Middle East-India Deepwater Pipeline – केंद्र सरकार ने मंगलवार को उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिसमें दावा था कि भारत के गुजरात से ओमान और अन्य खाड़ी देशों के बीच गहरे पानी में एनर्जी पाइपलाइन विकसित करने पर काम कर रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा: “ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है….
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‘मिडिल ईस्ट-इंडिया डीपवॉटर पाइपलाइन’ (MEIDP)
रिपोर्ट्स का दावा
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पाइपलाइन | मिडिल ईस्ट-इंडिया डीपवॉटर पाइपलाइन (MEIDP) |
| लंबाई | 2000Km |
| जोड़ | गुजरात ↔ ओमान + खाड़ी देश |
| स्थान | गहरे पानी में |
इन रिपोर्ट्स में कहा गया था कि भारत सरकार ‘मिडिल ईस्ट-इंडिया डीपवॉटर पाइपलाइन’ (MEIDP) नाम की एक डीप-सी एनर्जी पाइपलाइन बनाने पर तेजी से काम कर रही है, जो गुजरात को ओमान और खाड़ी के अन्य देशों से जोड़ेगी।
मंत्रालय का बयान:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रस्ताव | कोई नहीं विचाराधीन |
| चर्चा | ओमान/खाड़ी से नहीं |
| बातचीत | किसी स्तर पर नहीं |
| अटकल | खत्म |
मंत्रालय ने बयान में कहा: “पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय साफ तौर पर यह स्पष्ट करना चाहता है कि इस समय मंत्रालय के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।”
“इस प्रोजेक्ट को लेकर ओमान या किसी अन्य खाड़ी देश के साथ मंत्रालय के किसी भी स्तर पर कोई सक्रिय चर्चा या बातचीत नहीं हो रही है।”
मंत्रालय ने आगे कहा: “यह स्पष्टीकरण इस मामले से जुड़ी सभी अटकलों को खत्म करने के लिए जारी किया गया है।”
भारत आया एलएनजी शिप ‘दिशा’
शिप विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाम | ‘दिशा’ |
| झंडा | माल्टा |
| स्थान | होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित |
| लोड | 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी |
| गंतव्य | गुजरात, दहेज |
| पहुंच | 18 जून भारत |
भारत लगातार मध्य पूर्व से ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है।
माल्टा के झंडे वाला एलएनजी कैरियर ‘दिशा’ सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरा।
यह जहाज गुजरात के दहेज के लिए 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी लेकर जा रहा है और इसके 18 जून को भारत पहुंचने की उम्मीद है।
प्रबंधन
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| ग्रुप | शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व |
इस जहाज का प्रबंधन शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाला एक ग्रुप कर रहा है।
नाविक सुरक्षा:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| सुरक्षा | भारतीय नाविकों की |
| भलाई | सुनिश्चित |
| मदद | हर तरह की |
| संपर्क | विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशन, शिपिंग कंपनियां |
सरकार ने कहा कि वह भारतीय नाविकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने और उन्हें हर तरह की मदद देने के लिए विदेश मंत्रालय, विदेशों में भारतीय मिशनों, शिपिंग कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है।
बंदरगाहों का कामकाज सामान्य
पूरे भारत में बंदरगाहों का कामकाज सामान्य है।
ओमान तट हमला
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| जहाज | ‘एमटी सेटेबेलो’ |
| स्थान | ओमान के तट |
| हमला | अमेरिकी सेना |
| मौत | 3 भारतीय नाविक |
ओमान के तट पर एक कमर्शियल जहाज ‘एमटी सेटेबेलो’ पर अमेरिकी सेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के कुछ दिनों बाद।
DGS सलाह
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| एजेंसी | डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DGS) |
| सलाह | मध्य पूर्व संघर्ष वाले इलाकों में नाविक तैनाती न करें |
| समय | अगले आदेश तक |
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DGS) ने शिपिंग कंपनियों और समुद्री भर्ती व प्लेसमेंट एजेंसियों को सलाह दी है कि वे अगले आदेश तक मध्य पूर्व के संघर्ष वाले इलाकों में भारतीय नाविकों की तैनाती न करें।
ओमान-गुजरात पाइपलाइन: मुख्य तथ्य सारांश
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| रिपोर्ट | MEIDP, 2000Km, गहरे पानी |
| जोड़ | गुजरात ↔ ओमान + खाड़ी |
| मंत्रालय | कोई प्रस्ताव नहीं |
| चर्चा | ओमान/खाड़ी से नहीं |
| एलएनजी | ‘दिशा’, 62,370 टन, 18 जून |
| होर्मुज | सुरक्षित गुजरा |
| बंदरगाह | सामान्य |
| हमला | MT सेटेबेलो, 3 नाविक मौत |
| DGS | मध्य पूर्व में तैनाती न करें |
निष्कर्ष
- सपना टूटा: ओमान-गुजरात 2000Km पाइपलाइन, MEIDP, कोई प्रस्ताव नहीं।
- पेट्रोलियम मंत्रालय: कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं, ओमान/खाड़ी चर्चा नहीं, अटकल खत्म।
- दिशा’: माल्टा झंडा, होर्मुज से सुरक्षित, 62,370 टन एलएनजी, दहेज, 18 जून भारत।
- शिपिंग कॉर्पोरेशन: नेतृत्व ग्रुप, नाविक सुरक्षा+भलाई, विदेश मंत्रालय+मिशन+संपर्क।
- दरगाह: पूरे भारत सामान्य।
- हमला: ओमान तट, MT सेटेबेलो, अमेरिकी सेना, 3 भारतीय नाविक मौत।
- DGS सलाह: अगले आदेश तक मध्य पूर्व संघर्ष वाले इलाकों में नाविक तैनाती न करें।
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