जगहों पर झड़पें और हिंसा दर्ज हुई हैं जैसे दिल्ली-गुरुग्राम के खेरकी दाula टोल पर बार-बार विवाद की चर्चा और उत्तर प्रदेश के बाराबंकीग्रेटर नोएडा जैसे टोल प्लाजा पर हिंसक घटनाओं की रिपोर्ट।

सरकारी आंकड़ों का मतलब

लोकसभा में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन सालों में टोल प्लाजा से जुड़ी 85 हजार से ज्यादा शिकायतें आईं, जिनमें स्टाफ के दुर्व्यवहार, शारीरिक हमले और लंबी प्रतीक्षा जैसी समस्याएं थीं। सरकार ने बताया कि इन मामलों में ज्यादातर का निपटारा कर दिया गया है।

मंत्रालय के अनुसार, टोल ऑपरेटरों पर भी कार्रवाई की गई — 146 शो-कॉज नोटिस, 5.53 करोड़ रुपये का जुर्माना, और 3 अनुबंध समाप्त किए गए।

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Complaints Related To Toll Plazas
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किन राज्यों में स्थिति ज्यादा खराब?

दिल्ली, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में शिकायतों की संख्या सबसे अधिक रही। इसके अलावा कर्नाटक, पंजाब, बिहार, केरल, मध्य प्रदेश, असम और आंध्र प्रदेश से भी हजारों शिकायतें दर्ज हुईं।

सरकार का दावा है कि कई राज्यों में 100% शिकायतों का समाधान हो चुका है, जबकि कुल लंबित मामले बहुत कम बचे हैं।

टोल विवाद क्यों बढ़ते हैं?

टोल प्लाजा पर विवाद आम तौर पर तीन वजहों से बढ़ते हैं: लंबा इंतजार, स्टाफ का व्यवहार, और FASTag या भुगतान को लेकर झगड़ा। कुछ मामलों में बात गाली-गलौज से मारपीट तक पहुंच जाती है।

यही वजह है कि टोल पर सिर्फ वसूली नहीं, बल्कि सेवा और व्यवहार की गुणवत्ता भी बड़ा मुद्दा बन गई है।

निष्कर्ष

अगर राज्य-स्तर पर पूछा जाए, तो दिल्ली में सबसे ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं। लेकिन अगर आप एक खास टोल प्लाजा के बारे में पूछ रहे हैं, तो इस खबर के आधार पर किसी एक टोल को “सबसे ज्यादा मारपीट वाला” घोषित नहीं किया जा सकता।

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