Ali Khamenei’s Final Journey – तेहरान में अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के दौरान भारी भीड़, गर्मी और सुरक्षा जोखिमों को लेकर चिंता जताई गई है। जर्मन अखबार डाई वेल्ट के हवाले से दावा किया गया है कि ईरानी अधिकारियों ने 1500 से 3000 मौतों की आशंका के हिसाब से तैयारी की है…
Table of Contents
क्यों बढ़ी चिंता?
रिपोर्ट के मुताबिक, अंतिम यात्रा के लिए काफी बड़ी भीड़ आने की उम्मीद है और इसी वजह से:
- कुचलने की घटनाओं का खतरा है।
- गर्मी से बेहोशी या मौत का जोखिम है।
- सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बढ़ाई गई है।
अधिकारियों ने कथित तौर पर बेहेश्त-ए-जहरा कब्रिस्तान में हजारों नई कब्रें तैयार की हैं और भीड़ संभालने के लिए विशेष यूनिट बनाई गई है।
Also Read – शादी में पहुंचे राज ठाकरे, सोशल मीडिया पर आई गालियों की बाढ़, यूजर्स बोले- शर्म नहीं आती, कैसे हिंदू हो?
क्या-क्या तैयारी की गई है?
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान ने:
- हजारों बसों की व्यवस्था की है।
- फ्री मेट्रो और बस सेवा शुरू की है।
- अस्थायी रसोई बनाई है।
- स्कूलों और मस्जिदों में ठहरने की व्यवस्था की है।
तेहरान में अकेले 2 करोड़ लोगों के पहुंचने का दावा भी किया जा रहा है।
पहले भी ऐसे हादसे हुए हैं
ईरान में बड़े जनाजों या सार्वजनिक शोक कार्यक्रमों में पहले भी भगदड़ और मौतें हो चुकी हैं।
उदाहरण के लिए:
- 1989 में खोमैनी की अंतिम यात्रा के दौरान भी भारी अव्यवस्था हुई थी।
- 2020 में कासिम सुलेमानी की अंतिम यात्रा में 56 लोगों की मौत की खबर आई थी।
क्या यह सच है?
जो जानकारी सामने आई है, वह एक रिपोर्ट आधारित दावा है, इसलिए इसे पूरी तरह आधिकारिक पुष्टि नहीं माना जा सकता। हालांकि, भीड़, गर्मी और क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए ईरान की तरफ से व्यापक तैयारियां करना स्वाभाविक माना जा रहा है।
खर्च और नाराजगी
रिपोर्ट में यह भी दावा है कि इस पूरे कार्यक्रम पर काफी बड़ा खर्च किया जा रहा है, जबकि देश पहले से आर्थिक मुश्किलों से गुजर रहा है। इसी वजह से कुछ जगहों पर लोगों में नाराजगी भी बताई जा रही है।
कुल मिलाकर, यह मामला ईरान में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और राजनीतिक तनाव तीनों को लेकर चिंता बढ़ाने वाला है।
Watch Viral Reels – https://www.instagram.com/factsmedia08

