Rahul Rathore and Meenu Rathore Case – गुरुग्राम के राहुल राठौर और उनकी पत्नी मीनू राठौर पिछले पांच महीनों से इसी सवाल का जवाब तलाश रहे हैं: “हमारे बच्चे कहां हैं?”

दंपति का दावा है कि IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) तकनीक के जरिए पैदा हुई उनकी जुड़वां बच्चियां बायोलॉजिकली उनकी संतान नहीं हैं।


मां-पिता से नहीं मैच

इलाज की शुरुआत:

विवरणजानकारी
समयदिसंबर 2024
स्थानदिल्ली, ग्रेटर कैलाश, SCI IVF हॉस्पिटल
भरोसाकेवल राहुल के स्पर्म, मीनू के एग्स

इंडिया टुडे से जुड़े अंशुल सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, दंपति ने दिसंबर 2024 में दिल्ली के ग्रेटर कैलाश स्थित SCI IVF हॉस्पिटल में इलाज शुरू कराया था।

दंपति का कहना है कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि IVF प्रक्रिया में केवल राहुल के स्पर्म और मीनू के एग्स का इस्तेमाल किया जाएगा।

जन्म:

विवरणजानकारी
तारीख5 जनवरी 2026
स्थानद्वारका, निजी अस्पताल
बच्चेजुड़वां बच्चियां

इलाज सफल रहा और 5 जनवरी 2026 को मीनू ने द्वारका के एक निजी अस्पताल में जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया।

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मामला कैसे खुलाDNA टेस्ट फैसला

शुरुआत:

विवरणजानकारी
सवालबच्चियों की शक्ल-सूरत
परिवारकिसी सदस्य से मेल नहीं
फैसलाDNA टेस्ट

सब खुश थे लेकिन कुछ समय बाद परिवार के कुछ लोगों ने बच्चियों की शक्ल-सूरत को लेकर सवाल उठाने शुरू किए। राहुल और मीनू का कहना है कि बच्चियों की शक्ल परिवार के किसी भी सदस्य से मेल नहीं खा रही थीं। दंपति ने 8 जनवरी 2026 को दो अलग-अलग निजी लैब में DNA टेस्ट के लिए सैंपल दिए।

DNA रिजल्ट:

तारीखरिजल्ट
10 जनवरीमां से नहीं मैच
14 जनवरीपिता से नहीं मैच

10 और 14 जनवरी 2026 को DNA रिपोर्ट में ये सामने आया कि बच्चियों का DNA न तो मां से मैच कर रहा था और न ही पिता से। यहीं से मामला गंभीर हो गया।


अस्पताल पर आरोप

आरोप:

आरोपविवरण
अदला-बदलीबच्चों की
दबानामामले को
ऑफरकरोड़ों रुपये
धमकीमिली

राहुल और मीनू का आरोप है कि DNA रिपोर्ट सामने आने के बाद उन्होंने IVF सेंटर और डिलीवरी कराने वाले अस्पताल से संपर्क किया।

लेकिन उनकी शिकायत को गंभीरता से लेने के बजाय उन पर ही सवाल उठाए गए। दंपति का दावा है कि जब उन्होंने लिखित जवाब मांगा तो उन्हें चुप रहने के लिए करोड़ो रुपए का प्रस्ताव दिया गया। जब उन्होंने समझौता करने से इनकार कर दिया तो उन्हें धमकियां मिलने लगीं।

मीनू का मकसद:

मकसदविवरण
फंसानानहीं
ढूंढनाबायोलॉजिकल बच्चे
जुड़ावभावनात्मक दोनों बच्चियों से

मीनू राठौर का कहना है कि उनका मकसद किसी को फंसाना नहीं है। वो सिर्फ अपने बायोलॉजिकल बच्चों को ढूंढना चाहती हैं।

वो उन दोनों बच्चियों से भी भावनात्मक रूप से जुड़ चुकी हैं, जिन्हें उन्होंने जन्म दिया है। लेकिन साथ ही वो ये भी जानना चाहती हैं कि उनका बायोलॉजिकल बच्चा कहां है।


क्या बच्चों की अदला-बदली हुई है

राहुल का आरोप:

