One Slap for Every Sorry – ग्रेटर नोएडा के दादरी थानाक्षेत्र में स्थित बेनेट विश्वविद्यालय में छात्रा से रैगिंग का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 3 मिनट 17 सेकेंड का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक छात्रा, सामने बैठी दूसरी छात्रा को कई बार थप्पड़ मारती और गालियां देती दिख रही है। इस घटना ने न केवल कैंपस बल्कि पूरे देश में गुस्से की लहर पैदा कर दी है।
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वायरल वीडियो में क्या दिखा — पूरी घटना
करीब 3 मिनट 17 सेकेंड के इस वायरल वीडियो में छात्राओं के बीच बातचीत के बाद एक लड़की को दूसरी छात्रा को मारने के लिए उकसाया जाता है। इस वीडियो में दिखाई दे रहा है कि पहले वे आपस में बात करती हैं और फिर एक लड़की कहती है — “इसे थप्पड़ मार।” उस छात्रा को किसी चीज के लिए माफी मांगने के लिए मजबूर किया जाता है और एक छात्रा कहती है — “हर बार सॉरी बोलने पर एक थप्पड़।”
इसके बाद छात्रा पीड़िता के बाल खींचकर थप्पड़ मारती है। पीड़िता खुद को बचाने की कोशिश करती है लेकिन दूसरी छात्रा उसके हाथ पकड़ लेती है।
वीडियो में हॉस्टल में कुछ छात्राएं बातचीत कर रही हैं। एक लड़की, पास में ही काले रंग के टॉप में खड़ी लड़की को उसके पिता पर कुछ गलत टिप्पणी करने की बात कहकर उकसाते हुए उसे लाल रंग के टॉप में बिस्तर में बैठी छात्रा को मारने के लिए बोलती है। तभी वीडियो बना रही लड़की भी उसे उकसाती है। इस दौरान तालियां बजाकर भी उकसाया जाता है।
काले रंग के टॉप पहनी छात्रा, बिस्तर पर बैठी छात्रा के दोनों हाथ पकड़कर उसे करीब सात बार थप्पड़ मारती है। इसके बाद छात्रा गालियां देती है। साथ ही उसके पिता के बारे में गलत बोलने का आरोप भी लगाती है और परिवार की इज्जत पर भी सवाल उठाती है।
यूनिवर्सिटी ने तुरंत लिया एक्शन
वीडियो के वायरल होते ही यूनिवर्सिटी प्रशासन में हड़कंप मच गया। यूनिवर्सिटी में छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने सख्त कदम उठाते हुए मारपीट करने वाली, वीडियो बनाने वाली और अन्य शामिल छात्राओं को निष्कासित कर दिया है। साथ ही उनके अभिभावकों को भी सूचना दे दी गई है।
इसके साथ ही इस मामले की जांच के लिए यूनिवर्सिटी ने एक आंतरिक जांच समिति का गठन कर दिया है। यूनिवर्सिटी ने इसे आपसी विवाद बताया और आरोपी छात्रा को निष्कासित कर दिया है।
पुलिस क्या कह रही है?
दादरी क्षेत्र की एसीपी प्रशाली गंगवार के अनुसार, वायरल वीडियो करीब 4 से 5 दिन पुराना बताया जा रहा है। हालांकि अब तक न तो यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर से और न ही पीड़ित छात्रा की तरफ से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है।
पुलिस के अनुसार अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। पुलिस फिलहाल जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। उन्होंने साफ कहा है कि यदि कोई शिकायत मिलती है तो तथ्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रैगिंग है या निजी विवाद — बड़ा सवाल
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि यह मामला रैगिंग का है या फिर छात्राओं के बीच किसी निजी झगड़े का परिणाम।
जांच समिति वीडियो की सत्यता, घटना का समय और स्थान, तथा इसमें शामिल छात्राओं की पहचान की पुष्टि करेगी। जांच के लिए पांच दिनों का समय तय किया गया है, जिसके बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह संगठित रैगिंग का मामला है या व्यक्तिगत विवाद।
हालांकि चाहे यह रैगिंग हो या निजी विवाद — हॉस्टल के कमरे में एक लड़की को घेरकर उसे थप्पड़ मारना, बाल खींचना और गालियां देना — यह हर स्थिति में अपराध है।
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छात्र-अभिभावकों में गहरा आक्रोश
मामला सामने आने के बाद छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि यह केवल रैगिंग नहीं, बल्कि खुलेआम उत्पीड़न और अनुशासनहीनता का गंभीर मामला है। कई छात्राओं ने असुरक्षा की भावना जताते हुए कैंपस में डर का माहौल होने की बात कही है।
छात्र संगठनों ने आरोपियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस से भी मामले में हस्तक्षेप और जांच की मांग उठ रही है।
रैगिंग का कानून — क्या है सजा?
भारत में रैगिंग के खिलाफ सख्त कानून मौजूद हैं :
UGC रैगिंग विरोधी नियमावली के तहत:
- पहली बार : निष्कासन और ₹25,000 जुर्माना
- गंभीर रैगिंग : IPC धारा 323, 324, 506 और 34 के तहत FIR
- शारीरिक नुकसान होने पर : 3 साल तक की जेल
- मानसिक उत्पीड़न पर : अलग से IT Act की धाराएं
किसी भी रैगिंग की शिकायत UGC हेल्पलाइन 1800-180-5522 पर की जा सकती है।
सोशल मीडिया पर तूफान — लोगों ने क्या कहा?
सोशल मीडिया पर घटना की कड़ी निंदा हो रही है और सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
लोगों के कुछ प्रमुख रिएक्शन:
“यह लड़कियां हैं या गुंडे? कैसे माता-पिता ने पाला है?”
“सिर्फ निष्कासन नहीं — इन पर FIR दर्ज होनी चाहिए।”
“यूनिवर्सिटी का हॉस्टल सुरक्षित नहीं है — बच्चियों को कहां भेजें?”
यह पहली बार नहीं — रैगिंग की बढ़ती घटनाएं
देशभर के शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की घटनाएं चिंताजनक रूप से बढ़ रही हैं। हाल के दिनों में:
- मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग के मामले सामने आए हैं
- IIT और NIT में भी कुछ घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं
- लड़कियों के हॉस्टल में बुलिंग के मामले बढ़ रहे हैं
निष्कर्ष
इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा संस्थानों में रैगिंग और छात्र सुरक्षा जैसे मुद्दों को गंभीर रूप से सामने ला दिया है।
घटना ने एक बार फिर कैंपस सुरक्षा और रैगिंग रोकने के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है और पीड़ित छात्रा को न्याय कब तक मिलता है।
“हर सॉरी पर एक थप्पड़” — यह वाक्य सिर्फ एक वीडियो का हिस्सा नहीं है, यह उस बीमार मानसिकता का प्रतीक है जो ताकत के नशे में दूसरों को कुचलने में आनंद लेती है। यूनिवर्सिटी ने निष्कासन का कदम उठाया, लेकिन यह काफी नहीं है। FIR, कानूनी कार्रवाई और कैंपस में मजबूत सुरक्षा तंत्र — यह तीनों जरूरी हैं।
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