विकल्पविवरण
1. भ्रूणIVF प्रक्रिया के दौरान बदला
2. जन्म बादबच्चों की अदला-बदली
3. ट्रैफिकिंगचाइल्ड ट्रैफिकिंग आशंका

राहुल राठौर का आरोप है कि या तो IVF प्रक्रिया के दौरान भ्रूण बदल गया, या फिर जन्म के बाद बच्चों की अदला-बदली हुई। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में यहां तक कहा कि उन्हें चाइल्ड ट्रैफिकिंग की आशंका है।

जांच:

पुलिसजांच जारी
स्वास्थ्य विभागजांच जारी

हालांकि, अभी तक किसी जांच एजेंसी ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। [टेक्स्ट स्रोत]

पुलिस जांच कर रही:

तारीखघटना
17 जनवरीपुलिस शिकायत, कार्रवाई नहीं
मार्चअदालत पहुंचे
23 मार्चमेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट: FIR आदेश
30 मार्चसाकेत कोर्ट: FIR+जांच
5 जूनसाकेत коर्ट: याचिका खारिज, अनियमितता

17 जनवरी 2026 को दंपति ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

फिर उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) से शिकायत की।

लेकिन उन्हें कहीं से कोई जवाब नहीं मिला।

मार्च 2026 दंपति अदालत पहुंचे।

23 मार्च 2026 को दिल्ली की मेट्रोपॉলिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया।

कोर्ट ने चाइल्ड ट्रैफिकिंग और अपहरण जैसी संभावनाओं की जांच की जरूरत बताई।

फिर 30 मार्च 2026 को साकेत कोर्ट ने भी FIR दर्ज कर जांच शुरू करने का निर्देश दिया।

SCI IVF हॉस्पिटल ने कोर्ट के आदेश को चुनौती दी।

लेकिन 5 जून 2026 को साकेत कोर्ट ने अस्पताल की याचिका खारिज कर दी और कहा कि रिकॉर्ड में अनियमितताएं पाई गईं हैं, इसलिए पुलिस जांच जरूरी है।

मामला दर्ज:

विवरणजानकारी
स्थानग्रेटर कैलाश थाने
धाराART Act, 2021, धोखाधड़ी
प्रोग्रेस2 महीने कोई खास नहीं

कोर्ट के आदेश पर ग्रेटर कैलाश थाने में ART (Assisted Reproductive Technology) Act, 2021 और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज हुआ। लेकिन दंपति का आरोप है कि FIR दर्ज होने के दो महीने बाद भी जांच में कोई खास प्रोग्रेस नहीं हुई।


दंपति की क्या मांगें हैं

मांगविवरण
1. CCTVफुटेज तुरंत जब्त
2. डेटाबेसइलेक्ट्रॉनिक, सर्वर लॉग साइबर जांच
3. एम्ब्रियोट्रांसफर+स्टोरेज रिकॉर्ड फॉरेंसिक ऑडिट
4. भ्रूणकिस मरीज का, किस तारीख
5. अन्यसंभावित परिवार पहचान

Schlafe की मांग:

  1. IVF सेंटर के CCTV फुटेज तुरंत जब्त किए जाएं।
  2. इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस और सर्वर लॉग की साइबर जांच हो।
  3. एम्ब्रियो ट्रांसफर और स्टोरेज रिकॉर्ड का फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए।
  4. ये पता लगाया जाए कि किस मरीज का भ्रूण किस तारीख को इस्तेमाल किया गया।
  5. संभावित रूप से जुड़े अन्य परिवारों की भी पहचान की जाए।

सोशल मीडिया:

विवरणजानकारी
कारणपुलिस+प्रशासन कार्रवाई नहीं
सहारासोशल मीडिया
वीडियोबच्चियों के साथ, मदद अपील
संपर्क2025 इलाज, जनवरी 2026 जन्म

पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए राहुल और मीनू ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। दोनों ने अपनी बच्चियों के साथ वीडियो बनाकर लोगों से मदद की अपील की।

वीडियो में उन्होंने उन परिवारों से भी संपर्क करने की कोशिश की है, जिन्होंने 2025 में उसी IVF सेंटर में इलाज कराया था या जिनके बच्चों का जन्म जनवरी 2026 के आसपास हुआ था।

राहुल का कहना:

“संभव है किसी अन्य परिवार के पास उनका बायोलॉजिकल बच्चा हो और उनके पास किसी दूसरे परिवार का बच्चा.”


डॉ. आभा मजूमदार: एग+स्पर्म = एम्ब्रियो मैच, SCI IVF मैनजमेंट इंकार

रिपोर्ट के मुताबिक:

विवरणजानकारी
डॉक्टरडॉ. आभा मजूमदार
अस्पतालसर गंगा राम, सेंटर ऑफ आईवीएफ एंड ह्यूमन रिप्रोडक्शन
पदडायरेक्टर

सर गंगा राम अस्पताल के सेंटर ऑफ आईवीएफ एंड ह्यूमन रिप्रोडक्शन की डायरेक्टर डॉ. आभा मजूमदार ने बताया कि अगर मां का एग और पिता का स्पर्म यूज हुआ है तो वो एम्ब्रियो मदर-फादर से मैच करेगा।

SCI IVF मैनजमेंट:

विवरणजानकारी
रिपोर्टरअंशुल सिंह, इंडिया टुडे
स्थानग्रेटर कैलाश, SCI IVF हॉस्पिटल
प्रतिक्रियाबात करने से इंकार

वहीं, जब इस पूरे मामले को लेकर इंडिया टुडे के रिपोर्टर अंशुल सिंह ने दिल्ली के ग्रेटर कैलाश स्थित एससीआई आईवीएफ हॉस्पिटल के मैनजमेंट से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने बात करने से इंकार कर दिया।


IVF जुड़वां DNA टेस्ट

पहलूविवरण
दंपतिराहुल+मीनू राठौर, गुरुग्राम
समय5 महीने सवाल
IVFदिसंबर 2024, SCI IVF, ग्रेटर कैलाश
जन्म5 जनवरी 2026, जुड़वां बच्चियां, द्वारका
DNA8 जनवरी सैंपल, 10+14 जनवरी रिजल्ट
रिजल्टमां से नहीं, पिता से नहीं
आरोपअदला-बदली, दबाना, करोड़ों, धमकी
भ्रूणIVF दौरान बदला या जन्म बाद
ट्रैफिकिंगचाइल्ड आशंका
जांचपुलिस+स्वास्थ्य, 2 महीने प्रोग्रेस नहीं
FIR23 मार्च+30 मार्च, 5 जून याचिका खारिज
धाराART Act 2021, धोखाधड़ी
मांगCCTV, डेटाबेस, एम्ब्रियो, भ्रूण, अन्य
सोशलवीडियो, 2025 इलाज, जनवरी 2026 जन्म
डॉक्टरडॉ. आभा मजूमदार, एग+स्पर्म=मैच
मैनजमेंटSCI IVF, बात इंकार

निष्कर्ष

IVF से जुड़वां, DNA टेस्ट रिजल्ट देख फैमिली हिल गई: बायोलॉजिकली नहीं संतान।

मुख्य तथ्य

  • राहुल+मीनू: 5 महीने सवाल, IVF dिसंबर 2024, 5 जनवरी जुड़वां, 8 जनवरी DNA, 10+14 जनवरी नहीं मैच।
  • आरोप: अदला-बदली, मामला दबाना, करोड़ों ऑफर, धमकाना।
  • भ्रूण: IVF दौरान बदला या जन्म बाद अदला-बदली, चाइल्ड ट्रैफिकिंग।
  • जांच: 17 जनवरी शिकायत, मार्च अदालत, 23+30 मार्च FIR, 5 जून याचिका खारिज, अनियमितता, ART Act 2021, 2 महीने नहीं।
  • मांग: CCTV जब्त, डेटाबेस साइबर, एम्ब्रियो फॉरेंसिक, भ्रूण तारीख, अन्य परिवार, सोशल वीडियो, 2025, जनवरी 2026।
  • डॉ. आभा: एग+स्पर्म = एम्ब्रियो मैच।
  • SCI IVF: मैनजमेंट बात इंकार।

Watch Viral Reels – https://www.instagram.com/factsmedia08

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